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विष्णु महायज्ञ के साथ सत्संग
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sun, 01 Nov 2015 06:43 PM IST
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नगर में चल रहे 19वॉं श्री सात्विक विष्णु महायज्ञ एवं श्रीकृष्ण लीला व मानस सम्मेलन में रविवार को फर्रूखाबाद से पधारे रामबाबू पाठक ने कहा कि सत्संग करने वालों को सत्संग स्थल पर अवश्यजाना चाहिये । जिससे ईश्वर की प्राप्ति होती है तथा विवके ही शुभ आचरण की वृद्धि करेगा।
सत्संगस्वरूप श्री हनुमान जी ने तंत्र शक्ति से आवद्ध लंका को ध्वस्त करने के लिये प्रभु श्री नरहरि का ध्यान कर नगर में प्रवेश किया। तंत्र विद्या में पारंगत लंकिनी को मुठकारा उसका तंत्रबल निष्फल करते हैं।
तंत्र के हटने पर मंत्र के प्रति अभिरूचि बढ़ती है। लंकिनी सत्संग की महत्ता वर्णन करती और हनुमान जी श्रवण करते हैं। ये सत्संग का ही प्रभाव है। निराला ने कहा कि ईश्वर सबसे पीछे चलने वालों पर भी कृपा करता है। निराभिमान श्री हनुमान ने सवन्ति में श्रीराम को प्रणाम किया। प्रभु कृपा के पात्र बन गयेप्रभु स्वयं अंगूठी देकर तथा निज कृपा हस्त द्वारा हनुमान जी को रामत्व से परिपूर्ण कर देते हैं।
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हरिप्रताप से भवसागर पार कर जानकी जी को राम नाम अंकित मुद्रिका जानकी द्वारा अष्ट सिद्धि एवं नव निधियों की प्राप्ति के साथ अमर पुत्र स्थान तथा सदैव श्रीराम कृपा बनी रहेगी। वॉदा से आये तवलावादक मुन्ना सिंह ने सभी को संगीत का आनन्द दिया। इस दौरान मुख्य संयोजक एवं पूर्व चेयरमैन प्रदीप कुमार गुप्ता के द्वारा कथा श्रोताओं को सस्नेह आरती संग्रह भेंट की गयी।
इस अवसर पर प्रेम बगुलिया, सूर्यकांत गुप्ता, आमोद आर्य, अशोक कुमार, बहोरन सिंह रामतीर्थ दीक्षत, मुनीश्वर दयाल, राघवेन्द्र गुप्ता बलवीर सिंह शिवेन्द्र वर्मा, विकास गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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सत्संगस्वरूप श्री हनुमान जी ने तंत्र शक्ति से आवद्ध लंका को ध्वस्त करने के लिये प्रभु श्री नरहरि का ध्यान कर नगर में प्रवेश किया। तंत्र विद्या में पारंगत लंकिनी को मुठकारा उसका तंत्रबल निष्फल करते हैं।
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तंत्र के हटने पर मंत्र के प्रति अभिरूचि बढ़ती है। लंकिनी सत्संग की महत्ता वर्णन करती और हनुमान जी श्रवण करते हैं। ये सत्संग का ही प्रभाव है। निराला ने कहा कि ईश्वर सबसे पीछे चलने वालों पर भी कृपा करता है। निराभिमान श्री हनुमान ने सवन्ति में श्रीराम को प्रणाम किया। प्रभु कृपा के पात्र बन गयेप्रभु स्वयं अंगूठी देकर तथा निज कृपा हस्त द्वारा हनुमान जी को रामत्व से परिपूर्ण कर देते हैं।
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हरिप्रताप से भवसागर पार कर जानकी जी को राम नाम अंकित मुद्रिका जानकी द्वारा अष्ट सिद्धि एवं नव निधियों की प्राप्ति के साथ अमर पुत्र स्थान तथा सदैव श्रीराम कृपा बनी रहेगी। वॉदा से आये तवलावादक मुन्ना सिंह ने सभी को संगीत का आनन्द दिया। इस दौरान मुख्य संयोजक एवं पूर्व चेयरमैन प्रदीप कुमार गुप्ता के द्वारा कथा श्रोताओं को सस्नेह आरती संग्रह भेंट की गयी।
इस अवसर पर प्रेम बगुलिया, सूर्यकांत गुप्ता, आमोद आर्य, अशोक कुमार, बहोरन सिंह रामतीर्थ दीक्षत, मुनीश्वर दयाल, राघवेन्द्र गुप्ता बलवीर सिंह शिवेन्द्र वर्मा, विकास गुप्ता आदि उपस्थित थे।