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Etah News: सोलर पैनल से चल रहा प्रोजेक्टर, जगमग हो रहा बच्चों का भविष्य
Fri, 22 Sep 2023 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 22 Sep 2023 11:51 PM IST
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एटा। निधौलीकलां ब्लॉक क्षेत्र के गांव पलिया में शिक्षकों ने बच्चों के भविष्य को जगमग करने के लिए बड़ी पहल की है। इन्होंने प्राइमरी स्कूल में एनजीओ के सहयोग से सोलर पैनल लगवाया है। इससे स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर से पढ़ाई हो रही है। कंप्यूटर भी चल रहे हैं।
गांव में बिजली की समस्या थी। कनेक्शन था, लेकिन दिन में बिजली नहीं आती थी। बच्चे गर्मी से परेशान रहते थे। स्मार्ट क्लास का भी फायदा नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में स्कूल स्टाॅफ ने खुद के खर्च से साल 2019 में इन्वर्टर लगवाया। इससे स्मार्ट क्लास संचालन की समस्या दूर नहीं हुई। प्रोजेक्टर और कंप्यूटर नहीं चल पा रहे थे। स्टाॅफ ने शिक्षा के लिए कार्य कर रहे आईएसआई फाउंडेशन के लोगों से संपर्क किया। फाउंडेशन के लोगों ने यहां आकर शैक्षिक वातावरण को देखा। उन्होंने एसआर टीएमटी कंपनी के लोगों से संपर्क किया। इसके बाद कंपनी ने सोलर पैनल लगवाया।
प्रधानाध्यापक ने तमाम विरोध सहे, हार नहीं मानी
प्राथमिक विद्यालय में वर्ष 2018 में प्रधानाध्यापक के पद पर डॉ. रितेश उपाध्याय की तैनाती हुई। तैनाती के बाद उन्हें विद्यालय के रख रखाव व शैक्षिक वातावरण को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ा। गांव वालों तक का विरोध तक झेलना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने विद्यालय को सुंदर व शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने में हार नहीं मानी। इसमें शिक्षकों का भी सहयोग रहा। इस अंग्रेजी माध्यम स्कूल में लगातार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। अभी 134 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को अंग्रेजी में ही शिक्षित किया जा रहा है।
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भोजन करने से पहले बच्चे करते हैं मंत्रोच्चारण
विद्यालय में बच्चे भोजन करने से पहले हाथ जोड़कर मंत्रोच्चरण करते हैं। सभी बच्चों को एक साथ लाइन से बैठाया जाता है। बच्चे भाेजन करने से पहले साबुन से हाथों को साफ करते हैं।
बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं। वर्ष 2018 में तैनाती के बाद से लगातार विद्यालय के शिक्षकों के सहयोग से कार्य किया जा रहा है।
डॉ. रितेश उपाध्याय, प्रधानाध्यापक
विद्यालय में बहुत बेहतर शिक्षा दी जा रही है। पहले गांव के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ने जाते थे। अब अधिकतर बच्चे सरकारी में जा रहे हैं। यहां शिक्षित करने के साथ संस्कारवान भी बनाया जा रहा है।
लोकेंद्र सिंह चौहान, प्रधान प्रतिनिधि
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गांव में बिजली की समस्या थी। कनेक्शन था, लेकिन दिन में बिजली नहीं आती थी। बच्चे गर्मी से परेशान रहते थे। स्मार्ट क्लास का भी फायदा नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में स्कूल स्टाॅफ ने खुद के खर्च से साल 2019 में इन्वर्टर लगवाया। इससे स्मार्ट क्लास संचालन की समस्या दूर नहीं हुई। प्रोजेक्टर और कंप्यूटर नहीं चल पा रहे थे। स्टाॅफ ने शिक्षा के लिए कार्य कर रहे आईएसआई फाउंडेशन के लोगों से संपर्क किया। फाउंडेशन के लोगों ने यहां आकर शैक्षिक वातावरण को देखा। उन्होंने एसआर टीएमटी कंपनी के लोगों से संपर्क किया। इसके बाद कंपनी ने सोलर पैनल लगवाया।
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प्रधानाध्यापक ने तमाम विरोध सहे, हार नहीं मानी
प्राथमिक विद्यालय में वर्ष 2018 में प्रधानाध्यापक के पद पर डॉ. रितेश उपाध्याय की तैनाती हुई। तैनाती के बाद उन्हें विद्यालय के रख रखाव व शैक्षिक वातावरण को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ा। गांव वालों तक का विरोध तक झेलना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने विद्यालय को सुंदर व शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने में हार नहीं मानी। इसमें शिक्षकों का भी सहयोग रहा। इस अंग्रेजी माध्यम स्कूल में लगातार बच्चों की संख्या बढ़ रही है। अभी 134 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को अंग्रेजी में ही शिक्षित किया जा रहा है।
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भोजन करने से पहले बच्चे करते हैं मंत्रोच्चारण
विद्यालय में बच्चे भोजन करने से पहले हाथ जोड़कर मंत्रोच्चरण करते हैं। सभी बच्चों को एक साथ लाइन से बैठाया जाता है। बच्चे भाेजन करने से पहले साबुन से हाथों को साफ करते हैं।
बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए लगातार प्रयास जारी हैं। वर्ष 2018 में तैनाती के बाद से लगातार विद्यालय के शिक्षकों के सहयोग से कार्य किया जा रहा है।
डॉ. रितेश उपाध्याय, प्रधानाध्यापक
विद्यालय में बहुत बेहतर शिक्षा दी जा रही है। पहले गांव के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ने जाते थे। अब अधिकतर बच्चे सरकारी में जा रहे हैं। यहां शिक्षित करने के साथ संस्कारवान भी बनाया जा रहा है।
लोकेंद्र सिंह चौहान, प्रधान प्रतिनिधि