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साथी की हत्या के मामले सिपाही को मिली उम्रकैद
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:11 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
इटावा।
करीब चौदह वर्ष पूर्व कांस्टेबल साथी की एसएलआर से गोलीमार कर हत्या करने में कांस्टेबल को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बादाम सिंह की कोर्ट ने उम्र कैद एवं दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मथुरा के थाना बल्देव के बुर्जतला गांव निवासी कांस्टेबल अनिल कुमार ने 18 दिसंबर 2003 को साथी कांस्टेबल सत्यभान सिंह की शाम के समय सरकारी एसएलआर से गोली मार दी थी। वह एसएलआर लेकर भाग गया था। घायल सिपाही ने इलाज के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। घटना के बाद थाना सिविल लाइंस में मुकदमा तहत दर्ज कराया गया। घटना के बाद करीब एक माह से फरार चल रहे हत्यारोपी सिपाही अनिल कुमार ने 24 जनवरी 2004 को अदालत में समर्पण कर दिया था। इस मुकदमे की करीब चौदह वर्ष तक हुई सुनवाई चली। शासकीय अधिवक्ता इम्तियाज अहमद अंसारी ने राज्य की ओर से पैरवी की। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बादाम सिंह की कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सत्यभान सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
- साथी की हत्या में सिपाही को उम्रकैद
- विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र कोर्ट का फैसला
- दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
- चौदह साल पहले गोली मार की गई थी हत्या
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इटावा।
करीब चौदह वर्ष पूर्व कांस्टेबल साथी की एसएलआर से गोलीमार कर हत्या करने में कांस्टेबल को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बादाम सिंह की कोर्ट ने उम्र कैद एवं दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मथुरा के थाना बल्देव के बुर्जतला गांव निवासी कांस्टेबल अनिल कुमार ने 18 दिसंबर 2003 को साथी कांस्टेबल सत्यभान सिंह की शाम के समय सरकारी एसएलआर से गोली मार दी थी। वह एसएलआर लेकर भाग गया था। घायल सिपाही ने इलाज के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। घटना के बाद थाना सिविल लाइंस में मुकदमा तहत दर्ज कराया गया। घटना के बाद करीब एक माह से फरार चल रहे हत्यारोपी सिपाही अनिल कुमार ने 24 जनवरी 2004 को अदालत में समर्पण कर दिया था। इस मुकदमे की करीब चौदह वर्ष तक हुई सुनवाई चली। शासकीय अधिवक्ता इम्तियाज अहमद अंसारी ने राज्य की ओर से पैरवी की। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) बादाम सिंह की कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सत्यभान सिंह को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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- साथी की हत्या में सिपाही को उम्रकैद
- विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र कोर्ट का फैसला
- दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
- चौदह साल पहले गोली मार की गई थी हत्या