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वमनपुरा गांव में घुसने लगा गंगा का पानी
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:32 PM IST
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वमनपुरा गांव में घुसने लगा गंगा का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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गंगा किनारे बसे वमनपुरा गांव में गंगा का पानी घुसने लगा है। बस्ती के चारों तरफ जलभराव से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हैं। बाढ़ का पानी घरों में घुसने की आशंका से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई हैं। लोग गृहस्थी का सामान सुरक्षित करने में लग गए हैं।
नरौरा से पानी छोड़े जाने के कारण पिछले 24 घंटे से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके कारण कछार में बसे वमनपुरा गांव में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। गांव के चारों तरफ पानी लहलहाने से आवागमन के रास्ते बंद हैं। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हुआ है। वहीं गांव के आशा लाल बघेल, डोरीलाल बघेल, केशव कुमार, नरेश कुमार, ब्रह्मानंद, मुन्ना लाल, नन्नी लाल, नैनसुख, दयाशंकर, गंगा सिंह, शिवशंकर, किशोरी लाल, रामनिवास आदि के मकानों की दीवारों से पानी टकराने लगा है। आलम यह है कि गंगा का जलस्तर थोड़ा सा भी और बढ़ा, तो इन घरों में पानी घुसने में देरी नहीं लगेगी। वहीं गांव में बाढ़ का पानी आ जाने से लोगों का जनजीवन प्रभावित है। वमनपुरा से रफातपुर जाने वाला मार्ग पूरी तरीके से गंगा के पानी में डूबा हुआ है। आस-पास के इलाके की सैकड़ों बीघा फसलें प्रभावित हैं। श्रीपाल, बृजपाल, राजपाल, सुघड़ सिंह, हरिओम, भगवान सिंह, पूरन सिंह, रविंद्र सिंह, राजेश आदि किसानों की सारी फसलें पानी में डूबी हुई हैं। वहीं तराई के करीब दो दर्जन गांवों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
इनसेट
किसान यूनियन ने की मुआवजे की मांग
सहावर(ब्यूरो)। बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसान यूनियन की टीम ने भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष भगवान सिंह राघव, महासचिव संजय प्रजापति ने कहा कि बाढ़ के प्रभाव शहबाजपुर, वमनपुरा, बही खेड़ा, अजीतनगर, सिंकदरपुर धाय, रफातपुर सहित अन्य गांवों में बाढ़ से किसानों को काफी क्षति हुई है, लेकिन फसलों की क्षति का कोई आंकलन किया गया है और न मुआवजा दिया गया है। उन्होंने किसानों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान सत्यभान, राकेश चर्तुवेदी, यशपाल, जागन ङ्क्षसह, धनपाल, राजेंद्र आदि किसान मौजूद रहे।
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नरौरा से पानी छोड़े जाने के कारण पिछले 24 घंटे से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके कारण कछार में बसे वमनपुरा गांव में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। गांव के चारों तरफ पानी लहलहाने से आवागमन के रास्ते बंद हैं। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हुआ है। वहीं गांव के आशा लाल बघेल, डोरीलाल बघेल, केशव कुमार, नरेश कुमार, ब्रह्मानंद, मुन्ना लाल, नन्नी लाल, नैनसुख, दयाशंकर, गंगा सिंह, शिवशंकर, किशोरी लाल, रामनिवास आदि के मकानों की दीवारों से पानी टकराने लगा है। आलम यह है कि गंगा का जलस्तर थोड़ा सा भी और बढ़ा, तो इन घरों में पानी घुसने में देरी नहीं लगेगी। वहीं गांव में बाढ़ का पानी आ जाने से लोगों का जनजीवन प्रभावित है। वमनपुरा से रफातपुर जाने वाला मार्ग पूरी तरीके से गंगा के पानी में डूबा हुआ है। आस-पास के इलाके की सैकड़ों बीघा फसलें प्रभावित हैं। श्रीपाल, बृजपाल, राजपाल, सुघड़ सिंह, हरिओम, भगवान सिंह, पूरन सिंह, रविंद्र सिंह, राजेश आदि किसानों की सारी फसलें पानी में डूबी हुई हैं। वहीं तराई के करीब दो दर्जन गांवों में भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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किसान यूनियन ने की मुआवजे की मांग
सहावर(ब्यूरो)। बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसान यूनियन की टीम ने भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष भगवान सिंह राघव, महासचिव संजय प्रजापति ने कहा कि बाढ़ के प्रभाव शहबाजपुर, वमनपुरा, बही खेड़ा, अजीतनगर, सिंकदरपुर धाय, रफातपुर सहित अन्य गांवों में बाढ़ से किसानों को काफी क्षति हुई है, लेकिन फसलों की क्षति का कोई आंकलन किया गया है और न मुआवजा दिया गया है। उन्होंने किसानों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान सत्यभान, राकेश चर्तुवेदी, यशपाल, जागन ङ्क्षसह, धनपाल, राजेंद्र आदि किसान मौजूद रहे।
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