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विमलेश बनी मासूम की यशोदा
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Thu, 19 May 2016 11:21 PM IST
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विमलेश बनी मासूम की यशोदा
- फोटो : अमर उजाला
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एक महिला दुधमुंहे बच्चे को खोखा संचालक के पास बहाना बनाकर छोड़कर चली गई। अब इस बच्चे को एक महिला ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। महिला इस बच्चे को भी अपने अन्य बच्चों की तरह से पालेगी।
एक महिला सुबह के समय माल गोदाम चौराहे पर आई। उसकी गोद में एक दुधमुंहा बालक था। उसने पास के चाय के खोखा संचालक सनी से कहा कि उसे घर के लिए बिजली का तार लाना है। कुछ देर के लिए वह इस बच्चे को अपने पास रख ले। गर्मी के मौसम को देखते हुए खोखा संचालक बच्चे को अपने पास रखने को तैयार हो गया। जब काफी देर तक वह महिला वापस नहीं लौटी तो सनी ने आसपास के लोगों को इस बात की जानकारी दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक बच्चे को किसी ने नहीं लिया, तो विमलेश ने बच्चे को अपने पास रखने को कहा। इस पर पुलिस और लोगों ने बच्चे को महिला की सुपुर्दगी में दे दिया। विमलेश का कहना है कि यदि महिला बच्चे को लेने नहीं आई तो वह इस बच्चे का लालन-पालन अन्य बच्चों की तरह ही करेगी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पद्म सिंह से बात की गई तो उन्होंने इस तरह के किसी भी मामले की जानकारी होने से इंकार किया।
छह मई को भी ट्रेन में मिला था बच्चा
बरेली से कासगंज आने वाली ट्रेन में भी एक दूधमुंहा बच्चा मिला था। यह बच्चा बीमार था। इसका इलाज मिशन हास्पिटल में चल रहा है। अभी तक बच्चे के माता-पिता की जानकारी नहीं मिली है।
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एक महिला सुबह के समय माल गोदाम चौराहे पर आई। उसकी गोद में एक दुधमुंहा बालक था। उसने पास के चाय के खोखा संचालक सनी से कहा कि उसे घर के लिए बिजली का तार लाना है। कुछ देर के लिए वह इस बच्चे को अपने पास रख ले। गर्मी के मौसम को देखते हुए खोखा संचालक बच्चे को अपने पास रखने को तैयार हो गया। जब काफी देर तक वह महिला वापस नहीं लौटी तो सनी ने आसपास के लोगों को इस बात की जानकारी दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। काफी देर तक बच्चे को किसी ने नहीं लिया, तो विमलेश ने बच्चे को अपने पास रखने को कहा। इस पर पुलिस और लोगों ने बच्चे को महिला की सुपुर्दगी में दे दिया। विमलेश का कहना है कि यदि महिला बच्चे को लेने नहीं आई तो वह इस बच्चे का लालन-पालन अन्य बच्चों की तरह ही करेगी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पद्म सिंह से बात की गई तो उन्होंने इस तरह के किसी भी मामले की जानकारी होने से इंकार किया।
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छह मई को भी ट्रेन में मिला था बच्चा
बरेली से कासगंज आने वाली ट्रेन में भी एक दूधमुंहा बच्चा मिला था। यह बच्चा बीमार था। इसका इलाज मिशन हास्पिटल में चल रहा है। अभी तक बच्चे के माता-पिता की जानकारी नहीं मिली है।
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