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साइड स्टोरी : जांच प्रभावित करने के लिए झोंक दी थी पूरी ताकत
Wed, 27 Nov 2024 10:49 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 27 Nov 2024 10:49 PM IST
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एटा। बात नौकरी पर बन आई तो इन कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट के अन्य कर्मचारियों से मिलकर जांच प्रभावित करने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। लेकिन उनके सारे पैंतरे जांच में असफल हुए। साथ देने वाले भी कार्रवाई की आंच में लिपट गए। इनमें से चार कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है। एक मृतक आश्रित में नौकरी कर रहा है।
उस दौर में स्थानीय स्तर पर सीजनल सहायक वासिक बाकी नवीसों को रख लिया जाता था। उनके कार्यों के आंकलन के आधार पर राजस्व परिषद द्वारा उनको नियमित भी किया जा सकता था। ऐसे ही 30 लोग एटा कलेक्ट्रेट में रखे गए थे। इन लोगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए उप्र राजस्व परिषद का आदेश बनवा लिया। इसमें विनियमित किए जाने की बात लिखी गई थी। इस आदेश को तत्कालीन डीएम को लेकर दिया।
इसके बाद इन सभी को विनियमित कर दिया गया और ये लोग बाबू बन गए। विभिन्न पटलों पर रहते हुए उन्होंने ठाठ के साथ नौकरी की। जब मामला संदिग्ध महसूस हुआ तो कुछ लोगों की ओर से शिकायत की गई। इस पर एसआईटी जांच बैठी। जांच के दौरान इन कर्मचारियों ने नीचे से ऊपर तक सिफारिशें लगा डालीं। जांच प्रभावित करने के लिए कलेक्ट्रेट के पांच कर्मचारियाें को अपने पक्ष में कर लिया, जिन्होंने उनके अभिलेख गायब करने में सहायता की।
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गलत विनियमितीकरण वाले जिन 19 लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से जयराम सिंह की मृत्यु हो चुकी है और उनके पुत्र हरिनंदन सिंह वारिसान में नौकरी कर रहे हैं। उन्हें बर्खास्त किया गया है। इनके अलावा अशरफ अजीज की मृत्यु हो चुकी है। जबकि अभिलेख गायब करने वाले संदिग्ध कर्मचारियों में से सत्येंद्र पाल सिंह वर्मा, राकेश कुमार वर्मा की मृत्यु हो चुकी है।
नियम विरुद्ध विनियमितीकरण वाले कर्मचारी
जयराम सिंह (वारिसान में हरिनंदन सिंह कार्यरत)
महेश कुमार यादव - कार्यरत
नरेंद्र सिंह यादव - कार्यरत
बच्चनलाल - सेवानिवृत्त
सर्वेश कुमार शर्मा - सेवानिवृत्त
दाऊद खां - सेवानिवृत्त
सरदार सिंह - सेवानिवृत्त
अशोक कुमार - सेवानिवृत्त
अशरफ अजीज - मृतक
राजीव कुमार - सेवानिवृत्त
आराम सिंह - सेवानिवृत्त
रियाजुद्दीन - ज्वॉइन नहीं किया
होतीलाल - सेवानिवृत्त
वासुदेव - सेवानिवृत्त
मो. इंतजार हुसैन - सेवानिवृत्त
कैलाश नारायण - सेवानिवृत्त
परशुराम - सेवानिवृत्त
महेंद्र पाल सिंह - पदच्युत
अभिलेख गायब करने के संदिग्ध कर्मचारी
रतनपाल सिंह - सेवानिवृत्त
सत्येंद्र पाल सिंह वर्मा - मृतक
राकेश कुमार शर्मा - मृतक
रामरूप - सेवानिवृत्त
रमेश चंद्र - सेवानिवृत्त
वर्जन
विनियमितीकरण के लिए कर्मचारियों ने उप्र राजस्व परिषद का आदेश दाखिल किया था। जांच के दौरान इस आदेश को बोर्ड ने नकार दिया। फर्जी आदेश से नियम विरुद्ध विनियमितीकरण पाया गया। इस पर पूरी विधिवत प्रक्रिया के बाद कार्रवाई की गई है। -सत्य प्रकाश, एडीएम प्रशासन
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उस दौर में स्थानीय स्तर पर सीजनल सहायक वासिक बाकी नवीसों को रख लिया जाता था। उनके कार्यों के आंकलन के आधार पर राजस्व परिषद द्वारा उनको नियमित भी किया जा सकता था। ऐसे ही 30 लोग एटा कलेक्ट्रेट में रखे गए थे। इन लोगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए उप्र राजस्व परिषद का आदेश बनवा लिया। इसमें विनियमित किए जाने की बात लिखी गई थी। इस आदेश को तत्कालीन डीएम को लेकर दिया।
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इसके बाद इन सभी को विनियमित कर दिया गया और ये लोग बाबू बन गए। विभिन्न पटलों पर रहते हुए उन्होंने ठाठ के साथ नौकरी की। जब मामला संदिग्ध महसूस हुआ तो कुछ लोगों की ओर से शिकायत की गई। इस पर एसआईटी जांच बैठी। जांच के दौरान इन कर्मचारियों ने नीचे से ऊपर तक सिफारिशें लगा डालीं। जांच प्रभावित करने के लिए कलेक्ट्रेट के पांच कर्मचारियाें को अपने पक्ष में कर लिया, जिन्होंने उनके अभिलेख गायब करने में सहायता की।
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गलत विनियमितीकरण वाले जिन 19 लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से जयराम सिंह की मृत्यु हो चुकी है और उनके पुत्र हरिनंदन सिंह वारिसान में नौकरी कर रहे हैं। उन्हें बर्खास्त किया गया है। इनके अलावा अशरफ अजीज की मृत्यु हो चुकी है। जबकि अभिलेख गायब करने वाले संदिग्ध कर्मचारियों में से सत्येंद्र पाल सिंह वर्मा, राकेश कुमार वर्मा की मृत्यु हो चुकी है।
नियम विरुद्ध विनियमितीकरण वाले कर्मचारी
जयराम सिंह (वारिसान में हरिनंदन सिंह कार्यरत)
महेश कुमार यादव - कार्यरत
नरेंद्र सिंह यादव - कार्यरत
बच्चनलाल - सेवानिवृत्त
सर्वेश कुमार शर्मा - सेवानिवृत्त
दाऊद खां - सेवानिवृत्त
सरदार सिंह - सेवानिवृत्त
अशोक कुमार - सेवानिवृत्त
अशरफ अजीज - मृतक
राजीव कुमार - सेवानिवृत्त
आराम सिंह - सेवानिवृत्त
रियाजुद्दीन - ज्वॉइन नहीं किया
होतीलाल - सेवानिवृत्त
वासुदेव - सेवानिवृत्त
मो. इंतजार हुसैन - सेवानिवृत्त
कैलाश नारायण - सेवानिवृत्त
परशुराम - सेवानिवृत्त
महेंद्र पाल सिंह - पदच्युत
अभिलेख गायब करने के संदिग्ध कर्मचारी
रतनपाल सिंह - सेवानिवृत्त
सत्येंद्र पाल सिंह वर्मा - मृतक
राकेश कुमार शर्मा - मृतक
रामरूप - सेवानिवृत्त
रमेश चंद्र - सेवानिवृत्त
वर्जन
विनियमितीकरण के लिए कर्मचारियों ने उप्र राजस्व परिषद का आदेश दाखिल किया था। जांच के दौरान इस आदेश को बोर्ड ने नकार दिया। फर्जी आदेश से नियम विरुद्ध विनियमितीकरण पाया गया। इस पर पूरी विधिवत प्रक्रिया के बाद कार्रवाई की गई है। -सत्य प्रकाश, एडीएम प्रशासन