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रोजाना लाख रुपये व्यय, फिर भी सफाई बदहाल
amar ujala
Updated Fri, 05 May 2017 12:00 AM IST
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नगर में पसरी गंदगी
- फोटो : amar ujala
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हर रोज एक लाख रुपये का खर्च, सफाई कर्मचारियों की फौज...फिर भी शहर में हर जगह गंदगी और कूड़े के ढेर लगे हैं। जिससे स्वच्छता की रैकिंग में एटा को 403वां स्थान मिला है। नगर पालिका को 2000 में से केवल 528 नंबर मिले हैं। इस रैकिंग को देखकर चौंकिए नहीं, इसके लिए हर कोई जिम्मेदार है। न तो अधिकारियों ने स्वच्छता को लेकर पहल की और न ही नागरिकों ने अपना शहर के स्वच्छ बनाने पर ध्यान दिया। --------------
हर महीने खर्च होते हैं 30-35 लाख
नगर पालिका परिषद हर माह शहर को स्वच्छ बनाने के लिए 30-35 लाख रुपये खर्च करती है। सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ आगरा की गरिमा कंसट्रक्शन कंपनी को ठेका भी दिया गया है। यह कंपनी हर माह छह लाख आठ हजार रुपये का भुगतान नगर पालिका से लेती है। इसके बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
202 कर्मचारियों पर जिम्मा, मगर बेड़ा गर्क
नगर पालिका में 202 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 73 सफाई कर्मचारी संविदा पर हैं। प्रति वार्ड 12 कर्मचारी तैनात हैं। पालिका के 25 वार्डों में से 14 वार्डो की सफाई व्यवस्था पालिका के सफाई कर्मचारियों पर है और 11 वार्ड का जिम्मा प्राइवेट कंपनी के पास है। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए 10 सफाई नायक और दो सफाई निरीक्षक तैनात हैं।
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ये भी हैं प्रमुख जिम्मेदार
संतराम सरोज-अधिशासी अधिकारी, बाल कपूर-सफाई निरीक्षक प्रथम, संजय कुमार- सफाई निरीक्षक द्वितीय, निरंकार- सफाई अनुभाग प्रभारी।
कहते हैं लोग
सफाई को लेकर लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। इसके लिए सबको मिलकर पहल करनी होगी। तभी हमारा एटा आगे बढ़ सकेगा।
सत्यप्रवीन गुप्ता, सलाहकार लक्ष्य
सफाई को लेकर लोगों की जिम्मेदारी तय की जाए। अगर कोई सड़क पर कूड़ा डालता है, तो उस पर नियम लागू किए जाएं।
विशाल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष भाविप ब्रज प्रांत
सफाई व्यवस्था के लिए हर वार्ड में कुछ प्रमुख लोगों को जिम्मेदारी दी जाए। जो वार्ड में जागरूकता के लिए काम कर सकें।
डा. श्यामलता वेद, समाजसेविका
शहर को साफ स्वच्छ बनाने के लिए सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। तभी हम ग्रीन एटा-क्लीन एटा की बात कर सकेंगे।
रोहित जैन, सदस्य, संस्कार मानव सेवा
परिवेश की स्वच्छता एक बड़ा पहलू है। इसे लेकर सबको योगदान देना है। अगर सफाईकर्मी नहीं आता है, तो आवाज उठाई जाए।
अतुल राठी, युवा जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल
इनका कहना है
पालिका में कूड़ा निस्तारण के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इसके लिए प्लांट लगवाया जा रहा है। कासगंज रोड पर जमीन चिह्नित की गई है। खुले में शौच मुक्त करने के लिए शौचालयों का निर्माण करा जा रहा है। स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए रैली, संगोष्ठी समेत तमाम आयोजन होेंगे।
अमित किशोर, डीएम एटा
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हर महीने खर्च होते हैं 30-35 लाख
नगर पालिका परिषद हर माह शहर को स्वच्छ बनाने के लिए 30-35 लाख रुपये खर्च करती है। सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ आगरा की गरिमा कंसट्रक्शन कंपनी को ठेका भी दिया गया है। यह कंपनी हर माह छह लाख आठ हजार रुपये का भुगतान नगर पालिका से लेती है। इसके बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
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202 कर्मचारियों पर जिम्मा, मगर बेड़ा गर्क
नगर पालिका में 202 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 73 सफाई कर्मचारी संविदा पर हैं। प्रति वार्ड 12 कर्मचारी तैनात हैं। पालिका के 25 वार्डों में से 14 वार्डो की सफाई व्यवस्था पालिका के सफाई कर्मचारियों पर है और 11 वार्ड का जिम्मा प्राइवेट कंपनी के पास है। सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए 10 सफाई नायक और दो सफाई निरीक्षक तैनात हैं।
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ये भी हैं प्रमुख जिम्मेदार
संतराम सरोज-अधिशासी अधिकारी, बाल कपूर-सफाई निरीक्षक प्रथम, संजय कुमार- सफाई निरीक्षक द्वितीय, निरंकार- सफाई अनुभाग प्रभारी।
कहते हैं लोग
सफाई को लेकर लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। इसके लिए सबको मिलकर पहल करनी होगी। तभी हमारा एटा आगे बढ़ सकेगा।
सत्यप्रवीन गुप्ता, सलाहकार लक्ष्य
सफाई को लेकर लोगों की जिम्मेदारी तय की जाए। अगर कोई सड़क पर कूड़ा डालता है, तो उस पर नियम लागू किए जाएं।
विशाल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष भाविप ब्रज प्रांत
सफाई व्यवस्था के लिए हर वार्ड में कुछ प्रमुख लोगों को जिम्मेदारी दी जाए। जो वार्ड में जागरूकता के लिए काम कर सकें।
डा. श्यामलता वेद, समाजसेविका
शहर को साफ स्वच्छ बनाने के लिए सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। तभी हम ग्रीन एटा-क्लीन एटा की बात कर सकेंगे।
रोहित जैन, सदस्य, संस्कार मानव सेवा
परिवेश की स्वच्छता एक बड़ा पहलू है। इसे लेकर सबको योगदान देना है। अगर सफाईकर्मी नहीं आता है, तो आवाज उठाई जाए।
अतुल राठी, युवा जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल
इनका कहना है
पालिका में कूड़ा निस्तारण के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। इसके लिए प्लांट लगवाया जा रहा है। कासगंज रोड पर जमीन चिह्नित की गई है। खुले में शौच मुक्त करने के लिए शौचालयों का निर्माण करा जा रहा है। स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए रैली, संगोष्ठी समेत तमाम आयोजन होेंगे।
अमित किशोर, डीएम एटा