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प्रसूता की मौत पर परिवारीजनों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Mon, 16 May 2016 11:22 PM IST
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लापरवाही का आरोप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने सोमवार को एक प्रसूता की जान ले ली। महिला जिला अस्पताल में रविवार रात भर्ती नहीं करने पर आशा ने गर्भवती को प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। इलाज में लापरवाही के दौरान प्रसूता (38) की मौत हो गई। इसी से गुस्साए मृतका के परिवारीजनों ने हंगामा किया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा शांत कराया। नवजात की हालत भी नाजुक है।
सकीट के गांव नंदपुर वेलामई निवासी विमल कुमार ने बताया कि रविवार रात दस बजे वह अपनी गर्भवती भाभी विनीता पत्नी सुनील को गांव की आशा मुन्नी देवी के साथ महिला जिला अस्पताल पहुंचा। महिला अस्पताल के स्टॉफ ने रात ज्यादा होने के कारण बताते हुए भर्ती करने से इनकार दिया। पीड़ित के अनुसार आशा रात में ही शिकोहाबाद रोड स्थित मोहल्ला बापूनगर स्थित एक गली में चल रहे क्लीनिक पर लेकर पहुंची। जहां सोमवार सुबह करीब छह बजे प्रसूता ने एक बच्चा को जन्म दिया। जिसकी हालत नाजुक होने के कारण उसे प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। प्रसव के दौरान ज्यादा खून बहने से विनीता की हालत बिगड़ी तो परिवारीजनों ने दूसरे क्लीनिक में भर्ती करने की बात कही, लेकिन महिला चिकित्सक ने दूसरे क्लीनिक पर ले जाने नहीं दिया और एक बजे प्रसूता की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे की जानकारी पर थाना प्रभारी शेर सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिवारीजनों को समझा कर शांत कराया। देवर विमल ने महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। थाना प्रभारी ने तहरीर मिलने की पुष्टि की है।
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स्वास्थ्य विभाग बना झोलाछाप के लिए सीढ़ी
एटा। महिला जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी कहे, या फिर कुछ और, स्वास्थ्य विभाग ही झोलाछाप के लिए मददगार बनता दिखाई दे रहा है। अस्पताल में इलाज नहीं करने पर परिवारीजन प्राइवेट क्लीनिकों की तरफ भागते है।
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परिवारीजनों ने थाने में तहरीर दी है। रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया है। महिला चिकित्सक के रजिस्ट्रेशन की जांच कराई जा रही है। यदि बिना रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक चलता मिला तो कार्रवाई होगी।
- आरसी पांडेय, सीएमओ एटा
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सकीट के गांव नंदपुर वेलामई निवासी विमल कुमार ने बताया कि रविवार रात दस बजे वह अपनी गर्भवती भाभी विनीता पत्नी सुनील को गांव की आशा मुन्नी देवी के साथ महिला जिला अस्पताल पहुंचा। महिला अस्पताल के स्टॉफ ने रात ज्यादा होने के कारण बताते हुए भर्ती करने से इनकार दिया। पीड़ित के अनुसार आशा रात में ही शिकोहाबाद रोड स्थित मोहल्ला बापूनगर स्थित एक गली में चल रहे क्लीनिक पर लेकर पहुंची। जहां सोमवार सुबह करीब छह बजे प्रसूता ने एक बच्चा को जन्म दिया। जिसकी हालत नाजुक होने के कारण उसे प्राइवेट चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। प्रसव के दौरान ज्यादा खून बहने से विनीता की हालत बिगड़ी तो परिवारीजनों ने दूसरे क्लीनिक में भर्ती करने की बात कही, लेकिन महिला चिकित्सक ने दूसरे क्लीनिक पर ले जाने नहीं दिया और एक बजे प्रसूता की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे की जानकारी पर थाना प्रभारी शेर सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिवारीजनों को समझा कर शांत कराया। देवर विमल ने महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। थाना प्रभारी ने तहरीर मिलने की पुष्टि की है।
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स्वास्थ्य विभाग बना झोलाछाप के लिए सीढ़ी
एटा। महिला जिला अस्पताल में स्टाफ की कमी कहे, या फिर कुछ और, स्वास्थ्य विभाग ही झोलाछाप के लिए मददगार बनता दिखाई दे रहा है। अस्पताल में इलाज नहीं करने पर परिवारीजन प्राइवेट क्लीनिकों की तरफ भागते है।
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परिवारीजनों ने थाने में तहरीर दी है। रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया है। महिला चिकित्सक के रजिस्ट्रेशन की जांच कराई जा रही है। यदि बिना रजिस्ट्रेशन के क्लीनिक चलता मिला तो कार्रवाई होगी।
- आरसी पांडेय, सीएमओ एटा