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भगवान सिंह के परिवारीजनों ने दिया धरना
अमर ब्ययूराो एटा
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:07 AM IST
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भगवान सिंह के परिवारीजनों ने दिया धरना
- फोटो : अमर उजाला
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कलक्ट्रेट कर्मचारी भगवान सिंह वर्मा की मौत के मामले में प्रशासन की चुप्पी पर सोमवार को लोधी समाज के नेताओं के नेतृत्व में कर्मचारी की पत्नी और बच्चों ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया।
मृत कलक्ट्रेट कर्मचारी की पत्नी देवश्री ने कहा कि घटना को चार दिन हो जाने के बाद भी अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है, जबकि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पति की हत्या के पीछे प्रशासनिक कर्मचारी जरूर शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कर्मचारी की मौत के बाद प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने कोई सहानुभूति नहीं दिखाई। कर्मचारी की त्नी ने साफ कहा कि उसके पति आए दिन कार्यालय काम के दबाव में रहकर तनावग्रस्त रहते थे। इस दौरान लोधी समाज के रामसेवक पहलवान ने कहा कि घटना के खुलासे को लेकर अब तक पुलिस ने कोई रुचि नहीं दिखाई है। इससे साफ है कि प्रशासन मामले से बचना चाहता है। वहीं भाजपा नेता विपिन वर्मा डेविड ने कहा कि घटना की जांच सीबीआई या उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए। इस मौके पर रामकुमार, देवेेंद्र लोधी, विकास कुमार, ओमवीर, चेतन वर्मा, विपिन पुंडीर, नेम सिंह, कैलाश लोधी, हरेंद्र राजपूत, सर्वेश राजपूत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चोब सिंह धनगर, जिला कोषाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव मौजूद रहे।
ये उठाए चार सवाल
- घटना के दिन कर्मचारी खुद घर से ताला लगाकर निकले थे। अब क्या कोई व्यक्ति खुद का घर छोड़कर फांसी लगाने कार्यालय जाएगा?
- मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं। कोई व्यक्ति फांसी लगाने से पहले कपड़े क्यों फाड़ेगा और मुंह कैसे बांधेगा?
- मृतक सीसीटीवी फुटेज में हाथ में रस्सी प कपड़ा ले जाता नजर नहीं आता?
- मृतक के शव को तुरंत ही उतारकर मोर्चरी पर पटक दिया गया और परिजनों को सूचना क्यों न दी गई।
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मृत कलक्ट्रेट कर्मचारी की पत्नी देवश्री ने कहा कि घटना को चार दिन हो जाने के बाद भी अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। घटना को आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है, जबकि इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पति की हत्या के पीछे प्रशासनिक कर्मचारी जरूर शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कर्मचारी की मौत के बाद प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने कोई सहानुभूति नहीं दिखाई। कर्मचारी की त्नी ने साफ कहा कि उसके पति आए दिन कार्यालय काम के दबाव में रहकर तनावग्रस्त रहते थे। इस दौरान लोधी समाज के रामसेवक पहलवान ने कहा कि घटना के खुलासे को लेकर अब तक पुलिस ने कोई रुचि नहीं दिखाई है। इससे साफ है कि प्रशासन मामले से बचना चाहता है। वहीं भाजपा नेता विपिन वर्मा डेविड ने कहा कि घटना की जांच सीबीआई या उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए। इस मौके पर रामकुमार, देवेेंद्र लोधी, विकास कुमार, ओमवीर, चेतन वर्मा, विपिन पुंडीर, नेम सिंह, कैलाश लोधी, हरेंद्र राजपूत, सर्वेश राजपूत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चोब सिंह धनगर, जिला कोषाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव मौजूद रहे।
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ये उठाए चार सवाल
- घटना के दिन कर्मचारी खुद घर से ताला लगाकर निकले थे। अब क्या कोई व्यक्ति खुद का घर छोड़कर फांसी लगाने कार्यालय जाएगा?
- मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं। कोई व्यक्ति फांसी लगाने से पहले कपड़े क्यों फाड़ेगा और मुंह कैसे बांधेगा?
- मृतक सीसीटीवी फुटेज में हाथ में रस्सी प कपड़ा ले जाता नजर नहीं आता?
- मृतक के शव को तुरंत ही उतारकर मोर्चरी पर पटक दिया गया और परिजनों को सूचना क्यों न दी गई।