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सुबह से कोहरे की चादर से लिपटा रहा शहर
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Wed, 07 Jan 2015 11:51 PM IST
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एटा में दो दिन मौसम साफ रहने के बाद बुधवार को फिर मौसम का मिजाज बिगड़ गया। सुबह से कोहरे की चादर में शहर लिपटा रहा। ठिठुरन भी बढ़ गई, वहीं तापमान में भी गिरावट आई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वाहन भी रेंगते हुए निकले। सूर्यदेव के भी दर्शन दुर्लभ हो गए। अलाव के सहारे बैठकर लोगाें ने ठंड से निजात पाई। बच्चे भी ठिठुरते हुए स्कूल गए।
चार-पांच दिन पहले हुई दो दिन की बारिश के बाद मौसम साफ हो गया। लगातार दो दिन तक धूप भी अच्छी निकली। इससे दिन में लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली, लेकिन बुधवार को फिर से मौसम खराब हो गया। सुबह जब लोगों की आंखें खुली तो घना कोहरा छाया हुआ था। पास की चीज भी दिखाई नहीं दे रही थी। दिन में भी वाहन लाइट जलाकर रेंगते हुए चल रहे थे। हल्की हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गई। गर्म कपड़ों में लदे लोग नजर आए।
दूसरी ओर आठ दिन से बंद स्कूलों के फिर से खुल जाने पर छोटे-छोटे बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। वहीं गरीब बेसहाराओं का बुरा हाल है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव के सहारे बैठे नजर आए। हालांकि दोपहर बाद सूर्यदेव ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए और फिर से दुबक गए। शाम होते ही बाजारों में भी सन्नाटा नजर आया। लोगबाग घरों में कैद हो गए। वहीं बिजली भी लोगों को धोखा दे रही है।
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चार-पांच दिन पहले हुई दो दिन की बारिश के बाद मौसम साफ हो गया। लगातार दो दिन तक धूप भी अच्छी निकली। इससे दिन में लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली, लेकिन बुधवार को फिर से मौसम खराब हो गया। सुबह जब लोगों की आंखें खुली तो घना कोहरा छाया हुआ था। पास की चीज भी दिखाई नहीं दे रही थी। दिन में भी वाहन लाइट जलाकर रेंगते हुए चल रहे थे। हल्की हवाएं चलने से ठिठुरन बढ़ गई। गर्म कपड़ों में लदे लोग नजर आए।
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दूसरी ओर आठ दिन से बंद स्कूलों के फिर से खुल जाने पर छोटे-छोटे बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। वहीं गरीब बेसहाराओं का बुरा हाल है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव के सहारे बैठे नजर आए। हालांकि दोपहर बाद सूर्यदेव ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए और फिर से दुबक गए। शाम होते ही बाजारों में भी सन्नाटा नजर आया। लोगबाग घरों में कैद हो गए। वहीं बिजली भी लोगों को धोखा दे रही है।
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