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मरीज को दवा देने गया चिकित्सक लापता
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Sun, 14 Dec 2014 11:47 PM IST
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कासगंज/सिढ़पुरा।ग्राम शेरगढ़ में मरीज को दवा देने गया एक ग्रामीण चिकित्सक लापता हो गया। परिवारीजनों ने अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताई है। चार आरोपियों को नामजद कर पुलिस को तहरीर दी है।
ग्राम पिलखुनी निवासी खेतपाल अपने गांव में चिकित्सक है। उसे 12 दिसंबर की रात करीब 10 बजेेपूरन सिंह निवासी ग्राम शेरगढ़ ने अपनी पत्नी की बीमारी को लेकर दवा देने के लिए फोन कर बुलाया, लेकिन वह रात का समय होने के कारण नहीं गया। अगले दिन फिर उसने सुबह आठ बजे फोन कर चिकित्सक को बुलाया। खेतपाल दवा देने ग्राम शेरगढ़ के लिए अपनी साइकिल से चला गया लेकिन दोपहर तक घर नहीं पहुंचा, इस पर परिवारीजनों ने उसकी तलाश की।
पूरन ने शाम करीब चार बजे पिलखुनी के प्रवेश को फोन कर खेतपाल की साइकिल सरकारी नलकूप के पास खड़ी होने की सूचना दी। उसके भाई खुशीराम, पिता यादराम गांव के बालकराम, नौवतराम, बाबूराम गांव गए तो साइकिल और पड़ा था। जब इस संबंध में पूरन से बात की गई तो उसने मोहनपुर के ज्ञान सिंह के पास खेतपाल के अक्सर जाने की बात बताई। परिवारीजनों ने ज्ञान सिंह से पूछताछ की तो उसने चिकित्सक के नहीं आने की बात कही। इसके बाद फिर से शेरगढ़ जाने पर पूरन सिंह, पिता कुमरपाल ताऊ भगवान दास चचेरा भाई अवधेश कुमार घर पर नहीं मिले। खुशीराम ने इन चारों पर अपने भाई की हत्या के लिए अपहरण करने का आरोप लगा तहरीर दी।
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ग्राम पिलखुनी निवासी खेतपाल अपने गांव में चिकित्सक है। उसे 12 दिसंबर की रात करीब 10 बजेेपूरन सिंह निवासी ग्राम शेरगढ़ ने अपनी पत्नी की बीमारी को लेकर दवा देने के लिए फोन कर बुलाया, लेकिन वह रात का समय होने के कारण नहीं गया। अगले दिन फिर उसने सुबह आठ बजे फोन कर चिकित्सक को बुलाया। खेतपाल दवा देने ग्राम शेरगढ़ के लिए अपनी साइकिल से चला गया लेकिन दोपहर तक घर नहीं पहुंचा, इस पर परिवारीजनों ने उसकी तलाश की।
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पूरन ने शाम करीब चार बजे पिलखुनी के प्रवेश को फोन कर खेतपाल की साइकिल सरकारी नलकूप के पास खड़ी होने की सूचना दी। उसके भाई खुशीराम, पिता यादराम गांव के बालकराम, नौवतराम, बाबूराम गांव गए तो साइकिल और पड़ा था। जब इस संबंध में पूरन से बात की गई तो उसने मोहनपुर के ज्ञान सिंह के पास खेतपाल के अक्सर जाने की बात बताई। परिवारीजनों ने ज्ञान सिंह से पूछताछ की तो उसने चिकित्सक के नहीं आने की बात कही। इसके बाद फिर से शेरगढ़ जाने पर पूरन सिंह, पिता कुमरपाल ताऊ भगवान दास चचेरा भाई अवधेश कुमार घर पर नहीं मिले। खुशीराम ने इन चारों पर अपने भाई की हत्या के लिए अपहरण करने का आरोप लगा तहरीर दी।
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