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2496 किसानों को नहीं मिला खरीफ फसल का क्लेम

ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा Updated Sun, 05 Apr 2015 11:46 PM IST
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2496 farmers Did not get insurance claim

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जिले में खरीफ की फसल भी सूखे की चपेट आकर खराब हो गई थी। धान और बाजरा की फसल तो पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। जिले से 2496 किसान फसल बीमा योजना से आच्छादित थे। उनसे बीमा कंपनी को प्रीमियम (किस्त) के तौर पर 49 लाख 22 हजार 431.35 रुपये भी मिले थे। लेकिन पीड़ित किसानों को छह महीने बाद भी मुआवजा नहीं मिला है।
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पिछले दिनों मंडलायुक्त ने कड़े तेवर दिखाए तो एचडीएफसी एरगो बीमा कंपनी ने मार्च में 1.13 करोड़ रुपये धान एवं 18 लाख बाजरा की फसल के नुकसान के तौर पर उपलब्ध तो करा दिए लेकिन यह पैसा किसानों तक नहीं पहुंचा।

इस संबंध में बीमा योजना के जिले में नोडल अधिकारी/ उपकृषि निदेशक एसके सिंह से उनके दफ्तर जाकर मिलने का प्रयास किया तो मिले नहीं।

बताया गया कि वे सरकारी कार्य से बाहर गए हैं। उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला। जब खरीफ फसल का यह हाल है तो रबी की फसल के पीड़ित किसानों को फिलहाल बीमा धन मिलने की उम्मीद कतई नहीं दिख रही। हालात यह है कि अभी तक बीमा कंपनी के किसानों के हुए नुकसान का सर्वे तक नहीं किया है। कब सर्वे होगा, कब मुआवजे की राशि तय होगी और कब किसानों तक पैसा पहुंचेगा, इस पर कोई अफसर कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।

उपभोक्ता फोरम जा सकते हैं किसान
अधिवक्ता सुनील कुमार तिवारी एडवोकेट के अनुसार यदि किसान ने फसल का बीमा करा रखा है और बीमा कंपनी भुगतान नहीं कर रही तो किसान उपभोक्ता फोरम में जाकर क्लेम कर सकता है। फोरम फसल के नुकसान का सर्वे कराने का आदेश जारी करेगा। सर्वे के आधार पर किसान को भुगतान किया जाएगा।

लीड बैंक मैनेजर आरबी मौर्या ने बताया कि बीमा कंपनी ने मार्च के लास्ट में आरटीजीएस के माध्यम से धान किसानों के लिए 1.13 करोड़ और बाजरा किसानों के लिए 18 लाख रुपये उपलब्ध करा दिए हैं। यह धनराशि अभी बैंकों के रीजनल ऑफिस के खातों में पड़ी है। जब तक ग्रामसभा वार सूची बीमा कंपनी से नहीं मिलती है, तब तक उस धनराशि को बांटा नहीं जा सकता है। बैंक वार सूची मिलने पर ही बीमित किसानों के खाते में रकम पहुंचाई जाएगी।

प्रीमियम लिया, नुकसान का आकलन नहीं किया
जिले में गत वित्तीय वर्ष में कुल 42,368 किसानों ने केसीसी बनवाए। एक केसीसी तीन वर्ष के लिए मान्य होता है। लिहाजा पूर्व के दो वर्षों को भी जोड़ लें तो जिले में करीब एक लाख किसानों के पास केसीसी हैं। इसमें रबी फसल के लिए महज 7249 किसानों ने बैंक से लोन लिया।

ऐसे बीमित किसानों से एचडीएफसी एरगो बीमा कंपनी को 58 लाख 95 हजार 926.74 रुपये बतौर प्रीमियम मिले। अभी तक बीमा कंपनी यह आकलन नहीं कर पाई है कि बीमित किसानों में कितनों का नुकसान हुआ है।

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