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Etawah News: 50 बच्चों का हुआ जन्म, राम और सीता रखा नाम
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इटावा। रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का दिन सभी के लिए विशेष रहा, लेकिन जिन घरों में बच्चों के जन्म हुए वहां और भी ज्यादा खुशियां बिखर गईं। 22 जनवरी को जिले में लगभग 50 बच्चों के जन्म हुए। इनमें सबसे ज्यादा 14 बच्चे सैफई मेडिकल कॉलेज और छह बच्चे जिला अस्पताल में जन्मे। इन बच्चों के नाम परिजनों ने राम और सीता रखे।
जिला महिला अस्पताल में 22 जनवरी को छह बच्चों के जन्म हुए। इनमें से तीन लड़के व तीन ही लड़कियां हैं। जबकि आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में 14 बच्चे जन्मे। इनमें भी लड़के और लड़कियों की संख्या बराबर रही। तीन बच्चे सामान्य रूप से व 11 ऑपरेशन से हुए। उधर, भरथना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन बच्चों का जन्म हुआ। इनमें दो लड़के व एक लड़की शामिल है। उदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो बच्चे जन्मे। इनमें एक लड़की और एक लड़का है।
महेवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सात बच्चे जन्मे। इनमें चार लड़के व तीन लड़कियां, जबकि ताखा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह बच्चों का जन्म हुआ। इनमें दो लड़के व चार लड़कियां शामिल हैं। बचे हुए करीब 12 बच्चों ने जिले के निजी अस्पतालों और अन्य सीएचसी में जन्म लिया। विशेष दिन बच्चों का जन्म होने पर परिजनों की खुशी दोगुनी हो गई। उन्होंने श्रीराम का धन्यवाद देकर बच्चों के नाम राम और सीता पर नाम पर रखें।
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गांव बिरहीपुर निवासी भुवनेश राजपूत की पत्नी आरती ने रविवार की रात 12:54 बजे पुत्र को जन्म दिया। पवन ने बताया कि अब उनके दो पुत्र हो गए हैं। इस खास दिन बच्चे का जन्म होने पर पूरा परिवार खुश है। इस खुशी में दादी तेजवती, नानी कुसमा देवी, मौसा अनीस राजपूत भी शामिल हुए। बताया कि सभी ने बच्चे का नाम राम रखने का निर्णय लिया है।
पक्का बाग निवासी पवन की पत्नी करिश्मा ने सोमवार सुबह 9:19 बजे पहले बच्चे को जन्म दिया। परिवार की ओर से बच्चे की बड़ी दादी पुष्पा देवी, छोटी दादी शशि देवी ने बताया कि बच्चे के आने से परिवार में खुशी है। लड़का होने की जानकारी मिलते ही सभी के मुंह से यही निकला... राम आ गए। रात से प्रभू से यही प्रार्थना कर रहे थे कि बहु का प्रसव सामान्य हो। प्रभू ने सुन ली।
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जिला महिला अस्पताल में 22 जनवरी को छह बच्चों के जन्म हुए। इनमें से तीन लड़के व तीन ही लड़कियां हैं। जबकि आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में 14 बच्चे जन्मे। इनमें भी लड़के और लड़कियों की संख्या बराबर रही। तीन बच्चे सामान्य रूप से व 11 ऑपरेशन से हुए। उधर, भरथना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन बच्चों का जन्म हुआ। इनमें दो लड़के व एक लड़की शामिल है। उदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो बच्चे जन्मे। इनमें एक लड़की और एक लड़का है।
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महेवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सात बच्चे जन्मे। इनमें चार लड़के व तीन लड़कियां, जबकि ताखा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह बच्चों का जन्म हुआ। इनमें दो लड़के व चार लड़कियां शामिल हैं। बचे हुए करीब 12 बच्चों ने जिले के निजी अस्पतालों और अन्य सीएचसी में जन्म लिया। विशेष दिन बच्चों का जन्म होने पर परिजनों की खुशी दोगुनी हो गई। उन्होंने श्रीराम का धन्यवाद देकर बच्चों के नाम राम और सीता पर नाम पर रखें।
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गांव बिरहीपुर निवासी भुवनेश राजपूत की पत्नी आरती ने रविवार की रात 12:54 बजे पुत्र को जन्म दिया। पवन ने बताया कि अब उनके दो पुत्र हो गए हैं। इस खास दिन बच्चे का जन्म होने पर पूरा परिवार खुश है। इस खुशी में दादी तेजवती, नानी कुसमा देवी, मौसा अनीस राजपूत भी शामिल हुए। बताया कि सभी ने बच्चे का नाम राम रखने का निर्णय लिया है।
पक्का बाग निवासी पवन की पत्नी करिश्मा ने सोमवार सुबह 9:19 बजे पहले बच्चे को जन्म दिया। परिवार की ओर से बच्चे की बड़ी दादी पुष्पा देवी, छोटी दादी शशि देवी ने बताया कि बच्चे के आने से परिवार में खुशी है। लड़का होने की जानकारी मिलते ही सभी के मुंह से यही निकला... राम आ गए। रात से प्रभू से यही प्रार्थना कर रहे थे कि बहु का प्रसव सामान्य हो। प्रभू ने सुन ली।