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फूंका शिवपाल का पुतला
Amar Ujala
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:23 AM IST
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मायूस बैठे सपाई
- फोटो : Amar Ujala
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प्रत्याशित घोषित करने को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल की सूचियों को लेकर समाजवादी पार्टी के कुनबे में इतना घमासान हो जाएगा इसकी सपा कार्यकर्ताओं को कतई उम्मीद नहीं थी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार की देर सायं सीएम अखिलेश यादव एवं पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव को 6 साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा की। जानकारी मिलते ही इस कार्रवाई से सपाइयों की जमीन ही खिसक गई।
प्रत्याशियों की सूची को लेकर पिछले तीन दिन से समाजवादी पार्टी में घमासान मचा हुआ था। प्रत्याशियों में बदलाव हो रहे थे। जिले में भी अमांपुर की विधानसभा सीट पर शिवपाल की सूची में राहुल पांडे का नाम था तो अखिलेश की सूची में पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह का नाम था। अलग अलग सूचियां जारी हो जाने के बाद लोगों को यह उम्मीद थी कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव कुछ ऐसा समझौते का रास्ता निकालेंगे। जिससे न पार्टी टूटेगी और न ही रार बढ़ेगी लेकिन इस अपेक्षा के वितरीत घटनाक्रम घट गया।
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एक दिन पूर्व ही समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद देवेंद्र सिंह यादव लखनऊ पहुंच चुके थे। वहीं परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह भी लखनऊ में डटे हैं। अन्य वरिष्ठ नेता भी लखनऊ में डेरा जमाए हुए हैं। समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष चाहत मियां ने तो समर्थकों के साथ लखनऊ जाकर परिवहन मंत्री का स्वागत भी किया। जिलाध्यक्ष व अन्य नेताओं के लखनऊ में होने के कारण उनके कार्यालयों एवं आवास पर कोई चहल पहल नहीं थी। उनके समर्थक बार बार टेलीफोन करके लखनऊ के घटना क्रम की जानकारी ले रहे थे। वहीं सोशल मीडिया और टेलीविजन पर भी सपाईयों की निगाहें गढ़ी थीं। विपक्ष के नेता भी समाजवादी पार्टी के घटनाक्रम पर भी पूरी निगाह बनाए हुए थे।
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समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष चाहत मियां का कहना है कि नेताओं के बीच की रार में कार्यकर्ता बेहद आहत हो रहे हैं। कार्यकर्ता पूरी जान लगाकर पार्टी को खड़ा करते हैं काम करते हैं लेकिन ऐसी परिस्थितियों को देखकर दुख होता है। सीएम की विरुद्ध की गई कार्रवाई से कार्यकर्ता आहत हैं।
अमांपुर से विधायक रह चुके भाजपा नेता पूर्व विधायक सियाराम का कहना है कि समाजवादी पार्टी की रार के लिए स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव हैं। उन्होंने कहा कि वह अध्यक्ष पद पर बदलाव नहीं करते तो शायद यह हाल न होता।
कांग्रेस की जिलाध्यक्ष डा. शशिलता चौहान ने कहा कि यूपी में अखिलेश के समर्थकों की संख्या अधिक है। समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं का कद अखिलेश के मुकाबले कम हो गया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह की कार्रवाई अप्रत्याशित है।
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष डीपी राना का कहना है कि समाजवादी पार्टी टूट गई है पूरी साफ हो चुकी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से मुलायम सिंह यादव को कार्रवाई का अधिकार है।
भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष शरद गुप्ता का कहना है कि पार्टी में चल रही कलह किसी से छिपी नहीं थी। यह तो होना ही था। लोग पहले से ही पार्टी में टूट का पूर्वानुमान लगाए हुए थे।