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पारा पहुंचा 46 के पार, मचा हाहाकार
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Mon, 15 May 2017 11:00 PM IST
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गर्मी ने किया बेहाल
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सोमवार का दिन आठ सालों में सबसे गर्म दिन रहा। तेज धूप और लू के कारण दिन का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे पहले 2009 में दिन का तापमान 47 डिग्री दर्ज किया गया था। सोमवार को भीषण गर्मी के कारण लोग सुबह से ही घर से कम ही निकले। दिन भर कूलर, एसी आदि चलते रहे।
दिनभर लू चलने और तापमान अधिक होने के कारण एकाएक अस्पतालों में हीटस्ट्रोक, उल्टी-दस्त, एलर्जी आदि के मरीजों की लाइन लगी रही। सड़कों और बाजारों में सन्नाटा रहा। बदन को झुलसाती लू के कारण हर कोई परेशान रहा। ऐसी गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। जलेसर में तकनीकी काम होने के चलते सुबह 10 बजे से बिजली गुल हो गई। इससे लोग परेशान रहे।
सोमवार को ओपीडी में पहुंचे 900 मरीज
भीषण गर्मी और थ्रेसिंग के कारण पर्यावरण में मौजूद धूल आदि के कणों से लोग परेशान रहे। सोमवार को ही जिला अस्पताल की ओपीडी में 900 से अधिक एलर्जी, उल्दी-दस्त, पेट दर्द, वायरल के मरीज पहुंचे, इसके अलावा प्राइवेट डॉक्टरों के यहां भी मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल के फिजीशियन एस चंद्रा ने बताया कि गर्म हवाओं के कारण डायरिया, उल्टी-दस्त आदि के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सामान्य दिनों में यह संख्या 300 से 400 के बीच रहती है, सोमवार को यह दोगुने से भी अधिक पहुंच गई। उन्होंने बताया कि इस समय त्वचा रोगी भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
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जरूरी है बचाव
- धूप में निकलने से बचें और जरूरी काम से निकलना पड़े पानी पीकर निकलें।
- घर से निकलते समय छाता, कैप, धूप का चश्मा आदि का प्रयोग अवश्य करें।
- धूम में बाहर घूमकर लौटें तो तुरंत ठंडी वस्तुओं का सेवन न करें और पानी भी थोड़ी देर बाद ही पिएं।
- कमरे में तापमान कह है तो वहां से बाहर निकलते समय एक दम अधिक तापमान में न जाएं।
- नींबू पानी, शिकंजी, लस्सी, ग्लूकोज, पुदीनहरा आदि का नियमित रूप से सेवन करें।
- ताजा भोजन ही करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रहें। उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- दिन में तीन से चार बार चेहरे और आंखों को साफ और ठंडे पानी से अवश्य धोएं।
- धूप में निकलते समय पूरे शरीर को कपड़ों से ढके रहें।
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वर्ष तापमान
2009 47 डिग्री
2010 44 डिग्री
2011 42 डिग्री
2013 45 डिग्री
2014 41 डिग्री
2015 40 डिग्री
2016 43 डिग्री
2017 46 डिग्री
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कासगंज में जिला अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन
जिले में सोमवार को 46 डिग्री तापमान पर चली लू के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे। भीषण गर्मी में लोगों को दिन काटना मुश्किल हो गया। सोमवार को न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लू लगने, डायरिया, एलर्जी आदि के मरीज जिला संयुक्त चिकित्सालय में पहुंचे। यहां दोपहर तक ही मरीजों का आंकड़ा 600 से पार हो गया था। डा. हरीश ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। खानपान में लापरवाही के चलते लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। निजी क्लीनिकों और नर्सिंग होम में भी मरीजों की लाइन लगी रही।
चिकित्सालय में दवाओं का पर्याप्त इंतजाम है, सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। बुखार और दस्त की शिकायत होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- डा. अविनाश, उपमुख्य चिकित्साधिकारी
दिनभर लू चलने और तापमान अधिक होने के कारण एकाएक अस्पतालों में हीटस्ट्रोक, उल्टी-दस्त, एलर्जी आदि के मरीजों की लाइन लगी रही। सड़कों और बाजारों में सन्नाटा रहा। बदन को झुलसाती लू के कारण हर कोई परेशान रहा। ऐसी गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। जलेसर में तकनीकी काम होने के चलते सुबह 10 बजे से बिजली गुल हो गई। इससे लोग परेशान रहे।
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सोमवार को ओपीडी में पहुंचे 900 मरीज
भीषण गर्मी और थ्रेसिंग के कारण पर्यावरण में मौजूद धूल आदि के कणों से लोग परेशान रहे। सोमवार को ही जिला अस्पताल की ओपीडी में 900 से अधिक एलर्जी, उल्दी-दस्त, पेट दर्द, वायरल के मरीज पहुंचे, इसके अलावा प्राइवेट डॉक्टरों के यहां भी मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल के फिजीशियन एस चंद्रा ने बताया कि गर्म हवाओं के कारण डायरिया, उल्टी-दस्त आदि के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सामान्य दिनों में यह संख्या 300 से 400 के बीच रहती है, सोमवार को यह दोगुने से भी अधिक पहुंच गई। उन्होंने बताया कि इस समय त्वचा रोगी भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
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जरूरी है बचाव
- धूप में निकलने से बचें और जरूरी काम से निकलना पड़े पानी पीकर निकलें।
- घर से निकलते समय छाता, कैप, धूप का चश्मा आदि का प्रयोग अवश्य करें।
- धूम में बाहर घूमकर लौटें तो तुरंत ठंडी वस्तुओं का सेवन न करें और पानी भी थोड़ी देर बाद ही पिएं।
- कमरे में तापमान कह है तो वहां से बाहर निकलते समय एक दम अधिक तापमान में न जाएं।
- नींबू पानी, शिकंजी, लस्सी, ग्लूकोज, पुदीनहरा आदि का नियमित रूप से सेवन करें।
- ताजा भोजन ही करें और स्वच्छता का विशेष ध्यान रहें। उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- दिन में तीन से चार बार चेहरे और आंखों को साफ और ठंडे पानी से अवश्य धोएं।
- धूप में निकलते समय पूरे शरीर को कपड़ों से ढके रहें।
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वर्ष तापमान
2009 47 डिग्री
2010 44 डिग्री
2011 42 डिग्री
2013 45 डिग्री
2014 41 डिग्री
2015 40 डिग्री
2016 43 डिग्री
2017 46 डिग्री
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कासगंज में जिला अस्पताल में लगी मरीजों की लाइन
जिले में सोमवार को 46 डिग्री तापमान पर चली लू के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे। भीषण गर्मी में लोगों को दिन काटना मुश्किल हो गया। सोमवार को न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बड़ी संख्या में लू लगने, डायरिया, एलर्जी आदि के मरीज जिला संयुक्त चिकित्सालय में पहुंचे। यहां दोपहर तक ही मरीजों का आंकड़ा 600 से पार हो गया था। डा. हरीश ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। खानपान में लापरवाही के चलते लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। निजी क्लीनिकों और नर्सिंग होम में भी मरीजों की लाइन लगी रही।
चिकित्सालय में दवाओं का पर्याप्त इंतजाम है, सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। बुखार और दस्त की शिकायत होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- डा. अविनाश, उपमुख्य चिकित्साधिकारी