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नवमी पर उमड़ी आस्था, गूंजे जयकारे, भंडारों की धूम
Etawah
Updated Mon, 14 Oct 2013 05:40 AM IST
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इटावा। नवरात्र की नवमी पर सुबह से रात तक देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। जगह-जगह भंडारे हुए। मंदिरों में भक्तों ने झंडे एवं जवारे भी चढ़ाए। पूरा जिला माता रानी की भक्ति में सुबह से ही लीन नजर आया।
शहर के कालीवाहन मंदिर में सबसे ज्यादा भक्त उमड़े। भोर से ही स्थिति यह रही कि मंदिर में पैर रखने की जगह के लिए मशक्कत करनी पड़ी। भक्तों ने मंदिर पर जवारे एवं झंडे चढ़ाए। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण इटावा-ग्वालियर हाइवे पर दिनभर जाम के हालात रहे।
इसी तरह लखना के कालका देवी मंदिर भी देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। इटावा सहित आसपास के जिलों से आए देवी भक्तों ने विधि विधान के साथ पूजा की और मनौतियां मांगीं। दिनभर मंदिर में झंडे एवं जवारे चढ़ाने का दौर चलता रहा। जसवंतनगर क्षेत्र के ब्रह्माणी देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। झंडे व जवारे लेकर भक्त देवी गीतों पर नाचते-झूमते मंदिर पहुंचे। पुराना भरथना स्थित दुर्गा मंदिर में भी भक्तों की भीड़ लगी रही। इसके साथ ही जिले भर के छोटे-बड़े देवी मंदिरों व घर-घर में पूरे मातारानी की आराधना की गई।
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नवमी होने के कारण जिले भर में भंडारे हुए। कालीवाहन मंदिर जाने वाले रास्ते के साथ ही शहर के प्रत्येक रास्ते पर जगह-जगह मातारानी के भंडारे लगे। प्रधान डाकघर के सामने स्थित हनुमान मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बृजेश मिश्रा, ऋषि चतुर्वेदी, शुभम द्विवेदी, सुभाष दद्दा, संजीव चतुर्वेदी, नन्ने गुप्ता, रोहित शुक्ला आदि का सहयोग रहा।
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-कन्या-लांगुरिया को रही मारामारी
नवमी को लेकर घर-घर में कन्या-लांगुरियों को भोज कराया गया। स्थिति यह रही कि कन्या लांगुरियों को लेकर दिनभर मारामारी रही। पहले कन्या भोज कराने के लिए सुबह से ही भक्त कन्याओं व लांगुरियों की तलाश में दिखाई दिए। प्रमुख मंदिरों में भी भक्तों ने कन्या भोज कराया। कन्या भोज में जलेबी, दही का चलन होने के कारण दही-जलेबी के लिए भी दुकानों पर मारामारी रही।
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शहर के कालीवाहन मंदिर में सबसे ज्यादा भक्त उमड़े। भोर से ही स्थिति यह रही कि मंदिर में पैर रखने की जगह के लिए मशक्कत करनी पड़ी। भक्तों ने मंदिर पर जवारे एवं झंडे चढ़ाए। श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण इटावा-ग्वालियर हाइवे पर दिनभर जाम के हालात रहे।
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इसी तरह लखना के कालका देवी मंदिर भी देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। इटावा सहित आसपास के जिलों से आए देवी भक्तों ने विधि विधान के साथ पूजा की और मनौतियां मांगीं। दिनभर मंदिर में झंडे एवं जवारे चढ़ाने का दौर चलता रहा। जसवंतनगर क्षेत्र के ब्रह्माणी देवी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। झंडे व जवारे लेकर भक्त देवी गीतों पर नाचते-झूमते मंदिर पहुंचे। पुराना भरथना स्थित दुर्गा मंदिर में भी भक्तों की भीड़ लगी रही। इसके साथ ही जिले भर के छोटे-बड़े देवी मंदिरों व घर-घर में पूरे मातारानी की आराधना की गई।
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नवमी होने के कारण जिले भर में भंडारे हुए। कालीवाहन मंदिर जाने वाले रास्ते के साथ ही शहर के प्रत्येक रास्ते पर जगह-जगह मातारानी के भंडारे लगे। प्रधान डाकघर के सामने स्थित हनुमान मंदिर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बृजेश मिश्रा, ऋषि चतुर्वेदी, शुभम द्विवेदी, सुभाष दद्दा, संजीव चतुर्वेदी, नन्ने गुप्ता, रोहित शुक्ला आदि का सहयोग रहा।
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-कन्या-लांगुरिया को रही मारामारी
नवमी को लेकर घर-घर में कन्या-लांगुरियों को भोज कराया गया। स्थिति यह रही कि कन्या लांगुरियों को लेकर दिनभर मारामारी रही। पहले कन्या भोज कराने के लिए सुबह से ही भक्त कन्याओं व लांगुरियों की तलाश में दिखाई दिए। प्रमुख मंदिरों में भी भक्तों ने कन्या भोज कराया। कन्या भोज में जलेबी, दही का चलन होने के कारण दही-जलेबी के लिए भी दुकानों पर मारामारी रही।