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मरीज को चिकित्सा विवि सैफई में भर्ती कराने का झांसा देकर 75 हजार ठगे
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सैफई (इटावा)। कीडनी की बीमारी के गंभीर मरीज को सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय में बेड और अन्य सुविधाएं दिलाने के नाम पर खुद को डॉक्टर बताने वाले एक व्यक्ति ने तीमारदार से 75 हजार रुपये ठग लिए लेकिन भर्ती नहीं कराया। इस बीच मरीज की हालत बिगड़ गई, परिजन ग्वालियर ले गए, जहां रात में मरीज की मौत हो गई। तीमारदार की तहरीर पर सैफई पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बकेवर थाना क्षेत्र के मेहंदीपुर गांव निवासी दीपक तिवारी ने बताया कि बकेवर निवासी जीजा अश्वनी कुमार दुबे किडनी की बीमारी से ग्रसित थे । दो मई को गले में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर सुधार न होने पर आगरा निवासी खेम सिंह राजपूत से संपर्क किया। आरोप है कि खेम सिंह ने मोबाइल नंबर देकर डॉ. प्रेम प्रताप चौहान से बात करने के लिए कहा।
डॉ. प्रेम ने मरीज को लेकर दो मई को रात साढे़ दस बजे सैफई चिकित्सा विवि के गेट नंबर दो पर बुलाया। दीपक मरीज को लेकर दोस्त प्रशांत शर्मा के साथ वहां पहुंचे और डॉॅ प्रेम को फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
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इस पर मरीज को चिकित्सा विवि में दिखाया। आरोप है कि बेड न होने की बात भर्ती नहीं किया गया। रात भर मरीज स्टेचर पर पड़ा रहा। तीन मई को सुबह दीपक के पास डॉ. प्रेम का फोन आया। उन्होंने कहा कि मरीज का सैफई चिकित्सा विवि में इलाज हो जाएगा। एक डाक्टर, वेंटिलेटर, बेड व ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। एक लाख रुपये खर्च आएगा। मेडिकल कालेज में मरीज के बारे में बता दिया है।
दीपक के अनुसार डा.प्रेम 75 हजार रुपये में राजी हो गए। उनके बताए भारतीय स्टेट बैंक के खाता नंबर में तीन किस्तों में 75 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये खाते में जाने के बाद डॉ. प्रेम ने फोन नहीं उठाया। इसी बीच मरीज की हालत बिगड़ गई तो परिजन ग्वालियर के सर्राफ हॉस्पिटल ले गए। वहां तीन की रात मरीज की मौत हो गई।
दीपक ने बताया कि डॉक्टर से बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग व व्हाट़्सअप चैट उसके पास हैं।
थाना प्रभारी वीरेद्र बहादुर यादव ने बताया कि दीपक की तहरीर पर डॉ. प्रेम प्रताप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, आपदा प्रबंधन, महामारी अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि प्रेम प्रताप नाम का कोई डॉक्टर सैफई मेडिकल कालेज में तैनात है या नहीं। विवेचना दरोगा गणेश गुप्ता को सौंपी गई है।
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बकेवर थाना क्षेत्र के मेहंदीपुर गांव निवासी दीपक तिवारी ने बताया कि बकेवर निवासी जीजा अश्वनी कुमार दुबे किडनी की बीमारी से ग्रसित थे । दो मई को गले में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर सुधार न होने पर आगरा निवासी खेम सिंह राजपूत से संपर्क किया। आरोप है कि खेम सिंह ने मोबाइल नंबर देकर डॉ. प्रेम प्रताप चौहान से बात करने के लिए कहा।
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डॉ. प्रेम ने मरीज को लेकर दो मई को रात साढे़ दस बजे सैफई चिकित्सा विवि के गेट नंबर दो पर बुलाया। दीपक मरीज को लेकर दोस्त प्रशांत शर्मा के साथ वहां पहुंचे और डॉॅ प्रेम को फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
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इस पर मरीज को चिकित्सा विवि में दिखाया। आरोप है कि बेड न होने की बात भर्ती नहीं किया गया। रात भर मरीज स्टेचर पर पड़ा रहा। तीन मई को सुबह दीपक के पास डॉ. प्रेम का फोन आया। उन्होंने कहा कि मरीज का सैफई चिकित्सा विवि में इलाज हो जाएगा। एक डाक्टर, वेंटिलेटर, बेड व ऑक्सीजन की सुविधा मिलेगी। एक लाख रुपये खर्च आएगा। मेडिकल कालेज में मरीज के बारे में बता दिया है।
दीपक के अनुसार डा.प्रेम 75 हजार रुपये में राजी हो गए। उनके बताए भारतीय स्टेट बैंक के खाता नंबर में तीन किस्तों में 75 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये खाते में जाने के बाद डॉ. प्रेम ने फोन नहीं उठाया। इसी बीच मरीज की हालत बिगड़ गई तो परिजन ग्वालियर के सर्राफ हॉस्पिटल ले गए। वहां तीन की रात मरीज की मौत हो गई।
दीपक ने बताया कि डॉक्टर से बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग व व्हाट़्सअप चैट उसके पास हैं।
थाना प्रभारी वीरेद्र बहादुर यादव ने बताया कि दीपक की तहरीर पर डॉ. प्रेम प्रताप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, आपदा प्रबंधन, महामारी अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि प्रेम प्रताप नाम का कोई डॉक्टर सैफई मेडिकल कालेज में तैनात है या नहीं। विवेचना दरोगा गणेश गुप्ता को सौंपी गई है।