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Etah News: बसों में गर्मी से बीमार होने पर यात्रियों के लिए नहीं है फर्स्ट एड बॉक्स
Wed, 23 Apr 2025 11:38 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 23 Apr 2025 11:38 PM IST
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बस में नहीं लगी उपचार किट।
- फोटो : बस में नहीं लगी उपचार किट।
एटा। तापमान बढ़ने के साथ ही गर्मी परेशान करने लगी है, ऐसे में यात्रा करने वाले लोग लू की चपेट में आ सकते हैं। उनके प्राथमिक उपचार के लिए डिपो की अधिकांश बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं है।
डिपो के बेड़े में वर्तमान में परिवहन निगम की 94 और अनुबंधित 186 बसें हैं, जो कि जनपद के लोकल रूट के साथ ही आगरा, बरेली, दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद और शिकोहाबाद मार्ग पर संचालित की जा रही हैं। अधिकांश बसों में उपचार किट लगी ही नहीं है। जबकि चिलचिलाती धूप की वजह से प्रमुख बाजारों तक में सन्नाटा पसर जाता है। ऐसे में यात्रा करने वाले लोगों को भी काफी सावधानी बरतनी होगी। बसों के अंदर फर्स्ट एड बॉक्स न होने से परेशानी हो सकते हैं।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश गुप्ता ने बताया कि बसों के अंदर प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स लगवाए गए हैं। नई बसों में तो कार्यशाला से लगकर ही आते हैं। कुछ यात्री या चालक-परिचालक ही दवाइयों को निकाल लेते हैं। इसकी वजह से बॉक्स खाली रह जाता है। गर्मी को देखते हुए सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स के अंदर प्राथमिक स्तर की दवाएं, ओआरएस के पैकेट आदि रखवाए जाएंगे। जिससे किसी यात्री को समस्या का सामना न करना पड़े।
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डिपो के बेड़े में वर्तमान में परिवहन निगम की 94 और अनुबंधित 186 बसें हैं, जो कि जनपद के लोकल रूट के साथ ही आगरा, बरेली, दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद और शिकोहाबाद मार्ग पर संचालित की जा रही हैं। अधिकांश बसों में उपचार किट लगी ही नहीं है। जबकि चिलचिलाती धूप की वजह से प्रमुख बाजारों तक में सन्नाटा पसर जाता है। ऐसे में यात्रा करने वाले लोगों को भी काफी सावधानी बरतनी होगी। बसों के अंदर फर्स्ट एड बॉक्स न होने से परेशानी हो सकते हैं।
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सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश गुप्ता ने बताया कि बसों के अंदर प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स लगवाए गए हैं। नई बसों में तो कार्यशाला से लगकर ही आते हैं। कुछ यात्री या चालक-परिचालक ही दवाइयों को निकाल लेते हैं। इसकी वजह से बॉक्स खाली रह जाता है। गर्मी को देखते हुए सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स के अंदर प्राथमिक स्तर की दवाएं, ओआरएस के पैकेट आदि रखवाए जाएंगे। जिससे किसी यात्री को समस्या का सामना न करना पड़े।
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