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क्रांति दिवस: कांग्रेसियों ने निकाली प्रभात फेरी
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sun, 09 Aug 2015 07:23 PM IST
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जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार को क्रांति दिवस के मौके पर शहर में प्रभात फेरी निकाली। इस दौरान कांग्रेसियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डा. राजेंद्र प्रसाद क्रांतिकारी होतीलाल दास और बाबूराम वर्मा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यालय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिलाध्यक्ष चोब सिंह ने कहा कि वर्ष 1942 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत की थी। आंदोलन के शुरू होते ही ब्रिटिश हुकूमत के पैर देश से उखड़ना शुरू हो गए थे। इसके चलते इस दिन को क्रांति दिवस के रूप में जाना जाता है। गोष्ठी को अरुणेश कुमार गुप्ता ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विजेंद्र कश्यप, राजीव शास्त्री, मुनीष शर्मा, विजय सोलंकी प्रधानाचार्य, राजेश धनगर, अनिल सोलंकी, राजवीर देशमुख, पवन सोलंकी आदि मौजूद थे। अवागढ़ में भी कांग्रेस ने क्रांतिकारी दिवस मनाया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका गया था, उसी दिन भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत हुई थी। जिसके कारण मजबूरन अंग्रेज देश छोड़कर चले गए, 1947 में जाकर भारत को आजादी मिल सकी। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष नौशाद अली, अजयपाल सिंह, यशोधर जैन, विपतिराम रावल, याकूब खां, धर्मवीर सिंह, मान सिंह आदि मौजूद थे।
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जिलाध्यक्ष चोब सिंह ने कहा कि वर्ष 1942 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत की थी। आंदोलन के शुरू होते ही ब्रिटिश हुकूमत के पैर देश से उखड़ना शुरू हो गए थे। इसके चलते इस दिन को क्रांति दिवस के रूप में जाना जाता है। गोष्ठी को अरुणेश कुमार गुप्ता ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विजेंद्र कश्यप, राजीव शास्त्री, मुनीष शर्मा, विजय सोलंकी प्रधानाचार्य, राजेश धनगर, अनिल सोलंकी, राजवीर देशमुख, पवन सोलंकी आदि मौजूद थे। अवागढ़ में भी कांग्रेस ने क्रांतिकारी दिवस मनाया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का बिगुल फूंका गया था, उसी दिन भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत हुई थी। जिसके कारण मजबूरन अंग्रेज देश छोड़कर चले गए, 1947 में जाकर भारत को आजादी मिल सकी। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष नौशाद अली, अजयपाल सिंह, यशोधर जैन, विपतिराम रावल, याकूब खां, धर्मवीर सिंह, मान सिंह आदि मौजूद थे।
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