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Etah News: डीएम की बर्खास्तगी कार्रवाई पर 3 कलेक्ट्रेट कर्मियों को स्थगनादेश
Sat, 14 Dec 2024 10:52 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 14 Dec 2024 10:52 PM IST
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एटा। जिलाधिकारी ने 4 कलेक्ट्रेट कर्मियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की थी। इस आदेश के विरुद्ध तीन कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय में याचिकाएं दाखिल कीं। वहां से तीनों को स्थगनादेश मिल गया है।
कलेक्ट्रेट में 1993 और 1995 में 30 सीजनल सहायक वासिक बाकी नवीसों को विनियमित कर लिपिक बनाया गया था। शिकायत के बाद गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच रिपोर्ट और शासन के निर्देश पर डीएम ने 23 नवंबर को यह आदेश जारी किया था। इसमें कलेक्ट्रेट के 19 कर्मचारियों को नियम विरुद्ध विनियमितीकरण का दोषी ठहराया गया। सेवारत 4 कर्मियों की बर्खास्तगी की गई तो सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन रोकी गई। सभी से वेतन, पेंशन, फंड आदि की वसूली का आदेश दिया गया।
बर्खास्तगी की सूची में शामिल कर्मचारी महेश यादव, विनीत कुमार और नरेंद्र सिंह यादव ने डीएम के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। इसमें डीएम सहित प्रदेश सरकार और राजस्व बोर्ड को पक्षकार बनाया। तीनों की अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने डीएम के आदेश को स्थगित करने का आदेश दिया है। छह सप्ताह में प्रति शपथ पत्र मांगा है। अगले आदेश तक तीनों कर्मचारियों को उनके पदों पर कार्य कराने और वेतन देने के भी निर्देश दिए हैं।
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कलेक्ट्रेट में 1993 और 1995 में 30 सीजनल सहायक वासिक बाकी नवीसों को विनियमित कर लिपिक बनाया गया था। शिकायत के बाद गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) की जांच रिपोर्ट और शासन के निर्देश पर डीएम ने 23 नवंबर को यह आदेश जारी किया था। इसमें कलेक्ट्रेट के 19 कर्मचारियों को नियम विरुद्ध विनियमितीकरण का दोषी ठहराया गया। सेवारत 4 कर्मियों की बर्खास्तगी की गई तो सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन रोकी गई। सभी से वेतन, पेंशन, फंड आदि की वसूली का आदेश दिया गया।
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बर्खास्तगी की सूची में शामिल कर्मचारी महेश यादव, विनीत कुमार और नरेंद्र सिंह यादव ने डीएम के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। इसमें डीएम सहित प्रदेश सरकार और राजस्व बोर्ड को पक्षकार बनाया। तीनों की अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने डीएम के आदेश को स्थगित करने का आदेश दिया है। छह सप्ताह में प्रति शपथ पत्र मांगा है। अगले आदेश तक तीनों कर्मचारियों को उनके पदों पर कार्य कराने और वेतन देने के भी निर्देश दिए हैं।
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