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Etah News: सैकड़ों गोवंशों के साथ आए लोगों ने विहिप कार्यकर्ता पर किया हमला
Tue, 23 Jan 2024 11:47 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 23 Jan 2024 11:47 PM IST
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एटा। थाना मलावन क्षेत्र के गांव पिपहरा में मंगलवार की सुबह सैकड़ों गोवंशों के साथ रुके लोगों की जानकारी होने पर विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता पहुंचा। यहां गोवंशों के बारे में जानकारी की गई तो कार्यकर्ता पर हमला कर दिया। बाइक के तार भी काट दिए ताकि भाग नहीं सके, लेकिन चीख पुकार मचाने पर ग्रामीण पहुंचे तो गोवंश लाने वाले भाग गए।
विहिप गोरक्षा प्रमुख लकी सिंह निवासी कासोंन ने बताया कि मंगलवार की सुबह सूचना मिली थी 200 से अधिक गोवंशों को एकत्रित करके लोग पिपहरा गांव के खाली पड़े खेतों में रुके हुए हैं। पहले भरोसा नहीं हुआ, जब बाइक लेकर पहुंचा तो सैकड़ों की संख्या में गोवंश देखे गए। जब गोवंशों को एकत्रित करके रखने वाले लोगों से पूछताछ की गई तो गुमराह करने लगे और हमलावर हो गए, बाइक के तार काट दिए। इसके बाद मुझे लगा कर घिर रहा हूं तो चीख पुकार मचाकर गांव पिपहरा की ओर भागा। गांव की तरफ से भीड़ आई तो मौके पर तमाम सामान छोड़कर भाग गए। तब पुलिस को सूचना दी गई। मौके से 70 गोवंशों को ग्रामीणों की मदद से गोशाला पहुंचाया गया है।
एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बयान जारी कर कहा कि कोटा राजस्थान निवासी कमलाबाई और पप्पूलाल के आधारकार्ड मिले हैं। ग्रामीणों के पूछताछ करने पर यह लोग फरार हो गए हैं, ग्रामीणों के सहयोग से 70 गोवंशों को पकड़ा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
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दो कैंटर गोवंशों को ले जाने की कही गई बात
विहिप पदाधिकारी लकी ने बताया कि मंगलवार के दिन भी गोवंशों को लेकर छानबीन की गई। ग्रामीणों से पता चला कि गोतश्कर सोमवार की रात में करीब 150 गोवंशों को कैंटर में भरकर ले जाया गया है। तस्करी करने के लिए ही आसपास के क्षेत्रों से गोवंशों को एकत्रित किया गया था।
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जिले से ही एकत्रित किए गए गोवंश
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्थान के लोग गो तस्करी करने के लिए महिलाओं को साथ रखते हैं। आसपास के क्षेत्रों और जिले से ही गोवंशों को एकत्रित किया गया। बड़े पैमाने पर गोवंशों की तस्करी होने की आशंका है। पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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इतनी बड़ी संख्या में कहां से आए गोवंश
इस मामले को लेकर पुलिस पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। गांव पिपहरा में राजस्थान से गोवंश नहीं लाए गए, अगर लाए भी गए तो जिले में इतनी बड़ी संख्या में घूम रहे गोवंशों को देख पुलिस ने कोई पूछताछ अथवा कार्रवाई क्यों नहीं की। इससे साफ जाहिर है कि बड़ी संख्या में आसपास से ही गोवंशों को तश्करी करने के लिए एकत्रित किया गया।
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विहिप गोरक्षा प्रमुख लकी सिंह निवासी कासोंन ने बताया कि मंगलवार की सुबह सूचना मिली थी 200 से अधिक गोवंशों को एकत्रित करके लोग पिपहरा गांव के खाली पड़े खेतों में रुके हुए हैं। पहले भरोसा नहीं हुआ, जब बाइक लेकर पहुंचा तो सैकड़ों की संख्या में गोवंश देखे गए। जब गोवंशों को एकत्रित करके रखने वाले लोगों से पूछताछ की गई तो गुमराह करने लगे और हमलावर हो गए, बाइक के तार काट दिए। इसके बाद मुझे लगा कर घिर रहा हूं तो चीख पुकार मचाकर गांव पिपहरा की ओर भागा। गांव की तरफ से भीड़ आई तो मौके पर तमाम सामान छोड़कर भाग गए। तब पुलिस को सूचना दी गई। मौके से 70 गोवंशों को ग्रामीणों की मदद से गोशाला पहुंचाया गया है।
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एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बयान जारी कर कहा कि कोटा राजस्थान निवासी कमलाबाई और पप्पूलाल के आधारकार्ड मिले हैं। ग्रामीणों के पूछताछ करने पर यह लोग फरार हो गए हैं, ग्रामीणों के सहयोग से 70 गोवंशों को पकड़ा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
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दो कैंटर गोवंशों को ले जाने की कही गई बात
विहिप पदाधिकारी लकी ने बताया कि मंगलवार के दिन भी गोवंशों को लेकर छानबीन की गई। ग्रामीणों से पता चला कि गोतश्कर सोमवार की रात में करीब 150 गोवंशों को कैंटर में भरकर ले जाया गया है। तस्करी करने के लिए ही आसपास के क्षेत्रों से गोवंशों को एकत्रित किया गया था।
जिले से ही एकत्रित किए गए गोवंश
ग्रामीणों का कहना है कि राजस्थान के लोग गो तस्करी करने के लिए महिलाओं को साथ रखते हैं। आसपास के क्षेत्रों और जिले से ही गोवंशों को एकत्रित किया गया। बड़े पैमाने पर गोवंशों की तस्करी होने की आशंका है। पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इतनी बड़ी संख्या में कहां से आए गोवंश
इस मामले को लेकर पुलिस पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। गांव पिपहरा में राजस्थान से गोवंश नहीं लाए गए, अगर लाए भी गए तो जिले में इतनी बड़ी संख्या में घूम रहे गोवंशों को देख पुलिस ने कोई पूछताछ अथवा कार्रवाई क्यों नहीं की। इससे साफ जाहिर है कि बड़ी संख्या में आसपास से ही गोवंशों को तश्करी करने के लिए एकत्रित किया गया।