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बच्चों ने उठाया ऐतिहासिक मेले का लुत्फ
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निवाड़ीकला। कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर पर लगने वाले मेले में जबरदस्त खरीददारी हुई । इस दौरान महिलाओं ने अपने दैनिक आवश्यकताओं की वस्तुओं को खरीदा। दूसरी ओर बच्चों ने विभिन्न तरीकों के झूला झूले और खिलौने खरीदे।
मेले की शुरुआत शिवरात्रि से शुरू हो जाती है जो होली तक चलती है। मेले में कस्बा सहित आसपास के गांवों के लोग भी अपनी दैनिक आवश्यकताओं की वस्तु की खरीददारी करते है। वहीं, मेला देखने आए बुजुर्ग राम सिंह बताते है कि निवाड़ीकला का मेला काफी पुराना है। हम बचपन से ही प्रत्येक वर्ष मेला देखने आते है। उन्होंने बताया कि आजकल के बच्चों में मेला की रुचि कम हो गई है। लेकिन कभी जमाने मे इस मेला में मिलने वाले मिट्टी के बर्तन काफी प्रसिद्ध थे। दुकानदार रमेश ने बताया कि अबकी बार मटकी और दूध गर्म करने के बर्तन की ज्यादा मांग देखने को मिल रही है। चौकी प्रभारी संतोष कुमार और जितेंद्र कुमार अपने हमराहियों के साथ लगातर गश्त करते नजर आए ।
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मेले की शुरुआत शिवरात्रि से शुरू हो जाती है जो होली तक चलती है। मेले में कस्बा सहित आसपास के गांवों के लोग भी अपनी दैनिक आवश्यकताओं की वस्तु की खरीददारी करते है। वहीं, मेला देखने आए बुजुर्ग राम सिंह बताते है कि निवाड़ीकला का मेला काफी पुराना है। हम बचपन से ही प्रत्येक वर्ष मेला देखने आते है। उन्होंने बताया कि आजकल के बच्चों में मेला की रुचि कम हो गई है। लेकिन कभी जमाने मे इस मेला में मिलने वाले मिट्टी के बर्तन काफी प्रसिद्ध थे। दुकानदार रमेश ने बताया कि अबकी बार मटकी और दूध गर्म करने के बर्तन की ज्यादा मांग देखने को मिल रही है। चौकी प्रभारी संतोष कुमार और जितेंद्र कुमार अपने हमराहियों के साथ लगातर गश्त करते नजर आए ।
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