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थाने में चली सफाई, ली स्वच्छता की शपथ
Amar ujala
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:59 AM IST
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स्वच्छता की शपथ लेती पुलिस
- फोटो : amar ujala
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सूबे की सरकार बदली। राज्य में योगी राज के आते ही अफसर, कर्मी सजग होने लगे हैं। शुक्रवार को भी कोतवाली-थानों में इसकी बानगी देखने को मिली। जहां दरोगा, सिपाही थानों में झाड़ू लगाते करने, गंदगी हटाने में जुटे दिखे। वहीं अफसरों ने मातहतों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। एक तरफ तो थानों में सफाई, धुलाई होती दिखी। वहीं नगर कोतवाली समेत सभी थाने लावारिस वाहनों की गोदाम बने दिखे, तो अभिलेखों का भी रखरखाव बेतरतीब भी नजर आया।
नगर कोतवाली
नगर कोतवाली परिसर में घुसते ही पहली नजर में यह कबाड़ी की दुकान जैसी दिखती है। पूरे परिसर में लावारिस वाहन ही पड़े दिखते हैं। चारो ओर गंदगी, वाहनों पर पान, गुटखे की पीक। सरकारी रिकार्ड बरामदे में फेकें हुए से लगते हैं। हवालात से लेकर पूरे कोतवाली परिसर में गंदगी के कारण बदबू उठती रहती है। डीजीपी के निर्दश लिखे बोर्ड इतने पुराना है कि पढ़ना मुमकिन नहीं है। शौचालय तो दूर पेयजल की भी व्यवस्था नहीं हैं। परिसर में मानवाधिकार बोर्ड, डयूटी चार्ट, हिस्ट्रीशीटर, बदमाशों के फोटो का नामोनिशान तक दिखाई नहीं दिया। मुंशी को लावारिश वाहनों की संख्या तक नहीं पता है।
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महिला थाना
आगरा रोड स्थित महिला थाने में भी वाहन कबाड़ के गोदाम की तरह पड़े हैं। मालखाने पर लगे ताले गवाही दे रहे थे कि यह महीनों से नहीं खुले हैं। हवालात में डिस्टेंपर टपकने के अलावा दीवारों पर नमी की बदबू आ रही थी। थाना परिसार में फरियादियों और पुलिसकर्मियों के लिए पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं। शौचालय के आसपास गंदगी पसरी थी और कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे होने के अलावा थाने में जल भराव के निशान दिख रहे थे। थाना परिसर के मंदिर के आसपास भी गंदगी दिखाई दी।
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कोतवाली देहात परिसर
कोतवाली देहात परिसर में साफ सफाई दिखाई दी। एसओ खड़े होकर चौकीदार से पान और गुटखें के पीेक साफ कराते दिखाई दिए। कुछ देर बाद सीओ सिटी एमपी सलोनिया भी थाने पहुंचे और पुलिस कर्मियों को परिसर साफ रखने, गुटखा पान नहीं खाने, इधर उधर पीक नहीं मारने और फरियादियों से मित्र जैसे व्यवहार करने की शपथ दिलाई। पेयजल के लिए थाने में हैंडपंप लगा था, लेकिन शौचालय नहीं मिला। हिस्ट्रीशीटर और इनामी बदमाशों की सूची नहीं दिखी। मानवाधिकार, हिस्ट्रीशीटर, बीट चार्ट के बोर्ड भी नदारद हैं। फरियादियों के बैठने के लिए व्यवस्था नहीं है, वे पेड़ के नीचे धूप से बचने को खड़े दिखे।
पुलिस अफसरों की सुनिए
नगर कोतवाली के लिए दूसरी जगह चिह्नित हो गई है। यह सही है कि गंदगी और लावारिस वाहनों के कारण वहां बदबू फैल रही है। जल्द ही वाहनों को कहीं और शिफ्ट कराया जाएगा और नई कोतवाली परिसर निर्माण का काम शुुरू कराने में तेजी लाई जाएगी।
सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज
एसएसपी एटा