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Etah News: फेफड़ों पर धूल का असर, सांस व दमा के मरीजों को दिया उपचार
Sat, 17 Oct 2026 11:29 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 17 Oct 2026 11:29 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के टीबीसीडी विभाग की ओपीडी में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
एटा। क्षेत्र में धूल की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में दमा के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिस्सीज (टीबीसीडी) में 150 मरीजों को उपचार दिया गया।
चिकित्सकों ने बताया कि वर्तमान में देहात क्षेत्र में धान की कटाई हो रही है। इसकी वजह से धूल अधिक उड़ रही है। वहीं शहरी क्षेत्र में अलीगंज मार्ग और जीटी रोड पर ट्रैक्टर ट्रॉली व लोडर वाहन में धान की आवक होने से धूल के गुबार उड़ रहे हैं। शनिवार को कुल 150 मरीज में से 40 मरीज सांस और 30 मरीज दमा की समस्या के पहुंचे। चिकित्सकों ने सलाह देते हुए बताया कि धूल वाले इलाके में जाने से बचें। अगर जरूरी हो तो मुंह को अच्छी तरह से गमछा या मास्क लगाकर जाएं। जिससे धूल के कण नाक में प्रवेश न कर सकें।
टीबीसीडी ओपीडी में शनिवार को कुल 150 मरीजों को उपचार दिया गया। इसमें सबसे अधिक सांस व दमा के मरीजों को उपचार दिया गया। इसके अलावा क्षय रोग से पीड़ित मरीजों को भी उपचार दिया गया। - डॉ. शिवांक, क्षय रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
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चिकित्सकों ने बताया कि वर्तमान में देहात क्षेत्र में धान की कटाई हो रही है। इसकी वजह से धूल अधिक उड़ रही है। वहीं शहरी क्षेत्र में अलीगंज मार्ग और जीटी रोड पर ट्रैक्टर ट्रॉली व लोडर वाहन में धान की आवक होने से धूल के गुबार उड़ रहे हैं। शनिवार को कुल 150 मरीज में से 40 मरीज सांस और 30 मरीज दमा की समस्या के पहुंचे। चिकित्सकों ने सलाह देते हुए बताया कि धूल वाले इलाके में जाने से बचें। अगर जरूरी हो तो मुंह को अच्छी तरह से गमछा या मास्क लगाकर जाएं। जिससे धूल के कण नाक में प्रवेश न कर सकें।
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टीबीसीडी ओपीडी में शनिवार को कुल 150 मरीजों को उपचार दिया गया। इसमें सबसे अधिक सांस व दमा के मरीजों को उपचार दिया गया। इसके अलावा क्षय रोग से पीड़ित मरीजों को भी उपचार दिया गया। - डॉ. शिवांक, क्षय रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
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