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काम शुरू कराने पर बनी टकराव की स्थिति
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Mon, 08 Dec 2014 11:53 PM IST
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किसानों को पर्याप्त मुआवजे को लेकर चल रहे आंदोलन में सोमवार को एक बार फिर से विवाद की स्थिति पैदा हो गई। नोएडा से मैनपुरी तक बिजली की बड़ी लाइन के कार्य को गांव बालकपुर में दोबारा शुरू करा दिया गया। इस पर किसान व भाकियू के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध किया। बाद में काम को रोक दिया गया। भाकियू नेताओं का कहना है कि यदि दोबारा से काम शुरू हुआ तो किसान आंदोलन करेंगे।
नोएडा से मैनपुरी तक बड़ी लाइन का काम चल रहा है। किसानों की मांग है कि टावर के नीचे की जमीन का 50 लाख रुपये प्रति बीघा, लाइन के नीचे की जमीन का 25 लाख प्रति बीघा दिलाए जाए। इस मांग को लेकर सोमवार को गांव बालकपुर में भाकियू अराजनैतिक के बैनर तले पंचायत हुई थी। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे थे, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। काम को बंद करा दिया गया। किसानों ने 23 दिसंबर को कचहरी पर पंचायत करने का निर्णय लिया है।
बताते हैं कि सोमवार शाम कंपनी के अधिकारियों ने मजदूर लगाकर फिर से काम शुरू करा दिया। जैसे ही इसकी जानकारी किसानों व भाकियू नेताओं को लगी तो वह मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध कर काम नहीं होने दिया। इससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई। बाद में मामले को शांत किया गया और काम रुक गया।
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संगठन के प्रदेश महासचिव अखिल यादव का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता काम होता है, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। यदि फिर से काम शुरू किया गया तो किसान लाठी चलाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर शिवचरन सिंह, राजवीर देशमुख, कमलेश कुमार, सूरज, दिनेश, चंद्रपाल सिंह, जुगेंद्र सिंह, शेर सिंह आदि किसान मौजूद थे।
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नोएडा से मैनपुरी तक बड़ी लाइन का काम चल रहा है। किसानों की मांग है कि टावर के नीचे की जमीन का 50 लाख रुपये प्रति बीघा, लाइन के नीचे की जमीन का 25 लाख प्रति बीघा दिलाए जाए। इस मांग को लेकर सोमवार को गांव बालकपुर में भाकियू अराजनैतिक के बैनर तले पंचायत हुई थी। इसमें प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे थे, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। काम को बंद करा दिया गया। किसानों ने 23 दिसंबर को कचहरी पर पंचायत करने का निर्णय लिया है।
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बताते हैं कि सोमवार शाम कंपनी के अधिकारियों ने मजदूर लगाकर फिर से काम शुरू करा दिया। जैसे ही इसकी जानकारी किसानों व भाकियू नेताओं को लगी तो वह मौके पर पहुंच गए और इसका विरोध कर काम नहीं होने दिया। इससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई। बाद में मामले को शांत किया गया और काम रुक गया।
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संगठन के प्रदेश महासचिव अखिल यादव का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता काम होता है, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। यदि फिर से काम शुरू किया गया तो किसान लाठी चलाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर शिवचरन सिंह, राजवीर देशमुख, कमलेश कुमार, सूरज, दिनेश, चंद्रपाल सिंह, जुगेंद्र सिंह, शेर सिंह आदि किसान मौजूद थे।