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विधायक वही, जो कराए तीर्थनगरी का विकास
Amar Ujala
Updated Tue, 10 Jan 2017 11:31 PM IST
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चुनावी चौपाल में मौजूद लोग
- फोटो : Amar Ujala
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कासगंज का सोरों क्षेत्र तीर्थनगरी है। यहां के लोग चाहते हैं कि उन्हें ऐसा जनप्रतिनिधि (विधायक) मिले, जो इस भगवान वाराह की भूूमि को मथुरा, वृंदावन, काशी की तरह धार्मिक मानचित्र पर चमका सके। चुनाव की तारीखें घोषित होते ही जन-जन में इसकी चर्चाएं भी शुरू हो गईं हैं। लोग उसे वोट देना चाहते हैं, जो धर्मनगरी के विकास के साथ यहां बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन जैसी बुनियादी समस्याओं से भी उन्हें छुटकारा दिलाए।
अधिवक्ता शिव किशोर त्रिगुणायत ने कहा कि क्षेत्र के सर्वागीण विकास की सोच रखने वाला जनप्रतिनिधि होना चाहिए। कृष्णकांत वशिष्ठ ने कहा तीर्थनगरी कोधार्मिक मानचित्र में स्थान दिलाने वाली सोच रखने वाला विधायक चुना जाना चाहिए। गब्दूमल चौधरी ने कहा कि स्थानीय प्रत्याशी को विधायक चुनें, क्योंकि उसे ही यहां की समस्याओं का पता होगा।
तीर्थ पुरोहित श्रीकांत तिवारी ने कहा कि काशी मथुरा वृंदावन की भांति इस तीर्थनगरी का भी विकास होना चाहिए। आज तक किसी भी जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। दिनेश बरबारिया ने कहा कि आजादी के 68 साल बाद भी स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी क्षेत्र मोहताज हैं। राजीव तिवारी की सोच है कि तीर्थनगरी के समुचित विकास कराने वाला जनप्रतिनिधि होना चाहिए। राकेश अग्रवाल, विष्णु नवल का कहना है कि जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकासवादी सोच रखने वाले उम्मीदवार का चयन यहां के लोगों को करना चाहिए।
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अधिवक्ता शिव किशोर त्रिगुणायत ने कहा कि क्षेत्र के सर्वागीण विकास की सोच रखने वाला जनप्रतिनिधि होना चाहिए। कृष्णकांत वशिष्ठ ने कहा तीर्थनगरी कोधार्मिक मानचित्र में स्थान दिलाने वाली सोच रखने वाला विधायक चुना जाना चाहिए। गब्दूमल चौधरी ने कहा कि स्थानीय प्रत्याशी को विधायक चुनें, क्योंकि उसे ही यहां की समस्याओं का पता होगा।
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तीर्थ पुरोहित श्रीकांत तिवारी ने कहा कि काशी मथुरा वृंदावन की भांति इस तीर्थनगरी का भी विकास होना चाहिए। आज तक किसी भी जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। दिनेश बरबारिया ने कहा कि आजादी के 68 साल बाद भी स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी क्षेत्र मोहताज हैं। राजीव तिवारी की सोच है कि तीर्थनगरी के समुचित विकास कराने वाला जनप्रतिनिधि होना चाहिए। राकेश अग्रवाल, विष्णु नवल का कहना है कि जाति-धर्म से ऊपर उठकर विकासवादी सोच रखने वाले उम्मीदवार का चयन यहां के लोगों को करना चाहिए।
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