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Etawah News: जिले में 41 हजार वाहन 15 वर्ष पुराने, 188 सरकारी

Sat, 16 Dec 2023 12:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा Updated Sat, 16 Dec 2023 12:13 AM IST
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41 thousand vehicles in the district are 15 years old, 188 are government vehicles
इटावा। जिले की सड़कों पर फर्राटा भरते 41 हजार से अधिक वाहनों से जिले की आबोहवा बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। इन वाहनों की निर्धारित पंजीयन अवधि पूरी हो चुकी है। वाहन स्वामी नियमों की अनदेखी कर बिना किसी रोकटोक के इन वाहनों को दौड़ा रहे हैं।
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जिले में निजी और कॉमर्शियल मिलाकर तीन लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें बाइक, कार, ट्रक, बस, डीसीएम व अन्य वाहन शामिल हैं। 41 हजार से अधिक वाहन ऐसे हैं, जो निर्धारित 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके हैं। जबकि अवधि पूरी होने के बाद वाहन को स्क्रैप कराने का नियम है। इसके लिए सभी जिलों में वाहन स्क्रैपिंग सेंटर (रजिस्ट्रीकृत यान सुविधा केंद्र) खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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हालत यह है कि जिले में किसी ने भी स्क्रैपिंग सेंटर खोलने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिवहन विभाग की ओर से कराए गए प्रचार-प्रसार के बाद भी आवेदन नहीं आए। सड़क पर यही वाहन प्रदूषण के ज्यादा कारक होते हैं। शहर में तो इस तरह के वाहन कम दिखाई पड़ते है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के वाहनों की भरमार सड़कों पर रहती है। आम तौर पर निजी वाहनों से तो प्रदूषण का खतरा कम होता है, क्योंकि निजी वाहन स्वामी वाहनों को मेंटेन कराते रहते हैं। लेकिन टैक्सी के रूप में चलने वाले वाहनों में अपेक्षाकृत अधिक ऐसे हैं जो सामान्यतया 15 साल या इससे भी अधिक पुराने हो चुके हैं।
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जिले में खासतौर से टेंपो, विक्रम, जीप, मैजिक ही सवारियां ढोने के काम में आती हैं। समय से सर्विसिंग न होने पर ये वाहन भी तय मानक से अधिक धुआं छोड़ते हैं। भारी वाहनों में ट्रकों में भी धुआं अधिक छोड़ते हुए चलते देखा जाता है।

यह है स्क्रैप नीति
एक अप्रैल से स्क्रैप पॉलिसी को लागू किया गया था। इसके तहत प्रत्येक जिले में स्क्रैप सेंटर खोलकर वाहन मालिकों को लाभ देने का उद्देश्य था। नियम के तहत, पुराना वाहन बेचकर नया वाहन खरीदने पर रजिस्ट्रेशन में लगने वाले टैक्स में छूट मिलनी थी।

वाहनों के प्रदूषण से फैलती हैं बीमारियां
डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि वाहनों से उत्सर्जित प्रदूषणकारी तत्वों के प्रभाव से खांसी, सिर में दर्द, जी मिचलाना, घबराहट होना, आंखों में जलन होना, दिल से संबंधित बीमारियां, फेफड़े, हृदय, गुर्दे और रक्त पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। फेफड़े के कैंसर और दमा जैसी बीमारियों का मूल कारण वायु प्रदूषण ही है।

188 सरकारी वाहन चिह्नित
परिवहन विभाग ने जिले के 188 सरकारी वाहनों को स्क्रैपिंग के लिए चिह्नित किया है। इसके तहत परिवहन विभाग ने संबंंधित विभागों को इसके लिए नोटिस जारी कर दिए है। जल्द ही ऐसे वाहनों की स्क्रैपिंग करवाई जाएगी।


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यह हैं आंकड़े
कुल वाहन - 335489
दाेपहिया वाहन - 256346
चौपहिया वाहन - 5030
15 वर्ष पुराने वाहन - 41398
15 वर्ष पुराने सरकारी वाहन - 188
वर्जन
स्क्रैप नीति के तहत वाहनों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके लिए जिले के वाहनों का डाटा एकत्रित कर लिया गया है। चिह्नित वाहनों को स्क्रैप करवाने के लिए विभागों को नोटिस जारी किए गए हैं। -बृजेश कुमार, एआरटीओ
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