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कार में लगी आग के कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस
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इटावा। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर गत बुधवार को ऊसराहार थाना क्षेत्र के कौआ गांव के समीप कार अचानक जल उठी थी। हादसे में कार में बैठे युवक असलम की मौत हो गई थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कार में आग किन कारणों से लगी थी।
लोगों के मुताबिक गाड़ी किनारे पर खड़ी हुई थी गाड़ी से धुआं उठ रहा था। यह देख लोडर के चालक व एक्सप्रेस वे से गुजर रहे एक डीसीएम के चालक ने गाड़ी रोक कर मदद करने की कोशिश की। जिस समय गाड़ी का गेट खोला गया उस समय पूरी गाड़ी में धुएं भरा था। जैसे ही गाड़ी का गेट खोला गया तो धुएं का गुबार आग की लपटों का गोला बन गया। तेज धमाके के साथ लपटें तेज हो गईं। किसी की हिम्मत न हुई कि चालक को बचा सके। पुलिस ने चालक की पहचान दिल्ली निवासी असलम के रूप में की थी।
सूचना पर पहुंचे असलम के भाई सोहराब ने गाड़ी के नंबर प्लेट के आधार पर बताया कि जलने वाला भाई था। शव इतनी बुरी तरह जल गया था कि उसे पहचान पाना बड़ा मुश्किल था। शरीर पर कोई कपड़ा तक नहीं था। बाद में थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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करीब रात एक बजे असलम के भाई एवं उनके मित्र हमीद शव को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। गुरुवार सुबह शव लेकर वे असलम के घर मंगोलपुरी दिल्ली पहुंचे। सुबह करीब नौ बजे शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक. असलम रात एक बजे दिल्ली से लखनऊ के लिए निकले थे और सुबह 6 बजे सुस्ती आने पर उन्होंने गाड़ी को सड़क के किनारे खड़ा किया। आशंका जताई कि गाड़ी को स्टार्ट कर गर्म हवा के लिए ब्लोअर चलाया गया हो और नींद आने पर कहीं शार्ट सर्किट से आग लगी हो। लोगों का यह भी अनुमान है कि दम घुटने से असलम की मौत भी संभव है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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लोगों के मुताबिक गाड़ी किनारे पर खड़ी हुई थी गाड़ी से धुआं उठ रहा था। यह देख लोडर के चालक व एक्सप्रेस वे से गुजर रहे एक डीसीएम के चालक ने गाड़ी रोक कर मदद करने की कोशिश की। जिस समय गाड़ी का गेट खोला गया उस समय पूरी गाड़ी में धुएं भरा था। जैसे ही गाड़ी का गेट खोला गया तो धुएं का गुबार आग की लपटों का गोला बन गया। तेज धमाके के साथ लपटें तेज हो गईं। किसी की हिम्मत न हुई कि चालक को बचा सके। पुलिस ने चालक की पहचान दिल्ली निवासी असलम के रूप में की थी।
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सूचना पर पहुंचे असलम के भाई सोहराब ने गाड़ी के नंबर प्लेट के आधार पर बताया कि जलने वाला भाई था। शव इतनी बुरी तरह जल गया था कि उसे पहचान पाना बड़ा मुश्किल था। शरीर पर कोई कपड़ा तक नहीं था। बाद में थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
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करीब रात एक बजे असलम के भाई एवं उनके मित्र हमीद शव को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। गुरुवार सुबह शव लेकर वे असलम के घर मंगोलपुरी दिल्ली पहुंचे। सुबह करीब नौ बजे शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक. असलम रात एक बजे दिल्ली से लखनऊ के लिए निकले थे और सुबह 6 बजे सुस्ती आने पर उन्होंने गाड़ी को सड़क के किनारे खड़ा किया। आशंका जताई कि गाड़ी को स्टार्ट कर गर्म हवा के लिए ब्लोअर चलाया गया हो और नींद आने पर कहीं शार्ट सर्किट से आग लगी हो। लोगों का यह भी अनुमान है कि दम घुटने से असलम की मौत भी संभव है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।