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लेखपालों की हड़ताल से अटके 415 सामान्य निवास व 1144 जाति प्रमाण पत्र
Updated Sat, 28 Oct 2017 10:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उम्मीदवार टिकट के लिए पार्टी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, 12 दिन से चल रही लेखपालों की हड़ताल से पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के नामांकन पर संकट मंडरा रहा है।
गौरतलब है कि लेखपाल छह सूत्री मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। जिले की तीन तहसीलों में गत 17 अक्तूबर से हड़ताल के चलते इन तीनों तहसीलों में 415 सामान्य निवास प्रमाण पत्र और 1144 जाति प्रमाण पत्रों पर किसी भी लेखपाल ने रिपोर्ट नहीं लगाई है। इनमें से इटावा तहसील में 50 सामान्य निवास प्रमाण पत्र, 447 जाति प्रमाण पत्र, भरथना तहसील में 265 सामान्य निवास प्रमाण पत्र और 347 जाित प्रमाण पत्र तथा जसवंतनगर तहसील में 100 सामान्य प्रमाण पत्र और 350 जाति प्रमाण पत्र लेखपाल की रिपोर्ट लगने का इंतजार कर ररहे हैं। उधर, लेखपालों की हड़ताल के कारण चुनाव लड़ने वाले पिछड़ा वर्ग अथवा अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को अपने नामांकन सेट के साथ सामान्य निवास प्रमाण पत्र अथवा जाति प्रमाण पत्र भी लगाना जरूरी होता है। ऐसे में जिन लोगों ने अपने इन प्रमाण पत्रों को पहले से बनवा लिया है वह तो खुश हैं लेकिन जो अचानक चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लेखपाल राजेश यादव ने बताया कि लेखपाल छह सूत्री मांगों को लेकर गत 17 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। बताया उनकी मांगों में वेतन संवर्ग में विसंगति दूर किए जाने, लेखपाल का नाम बदल कर संवर्ग राजस्व उप निरीक्षक किए जाने, लेखपालों की शैक्षिक योग्यता को इंटर से बढ़ाकर स्नातक किए जाने, ग्रेड पे दो हजार से बढ़ाकर अट्ठाइस सौ किए जाने तथा महिला लेखपालों की शादी होने के बाद उनका प्रदेश स्तर पर स्थानांतरण किए जाने की मांगे प्रमुख रूप से शामिल हैं।
- लेखपालों की हड़ताल से नामांकन पर संकट
- छह सूत्री मांगों को लेकर 17 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं लेखपाल
- पिछड़े व अनुसूचित जाति उम्मीदवारों के लिए बना चिंता का सबब
- हड़ताल से अटके 415 सामान्य निवास व 1144 जाति प्रमाण पत्र
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इटावा।
निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उम्मीदवार टिकट के लिए पार्टी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, 12 दिन से चल रही लेखपालों की हड़ताल से पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के नामांकन पर संकट मंडरा रहा है।
गौरतलब है कि लेखपाल छह सूत्री मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। जिले की तीन तहसीलों में गत 17 अक्तूबर से हड़ताल के चलते इन तीनों तहसीलों में 415 सामान्य निवास प्रमाण पत्र और 1144 जाति प्रमाण पत्रों पर किसी भी लेखपाल ने रिपोर्ट नहीं लगाई है। इनमें से इटावा तहसील में 50 सामान्य निवास प्रमाण पत्र, 447 जाति प्रमाण पत्र, भरथना तहसील में 265 सामान्य निवास प्रमाण पत्र और 347 जाित प्रमाण पत्र तथा जसवंतनगर तहसील में 100 सामान्य प्रमाण पत्र और 350 जाति प्रमाण पत्र लेखपाल की रिपोर्ट लगने का इंतजार कर ररहे हैं। उधर, लेखपालों की हड़ताल के कारण चुनाव लड़ने वाले पिछड़ा वर्ग अथवा अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को अपने नामांकन सेट के साथ सामान्य निवास प्रमाण पत्र अथवा जाति प्रमाण पत्र भी लगाना जरूरी होता है। ऐसे में जिन लोगों ने अपने इन प्रमाण पत्रों को पहले से बनवा लिया है वह तो खुश हैं लेकिन जो अचानक चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लेखपाल राजेश यादव ने बताया कि लेखपाल छह सूत्री मांगों को लेकर गत 17 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। बताया उनकी मांगों में वेतन संवर्ग में विसंगति दूर किए जाने, लेखपाल का नाम बदल कर संवर्ग राजस्व उप निरीक्षक किए जाने, लेखपालों की शैक्षिक योग्यता को इंटर से बढ़ाकर स्नातक किए जाने, ग्रेड पे दो हजार से बढ़ाकर अट्ठाइस सौ किए जाने तथा महिला लेखपालों की शादी होने के बाद उनका प्रदेश स्तर पर स्थानांतरण किए जाने की मांगे प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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- लेखपालों की हड़ताल से नामांकन पर संकट
- छह सूत्री मांगों को लेकर 17 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं लेखपाल
- पिछड़े व अनुसूचित जाति उम्मीदवारों के लिए बना चिंता का सबब
- हड़ताल से अटके 415 सामान्य निवास व 1144 जाति प्रमाण पत्र