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मेडिकल कॉलेज में रास्तों ने लिया तालाब का रूप
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मेडिकल कॉलेज में जलभराव ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। मेडिकल कॉलेज परिसर के रास्तों ने जलभराव होने से तालाब का रूप ले लिया है। 10 दिनों से अधिक समय से रास्तों में जलभराव होने के चलते लोग परेशान हैं। जबकि जिम्मेदार बता नहीं पा रहे कि लोगों को कब तक समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।
रविवार को शहर में हुई बारिश का सबसे ज्यादा असर वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला। अस्पताल परिसर के रास्ते में 10 दिनों से अधिक समय से जलभराव बना हुआ था। बारिश के बाद हालात और भी ज्यादा दयनीय हो गए। जलभराव ने तालाब का रूप ले लिया। ऑपरेशन थिएटर व डायलिसिस यूनिट के सामने के रास्ते पर काफी पानी भर गया। इमरजेंसी से सर्जिकल वार्ड में भर्ती को जाने वाले मरीज, बाल रोगी और महिला मरीजों को पानी से ही निकलना पड़ा। इधर पोस्टमार्टम हाउस के सामने पानी भर गया।
आरटीपीसीआर लैब व दवा वितरण केंद्र के सामने भी पानी अधिक हो गया। यहां पहुंचने के लिए कई मरीज और तीमारदार अपने जूते-चप्पल उतारकर जाते हुए दिखे। प्राचार्य डॉ. नवनीत सिंह चौहान ने बताया कि परिसर का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। इसकी वजह से जलभराव हो गया है। पानी निकालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही पानी को बाहर निकलवाया जाएगा।
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रविवार को शहर में हुई बारिश का सबसे ज्यादा असर वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला। अस्पताल परिसर के रास्ते में 10 दिनों से अधिक समय से जलभराव बना हुआ था। बारिश के बाद हालात और भी ज्यादा दयनीय हो गए। जलभराव ने तालाब का रूप ले लिया। ऑपरेशन थिएटर व डायलिसिस यूनिट के सामने के रास्ते पर काफी पानी भर गया। इमरजेंसी से सर्जिकल वार्ड में भर्ती को जाने वाले मरीज, बाल रोगी और महिला मरीजों को पानी से ही निकलना पड़ा। इधर पोस्टमार्टम हाउस के सामने पानी भर गया।
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आरटीपीसीआर लैब व दवा वितरण केंद्र के सामने भी पानी अधिक हो गया। यहां पहुंचने के लिए कई मरीज और तीमारदार अपने जूते-चप्पल उतारकर जाते हुए दिखे। प्राचार्य डॉ. नवनीत सिंह चौहान ने बताया कि परिसर का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। इसकी वजह से जलभराव हो गया है। पानी निकालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही पानी को बाहर निकलवाया जाएगा।
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