{"_id":"1feb5222df1419c8db05c4169b711838","slug":"victory-at-home-to-sri-echo-jaykare-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विजय यात्रा में गूंज श्रीराम की जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विजय यात्रा में गूंज श्रीराम की जयकारे
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 22 Oct 2015 06:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीर्थनगरी में चल रही रामलीला में लक्ष्मण शक्ति और मेघनाथ वध की लीलाओं का मंचन किया गया। मेघनाथ ने जैसे ही शक्ति चलाकर लक्ष्मण को अचेत किया। राम की सेना शोक में डूब गई व रावण के दरबार में खुशी छा गई। पवनपुत्र हनुमान हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाये तब जाकर लक्ष्मण के प्राण बचे।
गुरुवार को अंतिम दिन की लीला में अहिरावण, मेघनाथ वध की लीलाओं का मंचन किया गया। मेला ग्राउंड में राम रावण के युद्ध की लीला का कलाकारों ने मंचन किया।
राम ने जैसे ही बुराई के प्रतीक रावण के पुतले पर जैसे ही अग्निवाण छोड़ा पुतला धू धू कर जल उठा। चारों ओर प्रभु राम के जयकारे लगने लगे। रावण दहन के पश्चात कस्बे में प्रभु राम की विजय यात्रा गाजेबाजे के साथ निकाली गई। दर्जनभर स्वरूपों की झांकियों पर लोग जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आरती उतार रहे थे।
राम जी की निकाली सवारी राम जी की लीला है न्यारी आदि बैंड की सुमधुर ध्ुानों पर गाये जा रहे गीतों पर लोग भक्ति में डूब कर खुशी से नृत्य कर रहे थे। विजययात्रा मेला ग्राउंड से शुरु होकर चंदनचौक, कटरा बाजार, बदरिया, बड़ा बाजार, हरि की पैडी आदि क्षेत्रों में देर रात तक भ्रमण करती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुवार को अंतिम दिन की लीला में अहिरावण, मेघनाथ वध की लीलाओं का मंचन किया गया। मेला ग्राउंड में राम रावण के युद्ध की लीला का कलाकारों ने मंचन किया।
राम ने जैसे ही बुराई के प्रतीक रावण के पुतले पर जैसे ही अग्निवाण छोड़ा पुतला धू धू कर जल उठा। चारों ओर प्रभु राम के जयकारे लगने लगे। रावण दहन के पश्चात कस्बे में प्रभु राम की विजय यात्रा गाजेबाजे के साथ निकाली गई। दर्जनभर स्वरूपों की झांकियों पर लोग जगह-जगह पुष्पवर्षा कर आरती उतार रहे थे।
विज्ञापन
राम जी की निकाली सवारी राम जी की लीला है न्यारी आदि बैंड की सुमधुर ध्ुानों पर गाये जा रहे गीतों पर लोग भक्ति में डूब कर खुशी से नृत्य कर रहे थे। विजययात्रा मेला ग्राउंड से शुरु होकर चंदनचौक, कटरा बाजार, बदरिया, बड़ा बाजार, हरि की पैडी आदि क्षेत्रों में देर रात तक भ्रमण करती रही।
विज्ञापन