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रेलवे लाइन विस्तार पर टिकीं नजरें
Amar Ujala
Updated Sat, 28 Jan 2017 11:55 PM IST
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केंद्र सरकार एक फरवरी को पहली दफा रेल और आम बजट एक साथ पेश करने जा रही है। नोटबंदी और एक साथ आ रहे बजट को लेकर लोग उत्सकु हैं। लोग चाहते हैं कि दोनों बजट में जनता की सहूलियतों को ध्यान में रखा जाए। वहीं एटा-कासगंज रेल लाइन मंजूरी पर भी यहां को लोगों की नजरें टिकीं है।
व्यापारी अमित चौहान कहते हैं कि जिले को रेल बजट से कई उम्मीदें हैं। पिछले बजट में घोषित हुए सर्वे को रफ्तार की उम्मीद है। एटा-कासगंज रेल लाइन को मंजूरी मिलनी चाहिए। व्यापारी अतुल राठी, उद्यमी दिनेशचंद्र वार्ष्णेय कहते हैं कि जीएसटी लागू किया जा रहा है। नोटबंदी के बाद पहला बजट है, तो कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिहाज से सरकार को सही कदम उठाने चाहिए। सीए प्रतीक आमौरिया कहते हैं कि बजट में सरकार को आयकर सीमा का दायरा बढ़ाना चाहिए। नौकरी पेशा जितेंद्र कुमार चाहते हैं कि रोजगार की संभावनाएं बढ़ें, युवाओं को हुनरमंद बनाने की योजनाओं पर काम हो। किसान ओमवीर सिंह फसल बीमा योजना के कृषि सुधार चाहते हैं। गृहिणी और समाजसेविका डा. श्यामलता वेद कहती हैं कि मंहगाई, नोटबंदी से घर का बजट बिगडा़ है। महंगाई को नियंत्रित करने वाला बजट चाहिए।
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व्यापारी अमित चौहान कहते हैं कि जिले को रेल बजट से कई उम्मीदें हैं। पिछले बजट में घोषित हुए सर्वे को रफ्तार की उम्मीद है। एटा-कासगंज रेल लाइन को मंजूरी मिलनी चाहिए। व्यापारी अतुल राठी, उद्यमी दिनेशचंद्र वार्ष्णेय कहते हैं कि जीएसटी लागू किया जा रहा है। नोटबंदी के बाद पहला बजट है, तो कैशलेस अर्थव्यवस्था के लिहाज से सरकार को सही कदम उठाने चाहिए। सीए प्रतीक आमौरिया कहते हैं कि बजट में सरकार को आयकर सीमा का दायरा बढ़ाना चाहिए। नौकरी पेशा जितेंद्र कुमार चाहते हैं कि रोजगार की संभावनाएं बढ़ें, युवाओं को हुनरमंद बनाने की योजनाओं पर काम हो। किसान ओमवीर सिंह फसल बीमा योजना के कृषि सुधार चाहते हैं। गृहिणी और समाजसेविका डा. श्यामलता वेद कहती हैं कि मंहगाई, नोटबंदी से घर का बजट बिगडा़ है। महंगाई को नियंत्रित करने वाला बजट चाहिए।
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