{"_id":"5eb976918ebc3e9084665aad","slug":"1205-workers-special-brought-about-foreigners-etawha-news-knp55961643","type":"story","status":"publish","title_hn":"1205 परदेशियों को लेकर आई श्रमिक स्पेशल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1205 परदेशियों को लेकर आई श्रमिक स्पेशल
विज्ञापन
फोटो संख्या 16: इटावा रेलवे स्टेशन गुजरात से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से आई महिला और उसके बच्चे की थर्मल
- फोटो : ETAWHA
लॉकडाउन में गुजरात के अलग-अलग शहरों में फंसे 1205 श्रमिकों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन सोमवार को दोपहर करीब 12:47 बजे इटावा स्टेशन पहुंची।
यहां लाइन से मजदूरों को उतरकर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और संदिग्ध दिख रहे 70 श्रमिकों और उनके साथ आए परिवार के सदस्यों के सैंपल लिए गए। संदिग्ध श्रमिकों को उनकी तहसील क्षेत्र में बने स्पेशल वार्ड और अन्य को घरों में क्वारंटीन किया जाएगा।
गुजरात के अहमदाबाद से चलकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन को सुबह 9 बजे इटावा स्टेशन पहुंचा था लेकिन ट्रेन करीब पौने चार घंटे देरी से दोपहर 12:47 बजे स्टेशन पर पहुंची।
ट्रेन के पहुंचने से पहले ही रेलवे पुलिस के जवानों ने उसे घेर लिया। आगे और पीछे की एक-एक बोगी खोली गई। श्रमिकों के साथ उनके पत्नी, बच्चे व परिवार के अन्य सदस्य भी थे।
विज्ञापन
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लाइन में श्रमिकों व उनके परिवार के सदस्यों को मुख्य गेट की ओर भेजा गया। 12 काउंटरों पर खडे़ स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की। संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेने के लिए जिले की दोनों मोबाइल टीम के 14 सदस्य मुस्तैद रहे। इन टीमों ने संदिग्ध दिख रहे 29 लोगों के सैंपल लिए।
बाहर बरामदे में श्रमिकों के नाम, पते, मोबाइल नंबर दर्ज कर उन्हें भोजन का पैकेट और पानी की बोतल दी गई। इसके बाद उनके जिलों को जाने वाले बसों में बैठाकर भेज दिया गया।
एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने बताया कि जिन श्रमिकों के सैंपल लिए गए हैं उन्हें उनकी तहसील क्षेत्रों में बने क्वारंटीन वार्ड में रखा जाएगा। अन्य श्रमिकों को उनके घरों में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।
जिलाधिकारी जेबी सिंह, एसएसपी आकाश तोमर करीब 11:30 बजे स्टेशन पहुंच गए थे। उन्होंने अपने सभी काउंटरों पर व्यवस्था देखी फिर टीम आने पर मजदूरों के खोने से गनतव्य तक जाने की व्यवस्था खुद संभाले रहे।
श्रमिकों के साथ उनकी पत्नी, परिवार की महिलाएं, बच्चे और नवजात भी थे। ट्रेन रुकने के बाद करीब पांच से सात मिनट तक खड़ी रही।
रेलवे पुलिस के जवान ट्रेन को घेरे थे, डॉक्टरों के अलावा अधिकारियों और कर्मचारियों की भीड़ भी थी। अपने को इस तरह घिरा देख ट्रेन में बैठे श्रमिकों के बच्चों और महिलाओं की नजरें खिड़की के बाहर टकटकी लगाए काफी देर तक टिकी रहीं। ट्रेन के बाहर निकलने के बाद भी बच्चे आश्चर्य भरी नजरों से भीड़ को देख रहे थे।
श्रमिकों ने बताया कि शाम को करीब पांच बजे ट्रेन अहमदाबाद से चली थी। घर पर जो व्यवस्था हुई वह रख लिया था। अहमदाबाद पूरी तरह सील है, इसलिए बाहर भी कुछ खाने को नहीं मिला।
रास्ते में खाना तो छोड़ा पीने का पानी तक कहीं नहीं मिला। कहीं ट्रेन कुछ देर के लिए रोकी भी गई तो बाहर नहीं निकल पाए। हर जगह पुलिस का पहरा रहा। श्रमिकों ने बताया कि 510 रुपये का टिकट लेकर आए हैं।
भरथना तहसील के श्रमिक सर्वेश कुमार ने बताया कि पहले एक जगह पैसे लिए गए। वहां एक पर्ची दे दी गई। वह पर्ची स्टेशन पर देकर टिकट मिला।
सुबह 8 बजे ही एसडीएम सदर सिद्धार्थ रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। उनके साथ सीओ सिटी वैभव पांडेय और फोर्स रहा।
कुछ देर बाद एसडीएम भरथना इंद्रजीत सिंह, एसडीएम जसवंतननगर ज्योत्सना, एसडीएम चकरनगर सत्यप्रकाश मिश्रा, ताखा एसडीएम नंद प्रकाश मौर्या, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, शहर सर्किल के सभी थानों के थानेदार और भारी संख्या में फोर्स मुस्तैद रही।
विज्ञापन
यहां लाइन से मजदूरों को उतरकर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और संदिग्ध दिख रहे 70 श्रमिकों और उनके साथ आए परिवार के सदस्यों के सैंपल लिए गए। संदिग्ध श्रमिकों को उनकी तहसील क्षेत्र में बने स्पेशल वार्ड और अन्य को घरों में क्वारंटीन किया जाएगा।
गुजरात के अहमदाबाद से चलकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन को सुबह 9 बजे इटावा स्टेशन पहुंचा था लेकिन ट्रेन करीब पौने चार घंटे देरी से दोपहर 12:47 बजे स्टेशन पर पहुंची।
विज्ञापन
ट्रेन के पहुंचने से पहले ही रेलवे पुलिस के जवानों ने उसे घेर लिया। आगे और पीछे की एक-एक बोगी खोली गई। श्रमिकों के साथ उनके पत्नी, बच्चे व परिवार के अन्य सदस्य भी थे।
विज्ञापन
सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लाइन में श्रमिकों व उनके परिवार के सदस्यों को मुख्य गेट की ओर भेजा गया। 12 काउंटरों पर खडे़ स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की। संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेने के लिए जिले की दोनों मोबाइल टीम के 14 सदस्य मुस्तैद रहे। इन टीमों ने संदिग्ध दिख रहे 29 लोगों के सैंपल लिए।
बाहर बरामदे में श्रमिकों के नाम, पते, मोबाइल नंबर दर्ज कर उन्हें भोजन का पैकेट और पानी की बोतल दी गई। इसके बाद उनके जिलों को जाने वाले बसों में बैठाकर भेज दिया गया।
एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने बताया कि जिन श्रमिकों के सैंपल लिए गए हैं उन्हें उनकी तहसील क्षेत्रों में बने क्वारंटीन वार्ड में रखा जाएगा। अन्य श्रमिकों को उनके घरों में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।
जिलाधिकारी जेबी सिंह, एसएसपी आकाश तोमर करीब 11:30 बजे स्टेशन पहुंच गए थे। उन्होंने अपने सभी काउंटरों पर व्यवस्था देखी फिर टीम आने पर मजदूरों के खोने से गनतव्य तक जाने की व्यवस्था खुद संभाले रहे।
श्रमिकों के साथ उनकी पत्नी, परिवार की महिलाएं, बच्चे और नवजात भी थे। ट्रेन रुकने के बाद करीब पांच से सात मिनट तक खड़ी रही।
रेलवे पुलिस के जवान ट्रेन को घेरे थे, डॉक्टरों के अलावा अधिकारियों और कर्मचारियों की भीड़ भी थी। अपने को इस तरह घिरा देख ट्रेन में बैठे श्रमिकों के बच्चों और महिलाओं की नजरें खिड़की के बाहर टकटकी लगाए काफी देर तक टिकी रहीं। ट्रेन के बाहर निकलने के बाद भी बच्चे आश्चर्य भरी नजरों से भीड़ को देख रहे थे।
श्रमिकों ने बताया कि शाम को करीब पांच बजे ट्रेन अहमदाबाद से चली थी। घर पर जो व्यवस्था हुई वह रख लिया था। अहमदाबाद पूरी तरह सील है, इसलिए बाहर भी कुछ खाने को नहीं मिला।
रास्ते में खाना तो छोड़ा पीने का पानी तक कहीं नहीं मिला। कहीं ट्रेन कुछ देर के लिए रोकी भी गई तो बाहर नहीं निकल पाए। हर जगह पुलिस का पहरा रहा। श्रमिकों ने बताया कि 510 रुपये का टिकट लेकर आए हैं।
भरथना तहसील के श्रमिक सर्वेश कुमार ने बताया कि पहले एक जगह पैसे लिए गए। वहां एक पर्ची दे दी गई। वह पर्ची स्टेशन पर देकर टिकट मिला।
सुबह 8 बजे ही एसडीएम सदर सिद्धार्थ रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। उनके साथ सीओ सिटी वैभव पांडेय और फोर्स रहा।
कुछ देर बाद एसडीएम भरथना इंद्रजीत सिंह, एसडीएम जसवंतननगर ज्योत्सना, एसडीएम चकरनगर सत्यप्रकाश मिश्रा, ताखा एसडीएम नंद प्रकाश मौर्या, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, शहर सर्किल के सभी थानों के थानेदार और भारी संख्या में फोर्स मुस्तैद रही।