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यहां तो हर दीवार पर गुटखा, पान की पीक के दाग
amar ujala
Updated Thu, 23 Mar 2017 11:22 PM IST
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नगर पालिका दफ्तर का गेस्टरूम
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी कर्मचारियों को पान, गुटखा नहीं खाने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन आलम यह है कि जिले में हर विभाग की दीवारें पान और गुटखे की पीक से दागदार हैं। गुरुवार को अमर उजाला टीम ने कुछ प्रमुख कार्यालयों का हाल जाना, तो यहां दीवारों पर पीक के दागों ने सीएम के आदेश की धज्जियां उड़ाती दिखाई दी।
विकास भवन
मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम कार्यालय तक हर दीवार पान और गुटखे की गवाही देती है। कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने गुटखा खाने के बाद पीक मार कर दीवारें गंदी कर दीं हैं। शौचालयों में मकड़ी के जाल और वॉशबेशन के पाइप तक गायब हैं। विकास भवन में कई प्रमुख विभागों के कार्यालय है। स्वच्छ भारत मिशन का भी कार्यालय भी है, लेकिन स्वच्छता के मानक पिछड़ा है। शौचालयों और टंकियों पर पान, गुटखे के दाग लगे हैं।
कलक्ट्रेट
डीएम समेत तमाम प्रशासनिक अफसरों के कार्यालयों से सजी कलक्ट्रेट में पान, गुटखे की पीक ने दागदार कर दिया है। डीएम और एडीएम कार्यालय के सामने वाली दीवार पीक रंगी है। मुख्य गेट के पास लगे प्याऊ के नीचे ही गंदगी पसरी है। सीएम के निर्देश के बाद कलक्ट्रेट पर दीवारों की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ।
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जिला अस्पताल
वैसे तो जिला अस्पताल को पान गुटखे से प्रतिबंधित रहना चाहिए, लेकिन जिले में यहां भी पान गुटखा खाने वालों ने दीवार रंगी पड़ी हैं। इमरजेंसी की दीवार ही पीक से लाल हो चुकी है। जिला अस्पताल प्रशासन से कभी भी दीवार को साफ कराने की कवायद नहीं की।
इन कार्यालयों का भी यही हाल
जिले में रोडवेज बस स्टैंड, रोडवेज वर्कशॉप, एआरटीओ दफ्तर, बेसिक शिक्षा, डीआईओएस कार्यालय, चकबंदी, जिला पंचायत, नगर पालिका स्थित तमाम विभागों में दीवारें पान, गुटखे के दागों से रंगी हैं। प्रशासन ने अब तक दीवारों को साफ कराने की कवायद शुरू नहीं की है।
शौकीनों की शामत
सीएम के निर्देश के बाद पान, गुटखा के शौकीनों की शामत आ गई है। सरकारी कार्यालयों में बैठकर कर्मचारी पान, गुटखा चबाने से कर्मचारी बचते नजर आए। वहीं कुछ कर्मचारियों ने निर्देशों को सही ठहराया, तो कुछ कर्मचारी निर्देशों को धता बताते नजर आए।
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विकास भवन
मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम कार्यालय तक हर दीवार पान और गुटखे की गवाही देती है। कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने गुटखा खाने के बाद पीक मार कर दीवारें गंदी कर दीं हैं। शौचालयों में मकड़ी के जाल और वॉशबेशन के पाइप तक गायब हैं। विकास भवन में कई प्रमुख विभागों के कार्यालय है। स्वच्छ भारत मिशन का भी कार्यालय भी है, लेकिन स्वच्छता के मानक पिछड़ा है। शौचालयों और टंकियों पर पान, गुटखे के दाग लगे हैं।
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डीएम समेत तमाम प्रशासनिक अफसरों के कार्यालयों से सजी कलक्ट्रेट में पान, गुटखे की पीक ने दागदार कर दिया है। डीएम और एडीएम कार्यालय के सामने वाली दीवार पीक रंगी है। मुख्य गेट के पास लगे प्याऊ के नीचे ही गंदगी पसरी है। सीएम के निर्देश के बाद कलक्ट्रेट पर दीवारों की सफाई का काम शुरू नहीं हुआ।
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जिला अस्पताल
वैसे तो जिला अस्पताल को पान गुटखे से प्रतिबंधित रहना चाहिए, लेकिन जिले में यहां भी पान गुटखा खाने वालों ने दीवार रंगी पड़ी हैं। इमरजेंसी की दीवार ही पीक से लाल हो चुकी है। जिला अस्पताल प्रशासन से कभी भी दीवार को साफ कराने की कवायद नहीं की।
इन कार्यालयों का भी यही हाल
जिले में रोडवेज बस स्टैंड, रोडवेज वर्कशॉप, एआरटीओ दफ्तर, बेसिक शिक्षा, डीआईओएस कार्यालय, चकबंदी, जिला पंचायत, नगर पालिका स्थित तमाम विभागों में दीवारें पान, गुटखे के दागों से रंगी हैं। प्रशासन ने अब तक दीवारों को साफ कराने की कवायद शुरू नहीं की है।
शौकीनों की शामत
सीएम के निर्देश के बाद पान, गुटखा के शौकीनों की शामत आ गई है। सरकारी कार्यालयों में बैठकर कर्मचारी पान, गुटखा चबाने से कर्मचारी बचते नजर आए। वहीं कुछ कर्मचारियों ने निर्देशों को सही ठहराया, तो कुछ कर्मचारी निर्देशों को धता बताते नजर आए।