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बंदरों के हुड़दंग से छत गिरी, युवती की मौत
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Wed, 04 Feb 2015 11:55 PM IST
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बुधवार शाम कसबा सराय अगहत में दो साल पहले बना मकान गिर पड़ा। मलबे के नीचे दबकर मोहनी (18) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो किशोरी सहित तीन लोग घायल हो गए। घायलों को लोगों ने प्राइवेट नर्सिंग होम पर भर्ती कराया है। जानकारी पर पुलिस और तहसीलदार अलीगंज पहुंच गए।
थाना नयागांव के कस्बा सराय अगहत निवासी पप्पू सक्सेना ने करीब दो साल पहले मकान बनाया था। बताते हैं कि बुधवार को पप्पु के पड़ोसी विश्वनाथ की बेटी मोहिनी (18), प्रियंका (17) पुत्री सुरेश, पूनम (17) पुत्री बाबू शाक्य बंदर से डरकर भागकर पप्पू की छत पर चली गईं। पूनम की गोद में खुशबू (2) भी थी, वहीं घर के नीचे पप्पू की मां फूलकुमारी बैठी थीं।
इस दौरान कुछ बंदर मोहनी के पीछे भागे, तभी अचानक पूरा मकान भरभराकर नीचे गिर पड़ा। सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया। चिकित्सक ने मोहनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का उपचार चल रहा है। जानकारी पर पुलिस व तहसीलदार अतुल कुमार पहुंच गए।
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बता दें कि इससे पहले भी बंदरों के हमले के चलते कई की जान जा चुकी है। एक महीने पहले मिरहची के गांव जिन्हैरा में आंगन में बोतल से दूध पी रही सात माह की बालिका के ऊपर बंदर कूद पड़ा था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई, बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एक साल पहले अलीगंज में भी बंदर के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
घरवाले मोहनी के लिए लड़का देखने गए थे
लोगों ने बताया कि पिता व चाचा बुधवार को सुबह ही जिला मैनपुरी के बेवर में बेटी मोहिनी के लिए लड़का देखने गए थे। इसी दौरान उन्हें फोन पर यह दु:खद सूचना मिल गई। उल्टे पैर वह घर लौट आए। बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
जाकौ राखे साइयां, मार सकै ना कोय
घटना के बाद सभी लोगों के चोर्टें आइं, वहीं मोहनी की मौत हो गई, मगर दो वर्षीय खुशबू के खरोंच तक नहीं आई। इस पर लोग कहते दिखे जाकौ राखे साइयां मार सकै ना कोय।
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थाना नयागांव के कस्बा सराय अगहत निवासी पप्पू सक्सेना ने करीब दो साल पहले मकान बनाया था। बताते हैं कि बुधवार को पप्पु के पड़ोसी विश्वनाथ की बेटी मोहिनी (18), प्रियंका (17) पुत्री सुरेश, पूनम (17) पुत्री बाबू शाक्य बंदर से डरकर भागकर पप्पू की छत पर चली गईं। पूनम की गोद में खुशबू (2) भी थी, वहीं घर के नीचे पप्पू की मां फूलकुमारी बैठी थीं।
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इस दौरान कुछ बंदर मोहनी के पीछे भागे, तभी अचानक पूरा मकान भरभराकर नीचे गिर पड़ा। सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। मकान गिरने की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया। चिकित्सक ने मोहनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का उपचार चल रहा है। जानकारी पर पुलिस व तहसीलदार अतुल कुमार पहुंच गए।
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बता दें कि इससे पहले भी बंदरों के हमले के चलते कई की जान जा चुकी है। एक महीने पहले मिरहची के गांव जिन्हैरा में आंगन में बोतल से दूध पी रही सात माह की बालिका के ऊपर बंदर कूद पड़ा था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई, बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एक साल पहले अलीगंज में भी बंदर के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
घरवाले मोहनी के लिए लड़का देखने गए थे
लोगों ने बताया कि पिता व चाचा बुधवार को सुबह ही जिला मैनपुरी के बेवर में बेटी मोहिनी के लिए लड़का देखने गए थे। इसी दौरान उन्हें फोन पर यह दु:खद सूचना मिल गई। उल्टे पैर वह घर लौट आए। बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
जाकौ राखे साइयां, मार सकै ना कोय
घटना के बाद सभी लोगों के चोर्टें आइं, वहीं मोहनी की मौत हो गई, मगर दो वर्षीय खुशबू के खरोंच तक नहीं आई। इस पर लोग कहते दिखे जाकौ राखे साइयां मार सकै ना कोय।