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The budget does not look at the station announcements
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:07 PM IST
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हर रेल बजट में यात्री सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रावधान किए जाते हैं, लेकिन ये प्रावधान स्टेशनों पर कम ही नजर आते हैं। आज भी स्टेशनों पर पानी, शौचालय, बैंचों आदि की कर्मियां नजर आती हैं। कासगंज जंक्शन पर विकास और निर्माण के कार्य कई वर्षों से चल रहे हैं, लेकिन यह कार्य अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाए हैं। विकलांगों के लिए भी रेल पथ पार करने का कोई इंतजाम नहीं है।
पिछले रेल बजट में वाटर मशीनों के लगाए जाने, शौचालय व अन्य यात्री सुविधाएं बढ़ाए जाने की घोषणाएं हुई थी। जिनका क्रियान्वयन नहीं हो सका। कुछ समय शौचालयों का निर्माण स्टेशन पर किया गया, लेकिन ये शौचालय बंद हैं, यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना होता है। पानी की टंकियों की खामियां भी नजर आती हैं। बरेली लाइन के प्लेटफार्म पर लगी पानी की टंकियों में भी टोटियां गायब नजर आई। वहीं विकलांगों के लिए पिछले रेल बजट में रेल पथ क्रास करने के लिए पाथ बनाए जाने का निर्णय लिया था। इस पर आज तक काम नहीं हो सका है। ऐसी समस्याएं यात्रियों के सामने हर समय रहती हैं। जिसका निदान रेलवे प्रशासन नहीं कर पा रहा है।
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पिछले रेल बजट में वाटर मशीनों के लगाए जाने, शौचालय व अन्य यात्री सुविधाएं बढ़ाए जाने की घोषणाएं हुई थी। जिनका क्रियान्वयन नहीं हो सका। कुछ समय शौचालयों का निर्माण स्टेशन पर किया गया, लेकिन ये शौचालय बंद हैं, यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना होता है। पानी की टंकियों की खामियां भी नजर आती हैं। बरेली लाइन के प्लेटफार्म पर लगी पानी की टंकियों में भी टोटियां गायब नजर आई। वहीं विकलांगों के लिए पिछले रेल बजट में रेल पथ क्रास करने के लिए पाथ बनाए जाने का निर्णय लिया था। इस पर आज तक काम नहीं हो सका है। ऐसी समस्याएं यात्रियों के सामने हर समय रहती हैं। जिसका निदान रेलवे प्रशासन नहीं कर पा रहा है।
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