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लहरा और वमनपुरा में बाढ़ की दस्तक
अमर उजाला ब्यूरो एटा।
Updated Wed, 20 Jul 2016 11:29 PM IST
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लहरा और वमनपुरा में बाढ़ की दस्तक
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा में बढ़ते जलस्तर से प्रशासन और तटवर्तीय गांव में निवास करने वाले लोगों की पेशानी पर सिलवटें पड़नी शुरू हो गई हैं। वहीं लहरा और वमनपुरा की गलियां और खेत-खलियान बाढ़ के पानी से लबालब नजर आ रहे हैं। वहीं प्रशासन ने भी बचाव के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। खेतों में बाढ़ का पानी भरने से ग्रामीणों के समक्ष हरे चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
नरौरा समेत अन्य बैराज से भारी जलराशि छोड़े जाने के बाद जिले में गंगा के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिसके चलते गंगा के पानी ने तटवर्तीय क्षेत्रों में दस्तक देनी शुरू कर दी है। दो दर्जन से अधिक गांवों में आबादी के पास तक गंगा का पानी पहुंच चुका है। कई गांवों में खेत पानी से लबालब हो गए हैं तो लहरा और वमनपुरा की गलियों और खलियानों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लहरा में बनीं झोपड़ियां और कच्चे घर टापू में तब्दील हो गए हैं। डिगलेश नगर से बड़ी संख्या में लोग लहरा गांव आ रहे हैं तो वमनपुरा में ग्रामीणों को पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। शहबाजपुर, कादरगंज, बघेला, उढ़ेर, दतलाना के बाहरी इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। कछला घाट पर गंगा का मंदिरों तक पानी पहुंच गया है, जिससे घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटियाली इलाके में भी बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। यहां खेत और बाग जलमग्न हो गए हैं। वहीं समसपुर बांध में रिसाव होने से ग्रामीणों ने जबरदस्त हड़कंप मचा गया है। खेतों में पानी भरने के कारण फसलों को काफी क्षति पहुच रही है।
दूसरी ओर पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के चलते बैराजों से गंगा में भारी जलराशि डिस्चार्ज की जा रही है। बुधवार को नरौरा से मंगलवार की अपेक्षा 12000 क्यूसेक डिस्चार्ज में वृद्धि की गई, जिसके बाद नरौरा से पानी के डिस्चार्ज का मात्रा 204201 क्यूसेक हो गई।
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रिसाव रोकने के दिए निर्देश
पटियाली(ब्यूरो)। समसपुर बांध के रिसाव की शिकायत पर मौके पर पहुंचे पटियाली के तहसीलदार एके सिंह ने प्रधान को श्रमिकों की सहायता से बांध का रिसाव रोकने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने इस मामले में सिंचाई विभाग को भी जानकारी दी।
कावड़ियों को होगी दिक्कतें
सोरों(ब्यूरो)। लहरा गंगा घाट पर बड़ी संख्या में कांवड़िए सावन माह में कांवड़ भरते हैं। सावन का महीना गुरुवार से शुरू हो रहा है। कांवड़ियों का आना भी शुरू हो जाएगा। लहरा गंगा घाट पर हर वर्ष कावड़ मेले का आयोजन होता है। इस बार घाट पर बाढ़ का पानी भरने के कारण दुकानदार भी चिंतित हैं।
प्रभारी डीएम ने दिए निर्देश
कासगंज(ब्यूरो)। प्रभारी जिलाधिकारी बाल मयंक मिश्रा ने जिले में मीडियम फ्लड के हालातों को देखते हुए सभी तहसीलों के राजस्व अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों व पुलिस विभाग को एलर्ट जारी किया है। उन्होंने अपने-अपने इलाके में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
नहीं कट पा रहा हरा चारा
कासगंज(ब्यूरो)। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खेतों में कई फुट पानी भरा होने से किसान हरा चारा नहीं काट पा रहे हैं। घास भी पानी में डूब गई है, जिससे पशुओं को आहार में भूसा ही दे रहे हैं। लहरा के किसान डूंगर ने बताया कि उनके खेत में काफी पानी भरा है। वह तीन दिन से चारा नहीं ला पा रहे हैं।
शीघ्र होंगे हालात सामान्य
कासगंज(ब्यूरो)। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता हरि शर्मा का कहना है कि हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है, जिससे एक दो दिन में मीडियम फ्लड के हालात सामान्य होने लगेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई बांध नहीं कटा है। सभी बांध सुरक्षित हैं। क्षेत्र में पूरी तरह से चौकसी रखी जा रही है।
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नरौरा समेत अन्य बैराज से भारी जलराशि छोड़े जाने के बाद जिले में गंगा के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिसके चलते गंगा के पानी ने तटवर्तीय क्षेत्रों में दस्तक देनी शुरू कर दी है। दो दर्जन से अधिक गांवों में आबादी के पास तक गंगा का पानी पहुंच चुका है। कई गांवों में खेत पानी से लबालब हो गए हैं तो लहरा और वमनपुरा की गलियों और खलियानों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लहरा में बनीं झोपड़ियां और कच्चे घर टापू में तब्दील हो गए हैं। डिगलेश नगर से बड़ी संख्या में लोग लहरा गांव आ रहे हैं तो वमनपुरा में ग्रामीणों को पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। शहबाजपुर, कादरगंज, बघेला, उढ़ेर, दतलाना के बाहरी इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। कछला घाट पर गंगा का मंदिरों तक पानी पहुंच गया है, जिससे घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटियाली इलाके में भी बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। यहां खेत और बाग जलमग्न हो गए हैं। वहीं समसपुर बांध में रिसाव होने से ग्रामीणों ने जबरदस्त हड़कंप मचा गया है। खेतों में पानी भरने के कारण फसलों को काफी क्षति पहुच रही है।
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दूसरी ओर पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के चलते बैराजों से गंगा में भारी जलराशि डिस्चार्ज की जा रही है। बुधवार को नरौरा से मंगलवार की अपेक्षा 12000 क्यूसेक डिस्चार्ज में वृद्धि की गई, जिसके बाद नरौरा से पानी के डिस्चार्ज का मात्रा 204201 क्यूसेक हो गई।
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रिसाव रोकने के दिए निर्देश
पटियाली(ब्यूरो)। समसपुर बांध के रिसाव की शिकायत पर मौके पर पहुंचे पटियाली के तहसीलदार एके सिंह ने प्रधान को श्रमिकों की सहायता से बांध का रिसाव रोकने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने इस मामले में सिंचाई विभाग को भी जानकारी दी।
कावड़ियों को होगी दिक्कतें
सोरों(ब्यूरो)। लहरा गंगा घाट पर बड़ी संख्या में कांवड़िए सावन माह में कांवड़ भरते हैं। सावन का महीना गुरुवार से शुरू हो रहा है। कांवड़ियों का आना भी शुरू हो जाएगा। लहरा गंगा घाट पर हर वर्ष कावड़ मेले का आयोजन होता है। इस बार घाट पर बाढ़ का पानी भरने के कारण दुकानदार भी चिंतित हैं।
प्रभारी डीएम ने दिए निर्देश
कासगंज(ब्यूरो)। प्रभारी जिलाधिकारी बाल मयंक मिश्रा ने जिले में मीडियम फ्लड के हालातों को देखते हुए सभी तहसीलों के राजस्व अधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों व पुलिस विभाग को एलर्ट जारी किया है। उन्होंने अपने-अपने इलाके में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
नहीं कट पा रहा हरा चारा
कासगंज(ब्यूरो)। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खेतों में कई फुट पानी भरा होने से किसान हरा चारा नहीं काट पा रहे हैं। घास भी पानी में डूब गई है, जिससे पशुओं को आहार में भूसा ही दे रहे हैं। लहरा के किसान डूंगर ने बताया कि उनके खेत में काफी पानी भरा है। वह तीन दिन से चारा नहीं ला पा रहे हैं।
शीघ्र होंगे हालात सामान्य
कासगंज(ब्यूरो)। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता हरि शर्मा का कहना है कि हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है, जिससे एक दो दिन में मीडियम फ्लड के हालात सामान्य होने लगेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई बांध नहीं कटा है। सभी बांध सुरक्षित हैं। क्षेत्र में पूरी तरह से चौकसी रखी जा रही है।