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Etah News: मांगे पूरी कराने के लिए देर रात तक भड़कते रहे ग्राम विकास अधिकारी
Mon, 29 Sep 2025 11:14 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:14 PM IST
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विकास भवन परिसर में मांगों को लेकर धरना देते ग्राम विकास अधिकारी-संवाद
एटा। ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी संघर्ष समन्वय समिति ने सोमवार को विकास भवन में मांगे पूरी कराने के लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। अवकाश में भी देर रात तक वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) पर भड़ास निकालते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीडीओ डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र से आश्वासन मिलने के बाद धरना स्थगित कर दिया।
समिति के अध्यक्ष रजनीश व सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सचिवों से लगातार गैर विभागीय कार्य जबरन कराए जा रहे हैं। अवकाश के दिनों में देर रात तक वीसी और बैठकों का आयोजन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। यहां तक कि रात 9 बजे के बाद चौपाल कराने के निर्देश भी मिलते हैं जबकि वर्तमान समय में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के कारण प्रधानों और सचिवों के प्रति विरोध की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि दो माह से उनका वेतन रुका हुआ है। जिलाधिकारी द्वारा दो दिन में वेतन दिलाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ। फैमिली आईडी बनवाने का जबरन दबाव, पंचायत एडवांस इंडेक्स (पीएआई) के डाटा संग्रह में सचिवों पर अत्यधिक बोझ, गोशालाओं के संचालन की जिम्मेदारी थोपी जा रही है।
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बिना कार्य कराए पंचायत निधि की राशि खर्च दिखाने का दबाव बनाया जा रहा है। शासनादेश के बावजूद नए जिला पंचायत राज अधिकारी को चार्ज नहीं सौंपा जा रहा है जो शासन की अवमानना है। ग्राम विकास अधिकारी राघवेंद्र मिश्रा, अनुराग, अमित तोमर, विजय बहादुर, विश्वजीत, कृष्ण गोपाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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समिति के अध्यक्ष रजनीश व सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सचिवों से लगातार गैर विभागीय कार्य जबरन कराए जा रहे हैं। अवकाश के दिनों में देर रात तक वीसी और बैठकों का आयोजन कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। यहां तक कि रात 9 बजे के बाद चौपाल कराने के निर्देश भी मिलते हैं जबकि वर्तमान समय में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के कारण प्रधानों और सचिवों के प्रति विरोध की स्थिति बनी हुई है।
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उन्होंने कहा कि दो माह से उनका वेतन रुका हुआ है। जिलाधिकारी द्वारा दो दिन में वेतन दिलाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ। फैमिली आईडी बनवाने का जबरन दबाव, पंचायत एडवांस इंडेक्स (पीएआई) के डाटा संग्रह में सचिवों पर अत्यधिक बोझ, गोशालाओं के संचालन की जिम्मेदारी थोपी जा रही है।
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बिना कार्य कराए पंचायत निधि की राशि खर्च दिखाने का दबाव बनाया जा रहा है। शासनादेश के बावजूद नए जिला पंचायत राज अधिकारी को चार्ज नहीं सौंपा जा रहा है जो शासन की अवमानना है। ग्राम विकास अधिकारी राघवेंद्र मिश्रा, अनुराग, अमित तोमर, विजय बहादुर, विश्वजीत, कृष्ण गोपाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।