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नोटबंदी: 36 दिन बाद भी राहत नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:37 PM IST
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नोटबंदी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नोट बंदी के 36 दिन बाद भी लोगों को कैश की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। बैंकों की लाइनें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। ज्यादातर एटीएम भी कैशलैश हैं। बुधवार को केवल एसबीआई की एक ही शाखा के एटीएम से पैसा निकल रहा था, वहां भी धक्का-मुक्की जैसे हालात बने थे। वहीं सर्वर की समस्या भी बनी हुई है। बुधवार को कई बैंक शाखाओं में कनक्टीविटी फेल रही।
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर केवल दो हजार की निकासी की जा रही थी। मुख्य शाखा पर नकदी की अव्यवस्था को लेकर लोग परेशान रहे। ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स की शाखा में नकदी नहीं होने का नोटिस चस्पा था। एटा अर्बन शाखा कैश लेश थी। वहीं बीएसएनएल के इंटरनेट से संचालित होने वाली बैंक शाखाएं कनक्टीविटी की समस्या के कारण काम नहीं कर सकीं।
कैनरा बैंक में कैश उपलब्ध था लेकिन कनक्टीविटी न होने के कारण लोगों को नकदी नहीं मिल पाई। कनक्टीविटी की समस्या से जिला मुख्यालय के अलावा सोरों और आसपास के अन्य कस्बों में स्थित बैंक शाखाएं भी प्रभावित रहीं। ग्रामीण बैंकों में भी कैश की उपलब्धता न होने से ग्राहक परेशान रहे। नगर के एटीएम में भी नकदी नहीं होने से लोग पैसों के लिए भटकते नजर आए।
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स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर केवल दो हजार की निकासी की जा रही थी। मुख्य शाखा पर नकदी की अव्यवस्था को लेकर लोग परेशान रहे। ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स की शाखा में नकदी नहीं होने का नोटिस चस्पा था। एटा अर्बन शाखा कैश लेश थी। वहीं बीएसएनएल के इंटरनेट से संचालित होने वाली बैंक शाखाएं कनक्टीविटी की समस्या के कारण काम नहीं कर सकीं।
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कैनरा बैंक में कैश उपलब्ध था लेकिन कनक्टीविटी न होने के कारण लोगों को नकदी नहीं मिल पाई। कनक्टीविटी की समस्या से जिला मुख्यालय के अलावा सोरों और आसपास के अन्य कस्बों में स्थित बैंक शाखाएं भी प्रभावित रहीं। ग्रामीण बैंकों में भी कैश की उपलब्धता न होने से ग्राहक परेशान रहे। नगर के एटीएम में भी नकदी नहीं होने से लोग पैसों के लिए भटकते नजर आए।
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