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इस बार गेंहू की बंपर खरीद
ब्यूरो, अमर उजाला, एटा
Updated Wed, 03 Jun 2015 11:21 PM IST
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पहले बरसात की वजह से कई बार खुले में रखा गेहूं खराब जाने की वजह से अब एफसीआई ने इसे सुरक्षित रखने की कवायद अभी से शुरू कर दी है। गत वर्षों में गेहूं की खरीद सुस्त गति से होने की वजह से एफसीआई का गोदाम भी नहीं भर पाता था, लेकिन इस बार हुई गेहूं की बंपर खरीद ने एफसीआई को राज्य सरकार का गोदाम किराए पर लेने को मजबूर कर दिया है। एफसीआई गोदाम प्रभारी यतीश कुमार ने बताया कि अब तक सरकारी केंद्रों से नौ हजार एमटी के आसपास गेहूं गोदाम में पहुंच चुका है।
आने वाले दो तीन दिनों में इसका भंडारण पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा एसडब्लूसी गोदाम पर भी गेहूं पहुंच रहा है। जिसे सुरक्षित रखवाया जा रहा है। जिले में गेहूं की खरीद 15 जून तक होनी है। ऐसे में अब प्री मानसून बारिश होने की भी आशंका रहती है। बरसात से भीगने पर गेहूं खराब न हो इसके लिए पहले से ही बंदोबस्त किए जा रहे हैं। इस बार गेहूं के समर्थन मूल्य से मंडी में गेहूं के भाव कम रहे हैं।
इसकी वजह से बजाय मंडी के किसानों का रुख सरकारी केंद्रों की ओर रहा है। इसकी वजह से ही गत वर्षों में जो खरीद लक्ष्य के सापेक्ष 20 से 25 प्रतिशत के बीच सिमट जाती थी। वह 70 प्रतिशत के ऊपर पहुंच गई है।
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आने वाले दो तीन दिनों में इसका भंडारण पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा एसडब्लूसी गोदाम पर भी गेहूं पहुंच रहा है। जिसे सुरक्षित रखवाया जा रहा है। जिले में गेहूं की खरीद 15 जून तक होनी है। ऐसे में अब प्री मानसून बारिश होने की भी आशंका रहती है। बरसात से भीगने पर गेहूं खराब न हो इसके लिए पहले से ही बंदोबस्त किए जा रहे हैं। इस बार गेहूं के समर्थन मूल्य से मंडी में गेहूं के भाव कम रहे हैं।
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इसकी वजह से बजाय मंडी के किसानों का रुख सरकारी केंद्रों की ओर रहा है। इसकी वजह से ही गत वर्षों में जो खरीद लक्ष्य के सापेक्ष 20 से 25 प्रतिशत के बीच सिमट जाती थी। वह 70 प्रतिशत के ऊपर पहुंच गई है।
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