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कलयुग के श्रवण कुमार: बूढ़े मां-बाप को कंधे पर बैठाकर कांवड़ यात्रा, सोरों घाट से जा रहे आगरा
Mon, 24 Aug 2026 09:50 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 24 Aug 2026 09:50 AM IST
सार
आगरा-जलेसर मार्ग पर श्रद्धालु अपने 100 वर्ष की आयु पूरी कर चुके वृद्ध माता-पिता और दादी को कांवड़ में बैठाकर यात्रा करते नजर आए। अनोखी कांवड़ यात्राओं को देखकर रास्ते से गुजर रहे लोग भी रुक गए और श्रद्धालुओं की मातृ-पितृ भक्ति की सराहना की।
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कांवड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा-जलेसर मार्ग पर रविवार को दो अनोखी कांवड़ यात्राएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। इन यात्राओं में श्रद्धालु अपने वृद्ध माता-पिता और दादी को कांवड़ में बैठाकर गंगाजल लेकर चल रहे थे। यह अनूठा दृश्य देखकर मार्ग से गुजर रहे राहगीर भी रुक गए और उन्होंने कांवड़ियों की खूब सराहना की।
प्रत्येक कांवड़ में एक ओर वृद्ध परिजन बैठे थे, जबकि दूसरी ओर गंगाजल से भरे कलश रखे हुए थे। कांवड़ यात्रियों ने बताया कि उनके माता-पिता ने सौ वर्ष की आयु पूरी की है।
इसी उपलक्ष्य में उन्होंने कासगंज के सोरों घाट से पवित्र गंगाजल भरा है। इस गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। आगरा की टीम अपने वृद्ध पिता को कांवड़ में साथ लेकर चल रही थी। वहीं, फतेहपुर सीकरी निवासी कृष्णा अपनी वृद्ध दादी मां को कांवड़ में बैठाकर यात्रा कर रहे थे।
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प्रत्येक कांवड़ में एक ओर वृद्ध परिजन बैठे थे, जबकि दूसरी ओर गंगाजल से भरे कलश रखे हुए थे। कांवड़ यात्रियों ने बताया कि उनके माता-पिता ने सौ वर्ष की आयु पूरी की है।
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इसी उपलक्ष्य में उन्होंने कासगंज के सोरों घाट से पवित्र गंगाजल भरा है। इस गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा। आगरा की टीम अपने वृद्ध पिता को कांवड़ में साथ लेकर चल रही थी। वहीं, फतेहपुर सीकरी निवासी कृष्णा अपनी वृद्ध दादी मां को कांवड़ में बैठाकर यात्रा कर रहे थे।
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