{"_id":"6a8bca4728e4755682095093","slug":"40-crore-science-park-project-delayed-by-land-and-encroachment-issues-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा का ड्रीम प्रोजेक्ट: जमीन-अतिक्रमण की उलझन में अटका निर्माण, 40 करोड़ रुपये से तैयार होना है साइंस पार्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा का ड्रीम प्रोजेक्ट: जमीन-अतिक्रमण की उलझन में अटका निर्माण, 40 करोड़ रुपये से तैयार होना है साइंस पार्क
Mon, 24 Aug 2026 10:06 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 24 Aug 2026 10:06 AM IST
सार
आगरा के पंचकुइया में 40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे साइंस पार्क का काम तय समय से काफी पीछे चल रहा है। मार्च 2027 की डेडलाइन के बावजूद एग्जीबिशन हॉल का 55 प्रतिशत और गार्ड रूम का सिर्फ 10 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। डीएम मनीष बंसल ने निरीक्षण के दौरान निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जताई और खुद सीमेंट-बालू की गुणवत्ता की जांच की।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान खुद परखी मसाले की गुणवत्ता।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के पंचकुइया के पास लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से 11,149 वर्ग मीटर में बन रहा बहुप्रतीक्षित साइंस पार्क लेटलतीफी और विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ता दिख रहा है। बिना पर्याप्त जमीन और अतिक्रमण हटाए ही कार्यदायी संस्था ने निर्माण शुरू कर दिया। रविवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का औचक निरीक्षण किया, तो सुस्त चाल पर सख्त नाराजगी जताई और खुद मौके पर मसाले सीमेंट-बालू की गुणवत्ता परखी।
मार्च 2027 की डेडलाइन वाले इस प्रोजेक्ट में अब तक एग्जीबिशन हॉल का मात्र 55 और गार्ड रूम का महज 10 प्रतिशत काम ही हो सका है। वर्तमान में ब्लॉक-ए में केवल प्लिंथ बीम तक काम पहुंचा है। जिलाधिकारी के जवाब-तलब करने पर कार्यदायी संस्था ने बताया कि शुरुआत में आवंटित जमीन अपर्याप्त थी। बाद में जो जमीन मिली, वहां अतिक्रमण और जर्जर भवन होने के कारण काम समय से सुचारू नहीं हो सका। निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह होने पर जिलाधिकारी ने मजदूरों से पूछताछ की और अपने सामने जार टेस्ट कराकर सीमेंट, बालू व सिल्ट का अनुपात जांचा।
उन्होंने कार्यप्रणाली पर लगाम कसते हुए कॉलम कास्टिंग से पहले अनिवार्य रूप से क्यूब टेस्ट कराने और सभी जांचों का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि इस हाई-टेक पार्क में स्पेस गैलरी, प्लेनेटरियम और डायनासोरियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था की यह सुस्त चाल शहर के बच्चों के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मार्च 2027 की डेडलाइन वाले इस प्रोजेक्ट में अब तक एग्जीबिशन हॉल का मात्र 55 और गार्ड रूम का महज 10 प्रतिशत काम ही हो सका है। वर्तमान में ब्लॉक-ए में केवल प्लिंथ बीम तक काम पहुंचा है। जिलाधिकारी के जवाब-तलब करने पर कार्यदायी संस्था ने बताया कि शुरुआत में आवंटित जमीन अपर्याप्त थी। बाद में जो जमीन मिली, वहां अतिक्रमण और जर्जर भवन होने के कारण काम समय से सुचारू नहीं हो सका। निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह होने पर जिलाधिकारी ने मजदूरों से पूछताछ की और अपने सामने जार टेस्ट कराकर सीमेंट, बालू व सिल्ट का अनुपात जांचा।
विज्ञापन
उन्होंने कार्यप्रणाली पर लगाम कसते हुए कॉलम कास्टिंग से पहले अनिवार्य रूप से क्यूब टेस्ट कराने और सभी जांचों का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि इस हाई-टेक पार्क में स्पेस गैलरी, प्लेनेटरियम और डायनासोरियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था की यह सुस्त चाल शहर के बच्चों के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
विज्ञापन