{"_id":"5a5643874f1c1b4b198b5f76","slug":"201515602823-etawah-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोल्ड स्टोर मालिकों ने सड़क पर फेंका आलू, फैल रही सडांध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोल्ड स्टोर मालिकों ने सड़क पर फेंका आलू, फैल रही सडांध
Updated Wed, 10 Jan 2018 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सैफई।
आलू सही दामों पर न बिकने पर परेशान किसानों और शीतगृह मालिकों ने कई क्विंटल आलू जसवंतनगर-सैफई मार्ग पर फेंक दिया। इस कारण क्षेत्र में सड़ांध फैली हुई है। लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
जसवंतनगर को वाया लरखौर सैफई से जोड़ने वाले इस 11 किलोमीटर मार्ग पर पाठकपुरा मोड़, पड़रपुरा और शाहजहांपुर गांव जैसे कई गांव हैं। इनके आसपास कई शीतगृह बने हुए हैं। इसी सड़क से होकर टेंपो और अन्य वाहन सवार सैफई पीजीआई जाते हैं। शीतगृहों की भंडारण अवधि भी पिछले माह खत्म हो चुकी है। बताया गया कि आलू की सही दामों पर बिक्री न होने पर अधिकतर किसानों ने शीतगृहों से अपना आलू निकाला ही नहीं है। शीतगृहों में ही आलू सड़ने रहा था। बुवाई के लिए बीज का आलू निकालने शीतगृह पहुंचे किसानों पर आलू निकालने का दबाव पड़ा तो उन्होंने सड़क पर फेंक दिया।
शीतगृह मालिक नए भंडारण सत्र के लिए अपने कोल्ड स्टोरों की सफाई में जुटे हैं। इसलिए वे भी आलू को निकलवाकर फेंक रहे हैं। पिछले साल जनवरी में भी आलू सड़क किनारे फेंका गया था।
विज्ञापन
- सड़क पर फेंका आलू, फैल रही सड़ांध
- आलू की बिक्री सही दामों पर न होने पर आलू किसानों और शीतगृह मालिकों ने सड़क किनारे फेंका, लोग परेशान
विज्ञापन
सैफई।
आलू सही दामों पर न बिकने पर परेशान किसानों और शीतगृह मालिकों ने कई क्विंटल आलू जसवंतनगर-सैफई मार्ग पर फेंक दिया। इस कारण क्षेत्र में सड़ांध फैली हुई है। लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
जसवंतनगर को वाया लरखौर सैफई से जोड़ने वाले इस 11 किलोमीटर मार्ग पर पाठकपुरा मोड़, पड़रपुरा और शाहजहांपुर गांव जैसे कई गांव हैं। इनके आसपास कई शीतगृह बने हुए हैं। इसी सड़क से होकर टेंपो और अन्य वाहन सवार सैफई पीजीआई जाते हैं। शीतगृहों की भंडारण अवधि भी पिछले माह खत्म हो चुकी है। बताया गया कि आलू की सही दामों पर बिक्री न होने पर अधिकतर किसानों ने शीतगृहों से अपना आलू निकाला ही नहीं है। शीतगृहों में ही आलू सड़ने रहा था। बुवाई के लिए बीज का आलू निकालने शीतगृह पहुंचे किसानों पर आलू निकालने का दबाव पड़ा तो उन्होंने सड़क पर फेंक दिया।
विज्ञापन
शीतगृह मालिक नए भंडारण सत्र के लिए अपने कोल्ड स्टोरों की सफाई में जुटे हैं। इसलिए वे भी आलू को निकलवाकर फेंक रहे हैं। पिछले साल जनवरी में भी आलू सड़क किनारे फेंका गया था।
विज्ञापन
- सड़क पर फेंका आलू, फैल रही सड़ांध
- आलू की बिक्री सही दामों पर न होने पर आलू किसानों और शीतगृह मालिकों ने सड़क किनारे फेंका, लोग परेशान