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2196 सरकारी इमारतें वाटर हार्वेस्टिंग के जरिये रोकेंगी जलस्तर में गिरावट

Sun, 10 Apr 2022 11:24 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 11:24 PM IST
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2196 government buildings will stop the fall in water level through water harvesting
इटावा। जिले में प्रति वर्ष 30 सेमी भूजल स्तर गिर रहा है। इसे देखते हुए 2196 सरकारी इमारतों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया है। कैच दी रैन और अटल भूगर्भ जल योजना के तहत ये काम किया जाएगा। 45 इमारतों में हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। वर्षा ऋतु से पहले चिह्नित सभी इमारतों पर वाटर हार्वेस्टिंग लगाने का लक्ष्य पूरा करना है ताकि बारिश के पानी को जमीन में संचित किया जा सके। जल संचयन वाली इमारतों का विवरण और फोटो भारत सरकार की भूगर्भ विभाग की वेबसाइट पर अपलोड भी किए जाएंगे।
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भूगर्भ जल विभाग के आंकड़ों के अनुसार 30 सेमी तक जलस्तर हर साल घट रहा है। बढ़पुरा में जलस्तर 18.42 से घटकर 18.18, बसरेहर में 6.62 से घटकर 4. 59, भरथना में 5.95 से घटकर 3.85, चकरनगर में 32.51 से घटकर 31.95, जसवंतनगर में 17.26 से घटकर 16. 92, महेवा में 11.25 से घटकर 9.68, ताखा में 5.79 से घटकर 3.80 और सैफई में 11.39 से घटकर 10.64 मीटर हो गया है। शासन का यह प्रयास है कि पहले जल संचयन से जलस्तर में आ रही गिरावट को रोका जाए।
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रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्कीम के लिए लघु सिंचाई विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। सहायक अभियंता रवींद्र सिंह ने बताया कि जिला पंचायत राज विभाग के सहयोग से गांव-गांव जलसंचयन का कार्य किया जा रहा है। पंचायत राज विभाग 245 स्थानों पर गड्ढा और सोखता बनाकर इस काम में सबसे आगे चल रहा है। 45 सरकारी इमारतों पर वाटर हार्वेस्टिंग का काम पूरा हो चुका है।
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भूगर्भ जल स्तर में गिरावट रोकने के लिए भूगर्भ के जल को रेन वाटर से रिचार्ज किया जाना है। इसके लिए सरकारी इमारतों अथवा अन्य स्थानों पर जहां बारिश का पानी बर्बाद होता हैं वहां पानी को स्टोर किया जाएगा। । इसके बाद जमीन में सोख पिट बनाया जाएगा। सोख पिट में बालू गिट्टी विशेष अनुपात में डाली जाएगी। स्टोर किए गए पानी को पाइप लाइन से सोख पिट के माध्यम से जमीन के अंदर ले जाया जाएगा। जिससे भूगर्भ जल को रैन वाटर से रिचार्ज किया जा सके। इस प्रक्रिया के माध्यम से ही जलस्तर में गिरावट को कंट्रोल किया जाता है।
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