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डब्लूएफओएक्स की टीम ने जांचा मगरमच्छ वाला तालाब
amar ujala
Updated Sat, 18 Mar 2017 11:51 PM IST
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मगरमच्छ वाला तालाब देखने आए टीम के सदस्य
- फोटो : amar ujala
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हाजीपुरा मोहल्ले के समीप सैनिक पड़ाव के तालाब में शुक्रवार को मगरमच्छ दिखने से लोग दहशत में हैं। वहीं शनिवार को वन्यजीवों को पकड़ने वाली आगरा की संस्था डब्लूएफओएक्स के दो कर्मियों ने आकर सर्वे किया। बताया कि टीम को एक वोट और बड़ा जाल आदि चाहिए। वहीं वन विभाग के अधिकारी मगरमच्छ के तालाब से निकलने का इंतजार करने के अलावा उच्चाधिकारियों से इसके पकड़ने की अनुमति लेने की कवायद में जुटे हैं।
डीएफओ एसके सक्सेना ने बताया कि हाजीपुरा सैनिक पड़ाव के जिस तालाब में मगरमच्छ देखा गया है। उस तालाब में मगरमच्छ की लोकेशन का सर्वे करने आगरा के एनजीओ डब्लूएफओएक्स टीम के दो सदस्य आए थे। यह संस्था जीव-जन्तुओं के पकड़ने में विभाग का सहयोग करती है। टीम के सदस्यों ने बताया कि पहले लखनऊ से मगरमच्छ पकड़ने के लिए अनुमति लेनी होगी। उसके बाद टीम के सदस्यों को एक वोट और बड़ा जाल आदि सामान उपलब्ध कराना होगा। वन विभाग ने लखनऊ में अफसरों से अनुमति के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। डीएफओ ने इलाके के लोगों को तालाब से दूर रहने, तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने पर पत्थर नहीं मारने का आह्वान किया है। बताया कि मगरमच्छ रेंग कर 25 किमी दूर रात में चल लेते हैं। ऐसे में उसके भागने का भी खतरा बना हुआ है।
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डीएफओ एसके सक्सेना ने बताया कि हाजीपुरा सैनिक पड़ाव के जिस तालाब में मगरमच्छ देखा गया है। उस तालाब में मगरमच्छ की लोकेशन का सर्वे करने आगरा के एनजीओ डब्लूएफओएक्स टीम के दो सदस्य आए थे। यह संस्था जीव-जन्तुओं के पकड़ने में विभाग का सहयोग करती है। टीम के सदस्यों ने बताया कि पहले लखनऊ से मगरमच्छ पकड़ने के लिए अनुमति लेनी होगी। उसके बाद टीम के सदस्यों को एक वोट और बड़ा जाल आदि सामान उपलब्ध कराना होगा। वन विभाग ने लखनऊ में अफसरों से अनुमति के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। डीएफओ ने इलाके के लोगों को तालाब से दूर रहने, तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने पर पत्थर नहीं मारने का आह्वान किया है। बताया कि मगरमच्छ रेंग कर 25 किमी दूर रात में चल लेते हैं। ऐसे में उसके भागने का भी खतरा बना हुआ है।
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