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आरपीएफ ने गहने से भरा बैग महिला यात्री को सौंपा
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इटावा। आरपीएफ की तत्परता के चलते एक महिला यात्री का गहनों व नगदी से भरा बैग मिल गया। इसमें करीब साढ़े पांच लाख रुपये का सामान था।
आरपीएफ पोस्ट के एसआई टीएस चाहर ने बताया कि 19039 अवध एक्सप्रेस के बी-1 कोच की सीट नंबर 57 पर रागिनी दीक्षित सफर कर रही थीं। कोटा से इटावा आने और रात 1:48 बजे ट्रेन से उतरने के बाद महिला घर लालपुरा जाने के लिए स्टेशन से कुछ दूरी आगे शास्त्री चौराहे पहुंचे। बैग न होने की जानकारी होने पर स्टेशन लौटीं। आरपीएफ पोस्ट पहुंचकर समस्या बताई। एसआई के अनुसार रागिनी दीक्षित पत्नी प्रतिभा शंकर दीक्षित(स्टेट बैंक के उप प्रबंधक) निवासी लालपुरा ने बताया कि ब्राउन कलर के बैग में दस हजार रुपये, सोने की चार चूड़ियां, सोने का मंगलसूत्र, सोने की दो अंगूठी, कान के सोने के टाप्स, चांदी की दो बिछिया, जरूरी कागजात तथा साढ़े दस हजार की नगदी थी। इन सभी की कीमत पांच लाख पचास हजार रुपये है। इस पर भरथना स्टेशन के आरपीएफ स्टाफ को जानकारी देने के साथ ही इटावा से कांस्टेबल श्याम सिंह, यशवीर सिंह को भरथना भेजा। महिला बैग सीट पर मिलने के बाद दोनों कांस्टेबल ब्राउन कलर के बैग लेकर इटावा आए। रागिनी दीक्षित के सामने बैग खोला गया। सामान दिखाने और उनके पूरी तरह से संतुष्ट होने पर बैग सौंप दिया है।
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आरपीएफ पोस्ट के एसआई टीएस चाहर ने बताया कि 19039 अवध एक्सप्रेस के बी-1 कोच की सीट नंबर 57 पर रागिनी दीक्षित सफर कर रही थीं। कोटा से इटावा आने और रात 1:48 बजे ट्रेन से उतरने के बाद महिला घर लालपुरा जाने के लिए स्टेशन से कुछ दूरी आगे शास्त्री चौराहे पहुंचे। बैग न होने की जानकारी होने पर स्टेशन लौटीं। आरपीएफ पोस्ट पहुंचकर समस्या बताई। एसआई के अनुसार रागिनी दीक्षित पत्नी प्रतिभा शंकर दीक्षित(स्टेट बैंक के उप प्रबंधक) निवासी लालपुरा ने बताया कि ब्राउन कलर के बैग में दस हजार रुपये, सोने की चार चूड़ियां, सोने का मंगलसूत्र, सोने की दो अंगूठी, कान के सोने के टाप्स, चांदी की दो बिछिया, जरूरी कागजात तथा साढ़े दस हजार की नगदी थी। इन सभी की कीमत पांच लाख पचास हजार रुपये है। इस पर भरथना स्टेशन के आरपीएफ स्टाफ को जानकारी देने के साथ ही इटावा से कांस्टेबल श्याम सिंह, यशवीर सिंह को भरथना भेजा। महिला बैग सीट पर मिलने के बाद दोनों कांस्टेबल ब्राउन कलर के बैग लेकर इटावा आए। रागिनी दीक्षित के सामने बैग खोला गया। सामान दिखाने और उनके पूरी तरह से संतुष्ट होने पर बैग सौंप दिया है।