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नहीं मिला बजट, शहर का विकास कार्य रुका
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जर्जर हाल में रतनपुर-पिदौरा मार्ग ।संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। शहर के जीटी रोड, गंजडुंडवारा रोड सहित देहात क्षेत्र की सड़कों पर काम के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में प्रस्ताव बनाकर भेजे गए, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिल पाया है। जिसके चलते विकास कार्य रुका हुआ है। जबकि लोक निर्माण विभाग के अधीन इन सड़कों की हालत खराब है। कई सड़कें तो बुरी तरह जर्जर हैं।
शहर के अंदर जीटी रोड सबसे अधिक महत्वपूर्ण और बेहद पुराना मार्ग है। समय बदलने के साथ ही वाहनों का भार बहुत ज्यादा बढ़ गया, लेकिन सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ सकी। आज तक यह टू लेन ही बना हुआ है। जिसके चलते इस पूरे मार्ग पर जाम के हालात बने रहते हैं। फोरलेन की दरकार है, लेकिन शासन के पास इसके लिए पैसा नहीं है। जर्जर हो चुके एटा-गंजडुंडवारा मार्ग को भी रुपयों के अभाव में नहीं बनवाया जा रहा है। इसके अलावा 30 ऐसे मार्ग हैं जिन पर सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक भी टूट-फूट है। इनका भी करीब तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के पाले में लंबित चल रहा है।
गंजडुंडवारा मार्ग को 30 करोड़ रुपये की दरकार
विधानसभा चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एटा से गंजडुंडवारा मार्ग निर्माण की घोषणा की थी। इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई। विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष में सड़क निर्माण के लिए करीब 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा, जो पास नहीं हो सका। इसके बाद विभाग की ओर से इस वित्तीय वर्ष में फिर से करीब 30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। जो अभी तक लंबित है।
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शहर का जीटी रोड भी नहीं हुआ फोरलेन
शहर के बीच से गुजरने वाला जीटी रोड मार्ग भी फोरलेन होने से अटका हुआ है। शहर से बाहर सिक्स लेन बाईपास निकलने के बाद शहर के अंदर के इस टुकड़े को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लोक निर्माण विभाग के अधीन कर दिया है, लेकिन शहर के अंदर यह टू लेन है। लोक निर्माण विभाग ने इसे फोरलेन करने के लिए चुनाव से पहले बीते वित्तीय वर्ष में करीब 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा जो आज तक मंजूर नहीं हो सका।
पिदौरा-रतनपुर मार्ग को भूला महकमा
विकासखंड मारहरा में पिदौरा से रतनपुर मार्ग को तो लोक निर्माण विभाग भूल ही चुका है। यह 15 साल से उखड़ा पड़ा है। करीब पांच किलोमीटर लंबे मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की ओर से अभी तक एक बार भी मरम्मत का काम नहीं कराया गया है। मरम्मत के नाम पर विभाग बजट न होने की कहकर अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेता है। यहां तक कि इस बार इसकी मरम्मत के लिए बजट भी नहीं मांगा गया।
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शहर के अंदर जीटी रोड सबसे अधिक महत्वपूर्ण और बेहद पुराना मार्ग है। समय बदलने के साथ ही वाहनों का भार बहुत ज्यादा बढ़ गया, लेकिन सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ सकी। आज तक यह टू लेन ही बना हुआ है। जिसके चलते इस पूरे मार्ग पर जाम के हालात बने रहते हैं। फोरलेन की दरकार है, लेकिन शासन के पास इसके लिए पैसा नहीं है। जर्जर हो चुके एटा-गंजडुंडवारा मार्ग को भी रुपयों के अभाव में नहीं बनवाया जा रहा है। इसके अलावा 30 ऐसे मार्ग हैं जिन पर सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक भी टूट-फूट है। इनका भी करीब तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन के पाले में लंबित चल रहा है।
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गंजडुंडवारा मार्ग को 30 करोड़ रुपये की दरकार
विधानसभा चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एटा से गंजडुंडवारा मार्ग निर्माण की घोषणा की थी। इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई। विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष में सड़क निर्माण के लिए करीब 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा, जो पास नहीं हो सका। इसके बाद विभाग की ओर से इस वित्तीय वर्ष में फिर से करीब 30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। जो अभी तक लंबित है।
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शहर का जीटी रोड भी नहीं हुआ फोरलेन
शहर के बीच से गुजरने वाला जीटी रोड मार्ग भी फोरलेन होने से अटका हुआ है। शहर से बाहर सिक्स लेन बाईपास निकलने के बाद शहर के अंदर के इस टुकड़े को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लोक निर्माण विभाग के अधीन कर दिया है, लेकिन शहर के अंदर यह टू लेन है। लोक निर्माण विभाग ने इसे फोरलेन करने के लिए चुनाव से पहले बीते वित्तीय वर्ष में करीब 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा जो आज तक मंजूर नहीं हो सका।
पिदौरा-रतनपुर मार्ग को भूला महकमा
विकासखंड मारहरा में पिदौरा से रतनपुर मार्ग को तो लोक निर्माण विभाग भूल ही चुका है। यह 15 साल से उखड़ा पड़ा है। करीब पांच किलोमीटर लंबे मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की ओर से अभी तक एक बार भी मरम्मत का काम नहीं कराया गया है। मरम्मत के नाम पर विभाग बजट न होने की कहकर अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेता है। यहां तक कि इस बार इसकी मरम्मत के लिए बजट भी नहीं मांगा गया।

शिवसिंहपुर पर उखड़ी गंजडुंडवारा रोड ।संवाद- फोटो : ETAH