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10 गोशालाएं बंद, गोवंश उजाड़ रहे खेत
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बकेवर। एक तरफ गोशालाएं बंद पड़ी हैं, दूसरी तरफ मवेशी खेतों में धावा बोलकर फसल उजाड़ रहे हैं। किसान दिन रात एक करके कड़ाके की ठंड में फसल बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
दूसरी तरफ लाखों रुपये खर्च करके बनाई गईं गौशालाएं खाली पड़ी हैं। महेवा ब्लाक में 18 गोशालाएं बनाई गईं थीं, लेकिन उनमें से 10 बंद पड़ीं हैं और सिर्फ 8 का ही संचालन किया जा रहा है।
शासन द्वारा आवारा गोवंशों से किसानों की फसलों के बचाव के लिए बनवाई महेवा ब्लॉक की 18 गोशालाओं में से दस बंद पड़ीं हैं। लाखों रुपये खर्च करके बनाई गईं गोशालाओं में एक भी मवेशी नहीं है, जबकि बाहर आवारा गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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किसान दिन रात पहरा देकर रखवाली करने को मजबूर हैं। इस समय किसानों के लिए छुट्टा गोवंश किसानों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बना हुआ है। जिसके चलते किसानों की फसलों का काफी नुकसान हो रहा है।
फसलों की रखवाली के लिए किसान हजारों रुपये खेत में तारबाड़ लगाने पर खर्च करने को मजबूर हैं। उसके बाद भी खेतों पर मचान और झोपड़ी बनाकर दिनरात रखवाली करते हैं।
कस्बा बकेवर से एक किमी दूर बनी है गोशाला का तो चोर मुख्य गेट तक उखाड़कर ले गए हैं। किसान रविंद्र मिश्रा कहते है कि इतनी गोशालाएं बंद हैं, इनमें गोवंशों को बंद करा दिया जाए तो किसानों को राहत मिलेे।
किसान पुष्पेंद्र सिंह कहते है कि किसानों की फसल आवारा गोवंश बर्बाद कर रहे और अधिकारी गोवंशों को गोशाला में बंद दिखा रहे, जबकि हकीकत में सैकड़ों आवारा गोवंश खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
फसल की दिन रात रखवाली कर रहे हैं। तहसीलदार भरथना मोनालिसा जौहरी ने बताया कि उन्हें अभी जानकारी नहीं है कि कितनी गोशालाएं खाली पड़ी हैं। खाली पड़ी गोशालाओं की जानकारी करके आवारा घूमने वाले गोवंशों को उनमें बंद कराने की जल्द ही व्यवस्था की जाएगी।
इन ग्राम पंचायतों में बनीं हैं गोशालाएं
भरईपुर, लुधियानी, अहेरीपर, हलू हर्राजपुर, बहादुरपुर घार, नबादा खुर्द कला, धर्मपुरा, बकेवर देहात, पिलखना, कुनैठा, सैदपुर, उरेंग, खितौरा, नागरी लोलपुर, जैतपुरा, चिन्डोली ईश्वरी पुरा आसई।
ये आठ गोशालाएं संचालित
एडीओ पंचायत महेवा श्याम वरन सिंह के अनुसार, भरईपुर, लुधियानी, अहेरीपुर, हर्राजपुर, बहादुरपुर घार, नबादा खुर्द कला, धर्मपुरा, ईश्वरी पुरा आसई गोशालाएं संचालित हैं, जिनमें 548 गोवंश बंद हैं।
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दूसरी तरफ लाखों रुपये खर्च करके बनाई गईं गौशालाएं खाली पड़ी हैं। महेवा ब्लाक में 18 गोशालाएं बनाई गईं थीं, लेकिन उनमें से 10 बंद पड़ीं हैं और सिर्फ 8 का ही संचालन किया जा रहा है।
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शासन द्वारा आवारा गोवंशों से किसानों की फसलों के बचाव के लिए बनवाई महेवा ब्लॉक की 18 गोशालाओं में से दस बंद पड़ीं हैं। लाखों रुपये खर्च करके बनाई गईं गोशालाओं में एक भी मवेशी नहीं है, जबकि बाहर आवारा गोवंश किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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किसान दिन रात पहरा देकर रखवाली करने को मजबूर हैं। इस समय किसानों के लिए छुट्टा गोवंश किसानों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बना हुआ है। जिसके चलते किसानों की फसलों का काफी नुकसान हो रहा है।
फसलों की रखवाली के लिए किसान हजारों रुपये खेत में तारबाड़ लगाने पर खर्च करने को मजबूर हैं। उसके बाद भी खेतों पर मचान और झोपड़ी बनाकर दिनरात रखवाली करते हैं।
कस्बा बकेवर से एक किमी दूर बनी है गोशाला का तो चोर मुख्य गेट तक उखाड़कर ले गए हैं। किसान रविंद्र मिश्रा कहते है कि इतनी गोशालाएं बंद हैं, इनमें गोवंशों को बंद करा दिया जाए तो किसानों को राहत मिलेे।
किसान पुष्पेंद्र सिंह कहते है कि किसानों की फसल आवारा गोवंश बर्बाद कर रहे और अधिकारी गोवंशों को गोशाला में बंद दिखा रहे, जबकि हकीकत में सैकड़ों आवारा गोवंश खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
फसल की दिन रात रखवाली कर रहे हैं। तहसीलदार भरथना मोनालिसा जौहरी ने बताया कि उन्हें अभी जानकारी नहीं है कि कितनी गोशालाएं खाली पड़ी हैं। खाली पड़ी गोशालाओं की जानकारी करके आवारा घूमने वाले गोवंशों को उनमें बंद कराने की जल्द ही व्यवस्था की जाएगी।
इन ग्राम पंचायतों में बनीं हैं गोशालाएं
भरईपुर, लुधियानी, अहेरीपर, हलू हर्राजपुर, बहादुरपुर घार, नबादा खुर्द कला, धर्मपुरा, बकेवर देहात, पिलखना, कुनैठा, सैदपुर, उरेंग, खितौरा, नागरी लोलपुर, जैतपुरा, चिन्डोली ईश्वरी पुरा आसई।
ये आठ गोशालाएं संचालित
एडीओ पंचायत महेवा श्याम वरन सिंह के अनुसार, भरईपुर, लुधियानी, अहेरीपुर, हर्राजपुर, बहादुरपुर घार, नबादा खुर्द कला, धर्मपुरा, ईश्वरी पुरा आसई गोशालाएं संचालित हैं, जिनमें 548 गोवंश बंद हैं।