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एक सैंकड़ा किसानों ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को दी जमीन
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बांदा चित्रकूट बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य के लिए जमीन खरीदने के कार्य में तेजी आई है। ताखा तहसील में पंद्रह दिन में सौ किसानों से दो सौ बीघा जमीन एक्सप्रेस वे के लिए बैनामा कराई गई है।
बांदा से चलकर हमीरपुर उरई, जालौन होकर औरैया के रास्ते इटावा जनपद के ताखा तहसील में आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से जुड़ने वाले बांदा चित्रकूट बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए जमीन की खरीद का कार्य ताखा तहसील में काफी तेजी से चल रहा है।
15 दिनों में लगभग 100 किसानों से 200 बीघा जमीन यूपीडा के माध्यम से खरीदी जा चुकी है। तहसीलदार अरविंद कुमार ने किसानों से जमीन खरीदने की जिम्मेदारी संभाल रखी है। किसानों को तहसील परिसर में आकर भटकना न पड़े इसके लिए अलग से कर्मचारियों जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
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यह कर्मचारी बैनामा देने वाले किसानों को पहले पूरी तरह संतुष्ट कर उन्हें समझा देते हैं। जिसके बाद किसान सीधा बैनामा दे देता है। यही कारण है कि अन्य जनपदों को देखते हुए इटावा जनपद के ताखा तहसील में बैनामा का कार्य काफी तेजी से चल रहा है।
तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया ताखा तहसील में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए कुदरैल ताखा शोरो बेलाहार, राजीपुर एवं ककराही, शाहिद सहित कुल छह गांव से लगभग चौदह सौ किसानों की जमीन प्रभावित होनी है।
इसमें ताखा गांव के 350 किसानों को छोड़ अन्य सभी गांव से बैनामा खरीदने की कार्रवाई लगातार चल रही है। किसानों से लगभग 200 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी है। इसमें से अभी तक लगभग 100 किसान अपनी जमीन का बैनामा दे चुके हैं।
लेखपाल अवनीश कुमार ने बताया इस बार किसानों से जमीन खरीदने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है किस किसान की जमीन लिंक मार्ग के पास है एवं किस किसान की जमीन की दर सामान्य है यह सब प्रक्रिया पहले ही पूर्ण की जा चुकी है। इसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी नहीं की जा सकती है।
आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण में खरीदी की जमीन का भाव कम ज्यादा करने का खेल खेला गया था। तमाम किसान ऐसे थे जिन्हें लिंक मार्ग के पास जमीन होने के बाद भी उन्हें रेट नहीं मिल पाया।
जबकि तमाम किसान सामान्य जमीन होने के बाद भी लिंक मार्ग के दर का रेट पा गए, लेकिन इस बार पूरी पारदर्शिता होने के कारण इस तरह का खेल नहीं चल पा रहा है जिससे किसानों से दलाली करने वाले दलालों में हड़कंप है।
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बांदा से चलकर हमीरपुर उरई, जालौन होकर औरैया के रास्ते इटावा जनपद के ताखा तहसील में आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से जुड़ने वाले बांदा चित्रकूट बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए जमीन की खरीद का कार्य ताखा तहसील में काफी तेजी से चल रहा है।
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15 दिनों में लगभग 100 किसानों से 200 बीघा जमीन यूपीडा के माध्यम से खरीदी जा चुकी है। तहसीलदार अरविंद कुमार ने किसानों से जमीन खरीदने की जिम्मेदारी संभाल रखी है। किसानों को तहसील परिसर में आकर भटकना न पड़े इसके लिए अलग से कर्मचारियों जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
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यह कर्मचारी बैनामा देने वाले किसानों को पहले पूरी तरह संतुष्ट कर उन्हें समझा देते हैं। जिसके बाद किसान सीधा बैनामा दे देता है। यही कारण है कि अन्य जनपदों को देखते हुए इटावा जनपद के ताखा तहसील में बैनामा का कार्य काफी तेजी से चल रहा है।
तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया ताखा तहसील में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए कुदरैल ताखा शोरो बेलाहार, राजीपुर एवं ककराही, शाहिद सहित कुल छह गांव से लगभग चौदह सौ किसानों की जमीन प्रभावित होनी है।
इसमें ताखा गांव के 350 किसानों को छोड़ अन्य सभी गांव से बैनामा खरीदने की कार्रवाई लगातार चल रही है। किसानों से लगभग 200 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी है। इसमें से अभी तक लगभग 100 किसान अपनी जमीन का बैनामा दे चुके हैं।
लेखपाल अवनीश कुमार ने बताया इस बार किसानों से जमीन खरीदने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है किस किसान की जमीन लिंक मार्ग के पास है एवं किस किसान की जमीन की दर सामान्य है यह सब प्रक्रिया पहले ही पूर्ण की जा चुकी है। इसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी नहीं की जा सकती है।
आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण में खरीदी की जमीन का भाव कम ज्यादा करने का खेल खेला गया था। तमाम किसान ऐसे थे जिन्हें लिंक मार्ग के पास जमीन होने के बाद भी उन्हें रेट नहीं मिल पाया।
जबकि तमाम किसान सामान्य जमीन होने के बाद भी लिंक मार्ग के दर का रेट पा गए, लेकिन इस बार पूरी पारदर्शिता होने के कारण इस तरह का खेल नहीं चल पा रहा है जिससे किसानों से दलाली करने वाले दलालों में हड़कंप है।