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फर्राटा भर रही है रोडवेज कलर की नकली बसें
Amar Ujala
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:46 PM IST
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फर्राटा भर रही है रोडवेज कलर की नकली बसें
- फोटो : Amar Ujala
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दीवाली नजदीक आते ही रोडवेज बसअड्डे के आसपास रोडवेज कलर की नकली बसें और डग्गामार वाहन मंडराने लगे हैं। आलम यह है कि पुलिस और यातायात कर्मी खड़े रहते हैं और डग्गामार वाहन सवारियां भरकर रफूचक्कर हो जाते हैं। इसके चलते जहां रोडवेज को रोजाना हजारों रुपये राजस्व का चूना लग रहा है, वहीं मनमाना किराया वसूलने से यात्री परेशान हैं।
यही नहीं जिला प्रशासन डग्गामार वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
दीवाली नजदीक आते ही यात्रियों की भीड़ उमड़ने लगी है। रोडवेज बसअड्डे के समीप रोडवेज कलर की नकली बसें, डग्गामार बसें, छोटा हाथी, मिनी बसें जैसे वाहन रोडवेज बसअड्डे से सवारियां भर कर अलीगंज, फर्रुखाबाद, शिकोहाबाद, कासगंज, अलीगढ़, गंजडुंडवारा मार्ग पर खुलेआम दौड़ रहे हैं। खास बात यह है कि बसअड्डे पर वन गांव चौकी होने के साथ वहां यातायात विभाग के कर्मचारी हर वक्त तैनात रहते हैं।
इसके बाद भी डग्गामार वाहन और रोडवेज कलर की बसें खुलेआम सवारियां ढोने में लगीं हैं। यही नहीं डग्गामार वाहन संचालक मनमाना किराया वसूलने के अलावा रास्ते में दूसरे वाहन में बैठा कर बैरंग लौट रहे हैं। ज्यादा किराया वसूलने का विरोध करने पर चालक, परिचालक और कंडक्टर सवारियाें से अभद्रता, मारपीट और गाली गलौच करने से भी नहीं चूक रहे। ऐसे में जहां परिवहन निगम को रोजाना हजारों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है वहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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एटा से फर्रुखाबाद और सराय अगहत जाने के लिए अलीगंज से अलग रूट हैं। लेकिन रोडवेज बसअड्डे से डग्गामार वाहन यात्रियों को एक ही बस में बैठाते हैं। अलीगंज पहुंच कर उन यात्रियों को डग्गामार वाहन संचालक अलीगंज और फर्रुखाबाद रुट पर चलने वाली दूसरे डग्गामार वाहनों में शिफ्ट कर दिया जाता है। यही हालात अन्य रूट पर चलने वाले डग्गामार वाहनों के हैं।
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यही नहीं जिला प्रशासन डग्गामार वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
दीवाली नजदीक आते ही यात्रियों की भीड़ उमड़ने लगी है। रोडवेज बसअड्डे के समीप रोडवेज कलर की नकली बसें, डग्गामार बसें, छोटा हाथी, मिनी बसें जैसे वाहन रोडवेज बसअड्डे से सवारियां भर कर अलीगंज, फर्रुखाबाद, शिकोहाबाद, कासगंज, अलीगढ़, गंजडुंडवारा मार्ग पर खुलेआम दौड़ रहे हैं। खास बात यह है कि बसअड्डे पर वन गांव चौकी होने के साथ वहां यातायात विभाग के कर्मचारी हर वक्त तैनात रहते हैं।
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इसके बाद भी डग्गामार वाहन और रोडवेज कलर की बसें खुलेआम सवारियां ढोने में लगीं हैं। यही नहीं डग्गामार वाहन संचालक मनमाना किराया वसूलने के अलावा रास्ते में दूसरे वाहन में बैठा कर बैरंग लौट रहे हैं। ज्यादा किराया वसूलने का विरोध करने पर चालक, परिचालक और कंडक्टर सवारियाें से अभद्रता, मारपीट और गाली गलौच करने से भी नहीं चूक रहे। ऐसे में जहां परिवहन निगम को रोजाना हजारों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है वहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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एटा से फर्रुखाबाद और सराय अगहत जाने के लिए अलीगंज से अलग रूट हैं। लेकिन रोडवेज बसअड्डे से डग्गामार वाहन यात्रियों को एक ही बस में बैठाते हैं। अलीगंज पहुंच कर उन यात्रियों को डग्गामार वाहन संचालक अलीगंज और फर्रुखाबाद रुट पर चलने वाली दूसरे डग्गामार वाहनों में शिफ्ट कर दिया जाता है। यही हालात अन्य रूट पर चलने वाले डग्गामार वाहनों के हैं।